उज्ज्वला योजना में सिलेंडर कटौती पर संदीप दीक्षित का हमला — 'सरकार ने योजना को अंधकार स्कीम बनाया'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने 9 जून 2026 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत रियायती एलपीजी सिलेंडरों की संख्या में कटौती पर केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जो योजना मूलतः कांग्रेस की थी, उसे वर्तमान सरकार ने नाम तो उज्ज्वला दे दिया, परंतु उसकी मूल भावना को खोखला कर दिया है।
उज्ज्वला योजना पर कांग्रेस का आरोप
दीक्षित ने कहा कि पहले इस योजना के लाभार्थियों को 9 सिलेंडर रियायती दर पर दिए जाते थे, जिनकी संख्या अब घटा दी गई है। उनके अनुसार, "यह सरकार इसी बात पर अपनी पीठ थपथपाती थी कि उन्होंने इतना विकास किया जो 70 साल में नहीं हुआ — आज हकीकत क्या है? आपने इस योजना के तहत सिलेंडर में कटौती कर दी है।" उन्होंने यह भी दावा किया कि इस सरकार ने कांग्रेस की योजनाओं को केवल अपना नाम देने के अलावा कुछ नहीं किया।
गरीब महिलाओं पर असर
दीक्षित ने आरोप लगाया कि रियायती सिलेंडरों में कटौती का सबसे बड़ा खामियाजा आम गरीब महिलाओं को उठाना पड़ रहा है, जिनके लिए अब एलपीजी सिलेंडर महंगे पड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश में गैस की किल्लत साफ दिख रही है और इससे योजना के मूल उद्देश्य — महिलाओं को धुएँ से मुक्ति दिलाना — पर ही सवाल उठ रहे हैं। उनके अनुसार सरकार का आर्थिक कुप्रबंधन जल्द ही और स्पष्ट रूप से सामने आने वाला है।
अयोध्या राम मंदिर विवाद पर सतर्क रुख
अयोध्या राम मंदिर को लेकर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव की हालिया टिप्पणी पर दीक्षित ने सधा हुआ रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि यह बहुत गंभीर आरोप है और यदि अखिलेश यादव जैसे वरिष्ठ नेता ने ऐसा कहा है तो इसकी निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने अखिलेश से अपील की कि यदि उनके पास कोई साक्ष्य हैं तो उन्हें सार्वजनिक करें ताकि सच्चाई सामने आ सके।
बागी TMC सांसदों पर तीखी टिप्पणी
NDA सरकार को समर्थन देने वाले 20 बागी तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसदों पर दीक्षित ने कहा कि भारत में एक नया 'कंज्यूमर सिस्टम' उभरा है जिसमें सांसद और विधायक भी बिकने के लिए तैयार रहते हैं। उन्होंने कहा, "कभी-कभी 'सेल' लगती है — इसलिए इन्हें बहुत गंभीरता से नहीं लेना चाहिए।" उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ऐसे जनप्रतिनिधियों को अपने पाले में खींचती है जो दल-बदल के लिए तत्पर रहते हैं।
राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना को सरकार अपनी प्रमुख कल्याणकारी उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत करती रही है। रियायती सिलेंडरों में कटौती की खबरें ऐसे समय में सामने आई हैं जब महंगाई और घरेलू गैस की कीमतें पहले से ही आम परिवारों के बजट पर दबाव डाल रही हैं। विपक्ष इस मुद्दे को आगामी चुनावी मौसम में भुनाने की तैयारी में दिखता है।