उज्ज्वला योजना में सब्सिडी सिलेंडर 9 से घटाकर 4 किए: हरदीप पुरी ने बताई एलपीजी दुरुपयोग की वजह
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बुधवार, 10 जून को स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों की वार्षिक सीमा 9 से घटाकर 4 करने का निर्णय कुछ लाभार्थियों द्वारा सब्सिडी वाले सिलेंडरों के व्यावसायिक दुरुपयोग के ठोस साक्ष्य के आधार पर लिया गया। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों को वास्तव में साल में चार से अधिक सिलेंडर की जरूरत नहीं है, उन्हें अतिरिक्त रियायती रिफिल देना उचित नहीं है।
मंत्री ने क्या कहा
पुरी ने कहा, 'आज सुबह से ही इस बात पर काफी चर्चा हो रही है कि हमने उज्ज्वला सिलेंडर्स की संख्या नौ से घटाकर चार कर दी है। लेकिन अगर आपको चार से अधिक सिलेंडर्स की जरूरत नहीं है, तो आपको और सिलेंडरों की क्या जरूरत होगी?'
उन्होंने आगे कहा, 'हमें भरोसेमंद जानकारी मिली थी कि हमारे कई उज्ज्वला लाभार्थियों को असल में सिलेंडर की जरूरत नहीं थी। वे सिलेंडर ले रहे थे और या तो उसे कमर्शियल इस्तेमाल के लिए बेच रहे थे, या कहीं और इस्तेमाल कर रहे थे, या फिर किसी और को अधिक दाम पर दे रहे थे।'
फैसले की पृष्ठभूमि
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों — विशेषकर ग्रामीण महिलाओं — को स्वच्छ खाना पकाने का ईंधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। योजना के तहत मुफ्त एलपीजी कनेक्शन और रियायती दरों पर रिफिल दी जाती है। सरकार ने यह कदम योजना के उपयोग के पैटर्न का विश्लेषण करने और दुरुपयोग के मामलों की पहचान करने के बाद उठाया।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब सरकारी कल्याण योजनाओं में लीकेज रोकने के लिए पात्रता मानदंड कड़े किए गए हों। यह कदम ऐसे समय में आया है जब सब्सिडी के बोझ को तर्कसंगत बनाने की व्यापक नीति पर बहस जारी है।
राजनीतिक संदर्भ
बातचीत के दौरान पुरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासन मॉडल की प्रशंसा करते हुए कहा कि विपक्ष को विकास-केंद्रित दृष्टिकोण को समझना और अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मतदाताओं ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) को बार-बार इसलिए समर्थन दिया है क्योंकि वे सरकार को जमीनी स्तर पर काम करने वाली सरकार के रूप में देखते हैं।
आम जनता पर असर
इस बदलाव का सीधा असर उन करोड़ों उज्ज्वला लाभार्थियों पर पड़ेगा जो अब तक सालाना 9 सब्सिडी वाले सिलेंडर पाने के हकदार थे। जिन परिवारों की वास्तविक जरूरत चार से अधिक सिलेंडर की है, उन्हें पाँचवें सिलेंडर से बाजार दर पर भुगतान करना होगा। सरकार का तर्क है कि वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को इस बदलाव से कोई नुकसान नहीं होगा।
आगे क्या
सरकार की ओर से अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि दुरुपयोग की पहचान के लिए किस तकनीकी या प्रशासनिक तंत्र का उपयोग किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि योजना की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए पारदर्शी डेटा और स्वतंत्र सत्यापन जरूरी होगा।