एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि पर जनता की चिंता, गरीबों का क्या होगा?
सारांश
Key Takeaways
- एलपीजी सिलेंडर की कीमतें बढ़ी हैं।
- महंगाई से गरीब सबसे अधिक प्रभावित होंगे।
- लोगों ने सरकार से उपायों की मांग की है।
- अंतरराष्ट्रीय संघर्ष का आर्थिक प्रभाव पड़ा है।
- महिलाओं की चिंता से स्पष्ट है कि रसोई के खर्च बढ़ेंगे।
नई दिल्ली, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। शनिवार को एलपीजी के दामों में बढ़ोतरी की गई है। घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपए और कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 114.5 रुपए का इजाफा किया गया है। एलपीजी की कीमतों में वृद्धि पर लोगों के प्रतिक्रिया सामने आ रही है।
दिल्ली के एक निवासी ने राष्ट्र प्रेस से कहा कि महंगाई पर नियंत्रण लगाना चाहिए। हर दिन किसी न किसी चीज़ की कीमतें बढ़ रही हैं, जिससे आम जनता की परेशानी बढ़ रही है। महंगाई पर काबू पाने के लिए कोई उपाय होना चाहिए। दिल्ली की एक महिला ने बताया कि गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने से उन्हें बहुत समस्या हो रही है।
अंबाला की निवासी प्रेम लता का कहना है कि इस संघर्ष के कारण हमें दिक्कत हो रही है। सिलेंडर की कीमत बढ़ने से हर चीज महंगी हो गई है। गरीबों का क्या होगा? लड़ाई तो वहीं चल रही है, जबकि महंगाई हमारे घरों में हो रही है।
कंचन हीरा ने बताया कि आज सिलेंडर के दाम बढ़ने का कारण पिछले सात दिनों से अमेरिका-इजरायल का ईरान पर हमला है। इस संघर्ष से विश्व स्तर पर महंगाई का असर पड़ेगा।
पुणे की एक महिला ने कहा कि इस अचानक हुई बढ़ोतरी ने उन्हें चौंका दिया है। इसे कम से कम सीमित किया जाना चाहिए, क्योंकि इस तरह की अचानक वृद्धि से आम परिवारों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
पुणे की ही एक और महिला ने कहा कि गैस की बढ़ती कीमतें किसी के लिए भी अच्छी नहीं हैं। इससे हर गृहिणी और हर परिवार पर असर पड़ेगा, क्योंकि रसोई खर्च बढ़ जाएंगे। इसके साथ ही, रेस्तरां में भी दाम बढ़ेंगे।
पुणे की पूजा गिरी ने कहा कि सरकार ने एलपीजी सिलेंडरों की कीमतें बढ़ा दी हैं और इसका असर सभी पर पड़ेगा। गरीब सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे, लेकिन मध्यम वर्ग पर भी इसका असर होगा।
रांची के राकेश मिश्रा ने राष्ट्र प्रेस से कहा कि जितनी जल्दी हो सके, स्थिति सामान्य हो जाए। इससे जनता की जेब पर भार
गैस सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि का कारण अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहा संघर्ष है। विशेषज्ञों का कहना है कि हाल में वैश्विक ऊर्जा कीमतों में तेजी मध्य पूर्व में सैन्य तनाव के बढ़ने के बाद आई है। इस संघर्ष ने ऊर्जा बाजार को प्रभावित किया है और वैश्विक तेल और गैस मार्गों में आपूर्ति स्थिरता को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।