भारत में LPG सबसे सस्ती: अमित मालवीय ने आंकड़ों से विपक्ष को दिया करारा जवाब
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रभारी अमित मालवीय ने 7 जून 2026 को एलपीजी सिलेंडर की कीमतों को लेकर विपक्ष के आरोपों पर तथ्यात्मक पलटवार किया। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट के ज़रिए भारत और अन्य देशों में रसोई गैस की कीमतों का तुलनात्मक विवरण साझा करते हुए दावा किया कि वैश्विक ऊर्जा संकट के बावजूद भारत में एलपीजी दुनिया के सबसे सस्ते दामों में उपलब्ध है।
मालवीय के दावे: क्या कहते हैं आंकड़े
मालवीय ने अपनी पोस्ट में कहा, 'हर बार जब एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में मामूली वृद्धि होती है, विपक्ष हंगामा खड़ा कर देता है। लेकिन वह यह नहीं बताता कि आज भी भारत में रसोई गैस दुनिया के सबसे सस्ते दामों में उपलब्ध है।' उनके अनुसार, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थी 14.2 किलोग्राम का सिलेंडर प्रभावी रूप से मात्र ₹642 में प्राप्त करते हैं, जबकि इसकी वास्तविक अंतरराष्ट्रीय लागत ₹1,600 से अधिक हो चुकी है। सामान्य उपभोक्ता भी ₹942 में सिलेंडर खरीद रहा है, जो वास्तविक लागत से लगभग ₹700 कम है।
पड़ोसी और विकसित देशों से तुलना
मालवीय ने पड़ोसी देशों में एलपीजी की कीमतों का हवाला देते हुए बताया कि पाकिस्तान में यह ₹1,046, नेपाल में ₹1,207, बांग्लादेश में ₹1,225 और श्रीलंका में ₹1,241 है। विकसित देशों में स्थिति और भी महंगी है — अमेरिका में ₹1,755, ऑस्ट्रेलिया में ₹1,765 और कनाडा में ₹2,411 प्रति सिलेंडर। यह तुलना भारत सरकार के सब्सिडी बोझ को रेखांकित करती है।
वैश्विक संकट और अंडर-रिकवरी का बोझ
BJP नेता ने बताया कि पश्चिम एशिया संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान के कारण फरवरी से जून के बीच एलपीजी की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में लगभग 46 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उनका दावा है कि भारत अपनी ज़रूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, फिर भी सरकार ने यह बोझ सीधे उपभोक्ताओं पर नहीं डाला। घरेलू एलपीजी पर अंडर-रिकवरी का कुल बोझ लगभग ₹60,000 करोड़ तक पहुँच चुका है, जिसे सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियाँ वहन कर रही हैं।
उज्ज्वला लाभार्थियों को विशेष राहत
10.58 करोड़ से अधिक उज्ज्वला लाभार्थियों को प्रति सिलेंडर ₹300 की प्रत्यक्ष सहायता भी दी जा रही है। मालवीय के अनुसार, उज्ज्वला लाभार्थी अंतरराष्ट्रीय कीमत की तुलना में लगभग 60 प्रतिशत कम कीमत पर गैस प्राप्त कर रहे हैं, जबकि सामान्य उपभोक्ता भी अंतरराष्ट्रीय कीमत से लगभग 45 प्रतिशत कम भुगतान कर रहा है।
आपूर्ति बाधित नहीं हुई
मालवीय ने यह भी दावा किया कि वैश्विक संकट के बावजूद भारत में न तो गैस की कमी हुई और न ही आपूर्ति बाधित हुई। उनके अनुसार, सरकार ने उत्पादन बढ़ाया, वैकल्पिक स्रोतों से आयात सुनिश्चित किया और देशभर में निर्बाध आपूर्ति बनाए रखी। विपक्ष की आलोचना पर उनका कहना था कि असली सवाल कीमत में मामूली वृद्धि का नहीं, बल्कि यह है कि वैश्विक ऊर्जा उथल-पुथल के बीच सरकार ने करोड़ों परिवारों को इतनी सस्ती रसोई गैस कैसे उपलब्ध कराई।