22 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

एलपीजी ₹29 महंगी: BJP नेताओं ने वैश्विक संकट को बताया वजह, जल्द राहत का भरोसा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
एलपीजी ₹29 महंगी: BJP नेताओं ने वैश्विक संकट को बताया वजह, जल्द राहत का भरोसा

सारांश

एलपीजी में ₹29 की बढ़ोतरी के बाद BJP और सहयोगी दलों के नेताओं ने एकसुर में वैश्विक ऊर्जा संकट को जिम्मेदार ठहराया। केंद्रीय मंत्री शेखावत से लेकर JDU प्रवक्ता तक — सबने कहा, भारत फिर भी दुनिया से बेहतर स्थिति में है और यह समस्या अस्थायी है।

मुख्य बातें

घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में ₹29 की बढ़ोतरी की गई है।
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा — वैश्विक स्तर पर पेट्रोलियम उत्पादों के दाम 30 से 130 फीसदी तक बढ़े हैं।
BJP नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने इसे अस्थायी समस्या बताया, स्थायी मुद्दा मानने से इनकार किया।
बिहार मंत्री संतोष कुमार सुमन ने भरोसा दिलाया कि प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री समाधान की दिशा में काम करेंगे।
NCBC अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा — भारत तुलनात्मक रूप से स्थिर और मजबूत स्थिति में है।

घरेलू रसोई गैस सिलेंडर (एलपीजी) की कीमतों में ₹29 की बढ़ोतरी पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने सफाई देते हुए इसे वैश्विक ऊर्जा संकट का परिणाम बताया है। नेताओं का कहना है कि अन्य देशों की तुलना में भारत में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें अभी भी कम हैं और स्थिति जल्द सामान्य होने की उम्मीद है।

केंद्रीय मंत्री शेखावत का बयान

राजस्थान के जोधपुर में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा, 'वैश्विक चुनौतियों के कारण ऐसा संकट उत्पन्न हुआ है। अगर हम विश्व स्तर पर देखें तो पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें 30 से 130 फीसदी तक बढ़ गई हैं। एलपीजी और सीएनजी की कीमतें 30 से 300 फीसदी तक बढ़ गई हैं।' उन्होंने जोड़ा कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला बाधित होने से भारत भी प्रभावित हुआ है, हालाँकि देश में पेट्रोलियम पदार्थों की कोई कमी नहीं है।

नकवी और साध्वी निरंजन ज्योति की प्रतिक्रिया

BJP नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि दुनिया बड़े संकटों और चुनौतियों के दौर से गुजर रही है और युद्ध का प्रभाव किसी भी देश के लिए नजरअंदाज करना संभव नहीं। उन्होंने कहा, 'मेरा मानना है कि यह एक अस्थायी समस्या है और इसे स्थायी मुद्दा नहीं माना जाना चाहिए।' छत्तीसगढ़ के रायपुर में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि संघर्षग्रस्त कई विकसित देशों में वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है, जबकि 'तुलनात्मक रूप से भारत अपेक्षाकृत स्थिर है और हर क्षेत्र में मजबूती से खड़ा है।'

सहयोगी दलों की आवाज़

बिहार सरकार के मंत्री संतोष कुमार सुमन ने कहा कि एलपीजी की कीमतों में ₹29 की बढ़ोतरी वैश्विक कारकों और अंतरराष्ट्रीय रुझानों से जुड़ी है। उन्होंने भरोसा जताया कि प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री स्थिति को संतुलित करने के लिए समाधान की दिशा में काम करेंगे। पटना में जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने भी स्वीकार किया कि भारतीय नागरिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं, लेकिन विश्व के कई हिस्सों में हालात और भी गंभीर हैं।

आम जनता पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब महँगाई पहले से ही आम परिवारों के बजट पर दबाव डाल रही है। रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी सीधे तौर पर मध्यमवर्गीय और निम्न-आय परिवारों को प्रभावित करती है, विशेषकर उन्हें जो उज्ज्वला योजना के लाभार्थी हैं। गौरतलब है कि यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है।

आगे क्या होगा

BJP नेताओं के बयानों से स्पष्ट है कि सरकार इस बढ़ोतरी को अपरिहार्य मानती है, लेकिन इसे अस्थायी भी बता रही है। आलोचकों का कहना है कि केवल वैश्विक कारणों का हवाला देना पर्याप्त नहीं है — सरकार को ठोस राहत उपायों की घोषणा करनी चाहिए। आने वाले दिनों में सरकार की ओर से कोई नीतिगत राहत की घोषणा संभव मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह पूरी तस्वीर नहीं है — भारत में पेट्रोलियम पर टैक्स संरचना ऐतिहासिक रूप से ऊँची रही है, जो वैश्विक कीमतों के गिरने पर भी उपभोक्ताओं को पूरा फायदा नहीं पहुँचने देती। 'अस्थायी समस्या' का आश्वासन तब तक अधूरा है जब तक कोई समयसीमा या राहत तंत्र न बताया जाए। उज्ज्वला योजना के करोड़ों लाभार्थियों के लिए ₹29 की बढ़ोतरी सांख्यिकीय रूप से छोटी दिख सकती है, लेकिन व्यावहारिक रूप से यह मासिक बजट पर सीधा बोझ है — और यह राजनीतिक संवेदनशीलता सत्तापक्ष के बचाव में स्पष्ट झलकती है।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एलपीजी सिलेंडर के दाम कितने बढ़े हैं?
घरेलू रसोई गैस सिलेंडर (एलपीजी) की कीमत में ₹29 की बढ़ोतरी की गई है। यह बढ़ोतरी वैश्विक ऊर्जा संकट और अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान के कारण बताई जा रही है।
BJP ने एलपीजी मूल्य वृद्धि को सही क्यों ठहराया?
BJP नेताओं ने तर्क दिया कि वैश्विक स्तर पर पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें 30 से 130 फीसदी तक बढ़ी हैं, जबकि भारत में बढ़ोतरी अपेक्षाकृत कम है। नेताओं ने इसे अस्थायी समस्या बताते हुए जल्द राहत का भरोसा दिलाया।
क्या एलपीजी की कीमतें जल्द कम होंगी?
बिहार सरकार के मंत्री संतोष कुमार सुमन और BJP नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा है कि यह अस्थायी स्थिति है और प्रधानमंत्री व वित्त मंत्री समाधान की दिशा में काम करेंगे। हालाँकि, कोई ठोस समयसीमा या राहत पैकेज अभी घोषित नहीं किया गया है।
इस मूल्य वृद्धि से आम जनता पर क्या असर पड़ेगा?
₹29 की बढ़ोतरी सीधे मध्यमवर्गीय और निम्न-आय परिवारों के मासिक बजट को प्रभावित करेगी। उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों पर इसका असर विशेष रूप से महसूस किया जाएगा।
भारत में एलपीजी की कीमतें दुनिया के अन्य देशों से कैसे तुलना करती हैं?
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के अनुसार, वैश्विक स्तर पर एलपीजी और सीएनजी की कीमतें 30 से 300 फीसदी तक बढ़ी हैं, जबकि भारत में बढ़ोतरी इससे काफी कम है। साध्वी निरंजन ज्योति ने भी कहा कि भारत तुलनात्मक रूप से स्थिर स्थिति में है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 4 महीने पहले