भारत में LPG दुनिया में सबसे सस्ती, विपक्ष का शोर निराधार: BJP का पलटवार
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 7 जून को घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हालिया ₹29 की बढ़ोतरी पर विपक्ष की आलोचना को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि भारतीय उपभोक्ताओं को अभी भी दुनिया में सबसे कम दरों पर रसोई गैस मिल रही है। पार्टी ने तर्क दिया कि वैश्विक ऊर्जा संकट के बावजूद सरकार ने आम परिवारों को राहत देने के लिए भारी अंडर-रिकवरी का बोझ स्वयं उठाया है।
मूल्य वृद्धि की पृष्ठभूमि
यह बढ़ोतरी पिछले तीन महीनों में दूसरी बार हुई है। सरकारी तेल विपणन कंपनियाँ बढ़ती वैश्विक ऊर्जा लागत के दबाव में हैं। BJP आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, 'हर बार जब एलपीजी की कीमतों में थोड़ा बदलाव होता है, विपक्ष शोर मचाता है। वे यह नजरअंदाज करते हैं कि भारतीय घरों को अभी भी दुनिया में सबसे कम कीमतों पर रसोई गैस मिल रही है।'
भारत बनाम दुनिया: कीमतों की तुलना
मालवीय द्वारा प्रस्तुत आँकड़ों के अनुसार, 14.2 किलो के सिलेंडर की अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति लागत अब ₹1,600 से अधिक हो गई है, जबकि सामान्य भारतीय उपभोक्ता केवल ₹942 चुकाता है — बाजार मूल्य से लगभग ₹700 कम। पड़ोसी देशों में तुलनात्मक कीमतें इस प्रकार हैं: पाकिस्तान (₹1,046), नेपाल (₹1,207), बांग्लादेश (₹1,225), और श्रीलंका (₹1,241)। विकसित देशों में यही सिलेंडर अमेरिका में ₹1,755, ऑस्ट्रेलिया में ₹1,765 और कनाडा में ₹2,411 के बराबर पड़ता है।
उज्ज्वला योजना लाभार्थियों को विशेष राहत
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को प्रति सिलेंडर ₹300 सीधे बैंक खाते में मिलते हैं, जिससे उनकी प्रभावी कीमत मात्र ₹642 रह जाती है। मालवीय के अनुसार, इस योजना से 10.58 करोड़ से अधिक परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। उज्ज्वला उपभोक्ता अंतरराष्ट्रीय कीमतों से लगभग 60 प्रतिशत कम और सामान्य उपभोक्ता लगभग 45 प्रतिशत कम दर पर एलपीजी प्राप्त कर रहे हैं।
वैश्विक संकट और अंडर-रिकवरी
मालवीय ने बताया कि फरवरी के बाद से वैश्विक एलपीजी कीमतें लगभग 46 प्रतिशत बढ़ी हैं, जिसकी मुख्य वजह पश्चिम एशिया में व्यवधान और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़ी समस्याएँ हैं। उनके दावे के अनुसार, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों और केंद्र सरकार ने इस बोझ को उपभोक्ताओं पर डालने के बजाय स्वयं वहन किया है, जिससे कुल 'अंडर-रिकवरी' लगभग ₹60,000 करोड़ तक पहुँच गई है।
BJP का मुख्य तर्क
पार्टी ने स्पष्ट किया कि असली सवाल यह नहीं है कि मामूली बढ़ोतरी क्यों हुई, बल्कि यह है कि वैश्विक ऊर्जा संकट के बावजूद सरकार रसोई गैस को इतना किफायती कैसे बनाए रखने में सफल रही। BJP ने यह भी रेखांकित किया कि भारत ने वैश्विक अस्थिरता के बीच एलपीजी आपूर्ति को बाधित नहीं होने दिया, घरेलू उत्पादन बढ़ाया और आयात स्रोतों को विविधीकृत किया। विपक्ष की आलोचना को पार्टी ने 'तथ्यहीन शोर' करार दिया।