25 जुलाई 2026
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उज्ज्वला योजना: सब्सिडी वाले LPG सिलेंडर सालाना 9 से घटाकर 4 किए, वैश्विक कीमतों का दबाव

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उज्ज्वला योजना: सब्सिडी वाले LPG सिलेंडर सालाना 9 से घटाकर 4 किए, वैश्विक कीमतों का दबाव

सारांश

उज्ज्वला योजना के तहत मिलने वाले सब्सिडी वाले LPG सिलेंडर अब साल में 9 की जगह सिर्फ 4 मिलेंगे। वैश्विक कीमतों में 46% उछाल और प्रति सिलेंडर ₹700 के घाटे के बीच सरकार का यह फैसला करोड़ों ग़रीब परिवारों की रसोई पर सीधा असर डालेगा।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत सब्सिडी वाले LPG सिलेंडर प्रति वर्ष 9 से घटाकर 4 कर दिए गए हैं।
प्रति परिवार वार्षिक सब्सिडी सहायता अब ₹1,200 (₹300 × 4 सिलेंडर) तक सीमित।
नई दिल्ली में PMUY उपभोक्ता ₹642 में सिलेंडर पाते हैं; सामान्य उपभोक्ताओं के लिए यही ₹942 है।
घरेलू LPG आपूर्ति लागत ₹1,600 प्रति सिलेंडर से अधिक; तेल कंपनियाँ हर सिलेंडर पर ₹700 घाटे में।
सऊदी अनुबंध मूल्य (CP) फरवरी से लगभग 46% बढ़ा; पिछले सप्ताह कीमतों में ₹29 प्रति सिलेंडर की वृद्धि हो चुकी है।

केंद्र सरकार ने 8 जून 2026 को घोषणा की कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत मिलने वाले सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों की संख्या प्रति वर्ष नौ से घटाकर चार कर दी गई है। वैश्विक ईंधन कीमतों में तीव्र उछाल और तेल विपणन कंपनियों के बढ़ते घाटे के चलते सरकार ने यह कदम सब्सिडी लागत पर अंकुश लगाने के लिए उठाया है। इस बदलाव से प्रति परिवार वार्षिक सब्सिडी सहायता प्रभावी रूप से ₹1,200 तक सीमित हो जाएगी।

नई व्यवस्था में क्या बदला

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव प्रवीण खानूजा ने मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि पात्र PMUY लाभार्थियों को 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर पर ₹300 की सब्सिडी मिलती रहेगी, लेकिन यह सुविधा अब केवल वर्ष में पहले चार रिफिल तक ही मान्य होगी। पाँचवें सिलेंडर से लाभार्थी को बाज़ार मूल्य पर खरीदना होगा।

वर्तमान में नई दिल्ली में PMUY उपभोक्ता 14.2 किलोग्राम का सिलेंडर ₹642 में खरीद रहे हैं, जबकि सामान्य उपभोक्ताओं के लिए यही सिलेंडर ₹942 का है। खानूजा ने स्पष्ट किया कि गैर-उज्ज्वला उपभोक्ताओं को भी सरकारी हस्तक्षेप के ज़रिए वैश्विक दरों के पूर्ण प्रभाव से बचाया जा रहा है।

घाटे की असली वजह

मंत्रालय के अनुसार, घरेलू एलपीजी आपूर्ति की लागत बढ़कर प्रति सिलेंडर ₹1,600 से अधिक हो चुकी है। तेल विपणन कंपनियाँ इस समय बेचे गए हर सिलेंडर पर लगभग ₹700 का घाटा उठा रही हैं। मंत्रालय ने बताया कि यह नुकसान मुख्यतः सऊदी अनुबंध मूल्य (CP) में आई उछाल से जुड़ा है, जो फरवरी से अब तक लगभग 46 प्रतिशत बढ़ चुका है।

गौरतलब है कि पिछले सप्ताह ही घरेलू कुकिंग गैस की कीमतों में ₹29 प्रति सिलेंडर की वृद्धि की गई थी, जो पिछले तीन महीनों में दूसरी बार हुई है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक ऊर्जा बाज़ार में अस्थिरता का दौर जारी है।

