26 जुलाई 2026
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उज्ज्वला योजना में सब्सिडी सिलेंडर 9 से घटाकर 4 किए: हरदीप पुरी ने बताई एलपीजी दुरुपयोग की वजह

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उज्ज्वला योजना में सब्सिडी सिलेंडर 9 से घटाकर 4 किए: हरदीप पुरी ने बताई एलपीजी दुरुपयोग की वजह

सारांश

उज्ज्वला योजना में सब्सिडी सिलेंडर की सीमा 9 से घटाकर 4 करने पर विवाद के बीच मंत्री हरदीप पुरी ने कमर्शियल दुरुपयोग के साक्ष्य का हवाला दिया। यह फैसला करोड़ों गरीब लाभार्थियों को सीधे प्रभावित करता है और सब्सिडी तर्कसंगतता की बड़ी बहस को नई धार देता है।

मुख्य बातें

केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों की वार्षिक सीमा 9 से घटाकर 4 कर दी है।
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि कुछ लाभार्थी सिलेंडर कमर्शियल उपयोग के लिए बेच रहे थे या अधिक दाम पर दे रहे थे।
सरकार ने यह निर्णय उपयोग पैटर्न के विश्लेषण और दुरुपयोग की पहचान के बाद लिया।
जिन परिवारों को चार से अधिक सिलेंडर चाहिए, उन्हें बाजार दर पर भुगतान करना होगा।
दुरुपयोग की पहचान के लिए अपनाए गए तकनीकी तंत्र का सरकार ने अभी विस्तृत ब्यौरा नहीं दिया है।

केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बुधवार, 10 जून को स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों की वार्षिक सीमा 9 से घटाकर 4 करने का निर्णय कुछ लाभार्थियों द्वारा सब्सिडी वाले सिलेंडरों के व्यावसायिक दुरुपयोग के ठोस साक्ष्य के आधार पर लिया गया। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों को वास्तव में साल में चार से अधिक सिलेंडर की जरूरत नहीं है, उन्हें अतिरिक्त रियायती रिफिल देना उचित नहीं है।

मंत्री ने क्या कहा

पुरी ने कहा, 'आज सुबह से ही इस बात पर काफी चर्चा हो रही है कि हमने उज्ज्वला सिलेंडर्स की संख्या नौ से घटाकर चार कर दी है। लेकिन अगर आपको चार से अधिक सिलेंडर्स की जरूरत नहीं है, तो आपको और सिलेंडरों की क्या जरूरत होगी?'

उन्होंने आगे कहा, 'हमें भरोसेमंद जानकारी मिली थी कि हमारे कई उज्ज्वला लाभार्थियों को असल में सिलेंडर की जरूरत नहीं थी। वे सिलेंडर ले रहे थे और या तो उसे कमर्शियल इस्तेमाल के लिए बेच रहे थे, या कहीं और इस्तेमाल कर रहे थे, या फिर किसी और को अधिक दाम पर दे रहे थे।'

फैसले की पृष्ठभूमि

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों — विशेषकर ग्रामीण महिलाओं — को स्वच्छ खाना पकाने का ईंधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। योजना के तहत मुफ्त एलपीजी कनेक्शन और रियायती दरों पर रिफिल दी जाती है। सरकार ने यह कदम योजना के उपयोग के पैटर्न का विश्लेषण करने और दुरुपयोग के मामलों की पहचान करने के बाद उठाया।

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब सरकारी कल्याण योजनाओं में लीकेज रोकने के लिए पात्रता मानदंड कड़े किए गए हों। यह कदम ऐसे समय में आया है जब सब्सिडी के बोझ को तर्कसंगत बनाने की व्यापक नीति पर बहस जारी है।

राजनीतिक संदर्भ

बातचीत के दौरान पुरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासन मॉडल की प्रशंसा करते हुए कहा कि विपक्ष को विकास-केंद्रित दृष्टिकोण को समझना और अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मतदाताओं ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) को बार-बार इसलिए समर्थन दिया है क्योंकि वे सरकार को जमीनी स्तर पर काम करने वाली सरकार के रूप में देखते हैं।

आम जनता पर असर

इस बदलाव का सीधा असर उन करोड़ों उज्ज्वला लाभार्थियों पर पड़ेगा जो अब तक सालाना 9 सब्सिडी वाले सिलेंडर पाने के हकदार थे। जिन परिवारों की वास्तविक जरूरत चार से अधिक सिलेंडर की है, उन्हें पाँचवें सिलेंडर से बाजार दर पर भुगतान करना होगा। सरकार का तर्क है कि वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को इस बदलाव से कोई नुकसान नहीं होगा।

आगे क्या

सरकार की ओर से अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि दुरुपयोग की पहचान के लिए किस तकनीकी या प्रशासनिक तंत्र का उपयोग किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि योजना की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए पारदर्शी डेटा और स्वतंत्र सत्यापन जरूरी होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उज्ज्वला योजना में सब्सिडी सिलेंडर की संख्या क्यों घटाई गई?
केंद्र सरकार ने वार्षिक सब्सिडी सिलेंडर की सीमा 9 से घटाकर 4 इसलिए की क्योंकि कुछ लाभार्थी सिलेंडर कमर्शियल कामों के लिए बेच रहे थे या अधिक दाम पर दूसरों को दे रहे थे। मंत्री हरदीप सिंह पुरी के अनुसार यह निर्णय भरोसेमंद साक्ष्य के आधार पर लिया गया।
उज्ज्वला योजना क्या है और इससे कौन लाभान्वित होता है?
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन और रियायती दरों पर रिफिल देकर स्वच्छ खाना पकाने का ईंधन उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई थी। इसका मुख्य लाभ ग्रामीण और गरीब परिवारों, विशेषकर महिलाओं को मिलता है।
अब उज्ज्वला लाभार्थियों को साल में कितने सब्सिडी सिलेंडर मिलेंगे?
नई व्यवस्था के तहत उज्ज्वला लाभार्थियों को अब सालाना केवल 4 सब्सिडी वाले सिलेंडर मिलेंगे, जबकि पहले यह संख्या 9 थी। चार से अधिक सिलेंडर की जरूरत पड़ने पर बाजार दर पर भुगतान करना होगा।
क्या यह बदलाव वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को नुकसान पहुँचाएगा?
मंत्री पुरी का तर्क है कि जिन परिवारों को वास्तव में चार से अधिक सिलेंडर की जरूरत नहीं है, उन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। हालाँकि बड़े परिवारों या ठंडे क्षेत्रों के लाभार्थियों पर इसके असर को लेकर चिंताएँ बनी हुई हैं और सरकार ने अभी तक विस्तृत सुरक्षा तंत्र का खुलासा नहीं किया है।
सरकार ने एलपीजी दुरुपयोग की पहचान कैसे की?
मंत्री पुरी ने कहा कि सरकार को 'भरोसेमंद जानकारी' मिली थी कि कई लाभार्थी सिलेंडर कमर्शियल उपयोग के लिए बेच रहे थे या अधिक दाम पर दे रहे थे। हालाँकि दुरुपयोग की पहचान के लिए अपनाए गए विशेष तकनीकी या प्रशासनिक तंत्र का सार्वजनिक विवरण अभी तक नहीं दिया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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