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उज्ज्वला योजना में सिलेंडर कटौती पर संदीप दीक्षित का हमला — 'सरकार ने योजना को अंधकार स्कीम बनाया'

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उज्ज्वला योजना में सिलेंडर कटौती पर संदीप दीक्षित का हमला — 'सरकार ने योजना को अंधकार स्कीम बनाया'

सारांश

कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने उज्ज्वला योजना में रियायती सिलेंडरों की कटौती को 'योजना की आत्मा का अंत' बताया। उन्होंने कहा कि गरीब महिलाएँ सबसे ज़्यादा प्रभावित हैं और सरकार ने कांग्रेस की स्कीम को केवल नया नाम देकर खोखला कर दिया।

मुख्य बातें

कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने 9 जून 2026 को उज्ज्वला योजना में रियायती सिलेंडरों की कटौती पर केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की।
दीक्षित के अनुसार पहले 9 सिलेंडर रियायती दर पर दिए जाते थे, जिनकी संख्या घटाई जा चुकी है।
उन्होंने योजना को 'अंधकार स्कीम' करार दिया और कहा कि आम गरीब महिलाओं को एलपीजी अब महंगी पड़ रही है।
अखिलेश यादव के राम मंदिर संबंधी आरोप पर दीक्षित ने निष्पक्ष जाँच और साक्ष्य सार्वजनिक करने की माँग की।
NDA को समर्थन देने वाले 20 बागी TMC सांसदों पर दीक्षित ने कहा कि देश में सांसद-विधायक भी 'बिकाऊ' श्रेणी में आ गए हैं।

कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने 9 जून 2026 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत रियायती एलपीजी सिलेंडरों की संख्या में कटौती पर केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जो योजना मूलतः कांग्रेस की थी, उसे वर्तमान सरकार ने नाम तो उज्ज्वला दे दिया, परंतु उसकी मूल भावना को खोखला कर दिया है।

उज्ज्वला योजना पर कांग्रेस का आरोप

दीक्षित ने कहा कि पहले इस योजना के लाभार्थियों को 9 सिलेंडर रियायती दर पर दिए जाते थे, जिनकी संख्या अब घटा दी गई है। उनके अनुसार, "यह सरकार इसी बात पर अपनी पीठ थपथपाती थी कि उन्होंने इतना विकास किया जो 70 साल में नहीं हुआ — आज हकीकत क्या है? आपने इस योजना के तहत सिलेंडर में कटौती कर दी है।" उन्होंने यह भी दावा किया कि इस सरकार ने कांग्रेस की योजनाओं को केवल अपना नाम देने के अलावा कुछ नहीं किया।

गरीब महिलाओं पर असर

दीक्षित ने आरोप लगाया कि रियायती सिलेंडरों में कटौती का सबसे बड़ा खामियाजा आम गरीब महिलाओं को उठाना पड़ रहा है, जिनके लिए अब एलपीजी सिलेंडर महंगे पड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश में गैस की किल्लत साफ दिख रही है और इससे योजना के मूल उद्देश्य — महिलाओं को धुएँ से मुक्ति दिलाना — पर ही सवाल उठ रहे हैं। उनके अनुसार सरकार का आर्थिक कुप्रबंधन जल्द ही और स्पष्ट रूप से सामने आने वाला है।

अयोध्या राम मंदिर विवाद पर सतर्क रुख

अयोध्या राम मंदिर को लेकर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव की हालिया टिप्पणी पर दीक्षित ने सधा हुआ रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि यह बहुत गंभीर आरोप है और यदि अखिलेश यादव जैसे वरिष्ठ नेता ने ऐसा कहा है तो इसकी निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने अखिलेश से अपील की कि यदि उनके पास कोई साक्ष्य हैं तो उन्हें सार्वजनिक करें ताकि सच्चाई सामने आ सके।

बागी TMC सांसदों पर तीखी टिप्पणी

NDA सरकार को समर्थन देने वाले 20 बागी तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसदों पर दीक्षित ने कहा कि भारत में एक नया 'कंज्यूमर सिस्टम' उभरा है जिसमें सांसद और विधायक भी बिकने के लिए तैयार रहते हैं। उन्होंने कहा, "कभी-कभी 'सेल' लगती है — इसलिए इन्हें बहुत गंभीरता से नहीं लेना चाहिए।" उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ऐसे जनप्रतिनिधियों को अपने पाले में खींचती है जो दल-बदल के लिए तत्पर रहते हैं।

राजनीतिक संदर्भ

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना को सरकार अपनी प्रमुख कल्याणकारी उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत करती रही है। रियायती सिलेंडरों में कटौती की खबरें ऐसे समय में सामने आई हैं जब महंगाई और घरेलू गैस की कीमतें पहले से ही आम परिवारों के बजट पर दबाव डाल रही हैं। विपक्ष इस मुद्दे को आगामी चुनावी मौसम में भुनाने की तैयारी में दिखता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यदि रियायती सिलेंडरों की संख्या घटती है तो लाभार्थी महिलाएँ फिर से ठोस ईंधन की ओर लौट सकती हैं — जो स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए प्रतिगामी कदम होगा। दीक्षित के बयान राजनीतिक हैं, लेकिन इस नीतिगत प्रश्न से बचना संभव नहीं कि सब्सिडी में कटौती का बोझ सबसे कमज़ोर वर्ग पर क्यों पड़ता है।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उज्ज्वला योजना में रियायती सिलेंडरों की कटौती क्या है?
कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित के अनुसार, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत पहले लाभार्थियों को 9 सिलेंडर रियायती दर पर दिए जाते थे, जिनकी संख्या सरकार ने घटा दी है। इससे गरीब परिवारों, विशेषकर महिलाओं, पर एलपीजी का आर्थिक बोझ बढ़ा है।
संदीप दीक्षित ने उज्ज्वला योजना को 'अंधकार स्कीम' क्यों कहा?
दीक्षित का कहना है कि सरकार ने योजना का नाम तो उज्ज्वला रखा, लेकिन रियायती सिलेंडरों में कटौती कर उसकी मूल भावना को समाप्त कर दिया। उनके अनुसार यह योजना अब गरीब महिलाओं को वास्तविक राहत देने में विफल हो रही है।
अखिलेश यादव के राम मंदिर आरोप पर दीक्षित ने क्या कहा?
दीक्षित ने इसे गंभीर आरोप बताते हुए निष्पक्ष जाँच की माँग की। उन्होंने अखिलेश यादव से अपील की कि यदि उनके पास साक्ष्य हैं तो उन्हें सार्वजनिक करें ताकि सच्चाई सामने आ सके।
बागी TMC सांसदों पर दीक्षित की क्या प्रतिक्रिया रही?
दीक्षित ने NDA को समर्थन देने वाले 20 बागी TMC सांसदों पर कहा कि देश में एक नया 'कंज्यूमर सिस्टम' बन गया है जिसमें जनप्रतिनिधि भी बिकने को तैयार रहते हैं। उन्होंने BJP पर ऐसे नेताओं को अपने पाले में खींचने का आरोप लगाया।
उज्ज्वला योजना का मूल उद्देश्य क्या था?
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लक्ष्य गरीब परिवारों, विशेषकर महिलाओं, को मुफ्त या रियायती एलपीजी कनेक्शन देकर उन्हें धुएँ से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से मुक्त करना था। विपक्ष का आरोप है कि रियायती सिलेंडरों में कटौती से यह उद्देश्य कमज़ोर पड़ रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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