एलपीजी पर 29 रुपये की बढ़ोतरी असल में प्रतिदिन 30 पैसे: हरदीप सिंह पुरी का विपक्ष पर पलटवार
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 10 जून को स्पष्ट किया कि एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये की वृद्धि का वास्तविक बोझ उज्ज्वला लाभार्थियों पर प्रतिदिन महज 30 पैसे पड़ता है, और पेट्रोल में वास्तविक बढ़ोतरी केवल 7.60 रुपये रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष आँकड़ों को तोड़-मरोड़कर जनता में भ्रम फैला रहा है।
पेट्रोल मूल्य वृद्धि का असली हिसाब
मंत्री पुरी ने बताया कि पेट्रोल की कुल बढ़ोतरी में से 10 रुपये एक्साइज ड्यूटी कटौती में अवशोषित हो गए, जिससे उपभोक्ता पर वास्तविक भार केवल 7.60 रुपये प्रति लीटर रहा। उनके अनुसार यह राहत सरकार की ओर से एक सोची-समझी नीतिगत प्रतिक्रिया थी, जो अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच दी गई।
एलपीजी बढ़ोतरी की गणना
मंत्री ने उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के संदर्भ में विस्तृत गणना प्रस्तुत की। उनके अनुसार उज्ज्वला लाभार्थी औसतन एक सिलेंडर तीन महीने में उपयोग करते हैं। इस हिसाब से 29 रुपये को तीन से विभाजित करने पर प्रति माह साढ़े नौ रुपये की बढ़ोतरी बनती है, और इसे 30 दिनों से विभाजित करने पर यह राशि घटकर 30 पैसे प्रतिदिन रह जाती है। उन्होंने कहा कि जीवनयापन की कुल लागत और मौजूदा महंगाई के अनुपात में यह वृद्धि नगण्य है।
सब्सिडी ढाँचा और चार सिलेंडर की सीमा
मंत्री ने बताया कि वर्तमान में 10 करोड़ 55 लाख उज्ज्वला लाभार्थी हैं, जिन्हें डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सब्सिडी सीधे बैंक खाते में मिलती है। प्रति सिलेंडर करीब 700 रुपये की सब्सिडी दी जाती है; बिना सब्सिडी के सिलेंडर की कीमत 1,600 रुपये होती, जबकि लाभार्थियों को यह 700 से 945 रुपये के बीच मिलता है।
चार सिलेंडर तक की सीमा पर सफाई देते हुए पुरी ने कहा कि विश्वसनीय जानकारी के आधार पर यह पाया गया था कि कुछ लाभार्थी अतिरिक्त सिलेंडर कमर्शियल उपयोग के लिए डायवर्ट कर रहे थे। पाँचवाँ सिलेंडर त्योहार या विशेष आवश्यकता पर बाज़ार मूल्य पर, यानी 300 रुपये अतिरिक्त देकर लिया जा सकता है।
विपक्ष पर सीधा निशाना
मंत्री ने कहा कि कुछ समाचार चैनल और विपक्षी दल 29 रुपये की बढ़ोतरी को संदर्भ से बाहर पेश कर जनता को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि करदाताओं का पैसा अनावश्यक सब्सिडी में क्यों जाना चाहिए, जबकि सरकार पहले से ही महामारी के दौरान शुरू की गई मुफ्त राशन योजना — दिन में तीन समय — अब भी जारी रखे हुए है।
आगे की राह
पुरी ने आश्वासन दिया कि अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में उथल-पुथल के बावजूद सरकार स्थिति को संतुलित तरीके से संभालती रहेगी। उन्होंने कहा कि यदि कीमतें अत्यधिक बढ़ती हैं तो उचित नीतिगत कदम उठाए जाएंगे। यह बयान ऐसे समय आया है जब वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें अस्थिर बनी हुई हैं और घरेलू ईंधन मूल्य नीति राजनीतिक बहस के केंद्र में है।