आम जनता पर असर

PMUY मुख्यतः देश के आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों — विशेषकर ग्रामीण महिलाओं — को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई थी। सब्सिडी सिलेंडरों की संख्या घटने से उन परिवारों पर सबसे अधिक बोझ पड़ेगा जो पाँचवें सिलेंडर से आगे बाज़ार मूल्य वहन करने में सक्षम नहीं हैं। आलोचकों का कहना है कि यह कटौती योजना के मूल उद्देश्य — ग़रीब परिवारों को धुएँ से मुक्ति — को कमज़ोर कर सकती है।

यह ऐसे समय में आया है जब ग्रामीण भारत में एलपीजी की पहुँच और उपयोग दर पहले से ही चुनौतीपूर्ण रही है, और कई लाभार्थी परिवार ऊँची कीमतों के कारण पहले ही लकड़ी-कोयले जैसे पारंपरिक ईंधन की ओर लौट रहे हैं।

क्या होगा आगे

सरकार ने फिलहाल यह नहीं बताया कि नई सीमा कब से लागू होगी और मौजूदा लाभार्थियों को संक्रमण के लिए कोई राहत दी जाएगी या नहीं। तेल विपणन कंपनियों पर वैश्विक ऊर्जा लागत का दबाव बना रहा तो आने वाले महीनों में कीमतों में और संशोधन से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस योजना की नींव को हिलाता है जिसे करोड़ों ग़रीब परिवारों को धुएँ से मुक्त करने के लिए बनाया गया था। असली सवाल यह है कि क्या सरकार ने यह आकलन किया है कि पाँचवें सिलेंडर से आगे बाज़ार मूल्य चुकाने में असमर्थ परिवार फिर से लकड़ी और कोयले की ओर लौटेंगे — जो स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए नुकसानदेह है। वैश्विक ऊर्जा कीमतों का बोझ अंततः सबसे कमज़ोर कंधों पर डाला जा रहा है, जबकि तेल विपणन कंपनियों के घाटे की संरचनात्मक समस्या का कोई दीर्घकालिक हल सामने नहीं आया है।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उज्ज्वला योजना में LPG सिलेंडर की संख्या क्यों घटाई गई?
वैश्विक एलपीजी कीमतों में तेज़ उछाल और तेल विपणन कंपनियों के बढ़ते घाटे के कारण सरकार ने सब्सिडी लागत नियंत्रित करने के लिए यह कदम उठाया है। सऊदी अनुबंध मूल्य फरवरी से लगभग 46% बढ़ा है और कंपनियाँ प्रति सिलेंडर ₹700 के घाटे में हैं।
अब PMUY लाभार्थियों को कितनी सब्सिडी मिलेगी?
पात्र PMUY लाभार्थियों को 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर पर ₹300 की सब्सिडी मिलती रहेगी, लेकिन यह केवल वर्ष के पहले चार रिफिल तक ही मान्य होगी। इस तरह प्रति परिवार वार्षिक सब्सिडी सहायता अधिकतम ₹1,200 तक सीमित हो जाती है।
दिल्ली में उज्ज्वला और सामान्य उपभोक्ताओं के लिए LPG की कीमत क्या है?
नई दिल्ली में PMUY उपभोक्ता 14.2 किलोग्राम का सिलेंडर ₹642 में खरीद रहे हैं, जबकि सामान्य उपभोक्ताओं के लिए यही सिलेंडर ₹942 का है। सरकार के अनुसार, गैर-उज्ज्वला उपभोक्ताओं को भी वैश्विक दरों के पूर्ण प्रभाव से बचाया जा रहा है।
क्या हाल ही में LPG की कीमतें और बढ़ी हैं?
हाँ, पिछले सप्ताह घरेलू कुकिंग गैस की कीमतों में ₹29 प्रति सिलेंडर की वृद्धि हुई, जो तीन महीनों में दूसरी बार हुई है। वैश्विक ऊर्जा लागत में लगातार उछाल के कारण तेल विपणन कंपनियों पर दबाव बना हुआ है।
इस बदलाव से ग़रीब परिवारों पर क्या असर पड़ेगा?
जो परिवार साल में चार से अधिक सिलेंडर उपयोग करते हैं, उन्हें पाँचवें सिलेंडर से बाज़ार मूल्य चुकाना होगा। आलोचकों का कहना है कि इससे आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवार फिर से लकड़ी-कोयले जैसे पारंपरिक ईंधन की ओर लौट सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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