रोहिणी आचार्य ने केंद्र सरकार पर एलपीजी संकट को लेकर कसा तंज

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रोहिणी आचार्य ने केंद्र सरकार पर एलपीजी संकट को लेकर कसा तंज

सारांश

पटना, 12 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और भारत में एलपीजी सिलेंडर की कमी की अफवाहों के बीच रोहिणी आचार्य ने केंद्र सरकार को घेर लिया है। जानिए उनके आरोप और सरकार की प्रतिक्रिया।

मुख्य बातें

एलपीजी सिलेंडर की कमी की अफवाहें बढ़ी हैं।
रोहिणी आचार्य ने सरकार पर कड़ा प्रहार किया है।
लोगों को सिलेंडर बुक करने में दिक्कतें आ रही हैं।
सरकार ने स्थिति को सामान्य करने का आश्वासन दिया है।
विपक्ष ने विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई है।

पटना, 12 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और भारत के विभिन्न हिस्सों में एलपीजी सिलेंडर की कमी की अफवाहों के बीच राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।

राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की प्रमुख और लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार की तीखी आलोचना की है।

रिपोर्टों के अनुसार, एलपीजी सिलेंडर की संभावित कमी के चलते कई स्थानों पर गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें दिखाई दे रही हैं। उपभोक्ता तेजी से सिलेंडर बुक करने या लेने के लिए एजेंसियों की ओर दौड़ रहे हैं। इस मुद्दे पर विपक्ष ने भी विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।

रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट साझा करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा और पूछा कि गैस की कमी का 'जश्न' कब मनाया जाएगा। उन्होंने इसे 'प्रधानमंत्री लाइन लगाओ योजना' का नाम दिया। उनका आरोप है कि पहले लोगों को नोट बदलवाने और ऑक्सीजन की कमी के समय कतार में खड़ा होना पड़ा और अब एलपीजी सिलेंडर के लिए भी यही स्थिति बन गई है।

उन्होंने यह भी कहा कि संकट की परिस्थितियों को सार्वजनिक तमाशा बना दिया जाता है और आम लोगों की समस्याओं का जश्न मनाने जैसी संस्कृति विकसित हो गई है।

रोहिणी आचार्य का इशारा बिहार के कई जिलों और देश के अन्य हिस्सों में एलपीजी एजेंसियों के गोदामों के बाहर लंबी कतारों की ओर था। अनेक उपभोक्ताओं को सिलेंडर बुक करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। एलपीजी कंपनियों की वेबसाइट और ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम भी कई स्थानों पर काम नहीं कर रहे हैं।

इस बीच, केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को सिलेंडर की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से अफवाहों से बचने और केवल सही जानकारी पर विश्वास करने की अपील की है।

उन्होंने माना कि सप्लाई चेन में कुछ समस्याएं आई हैं, लेकिन आश्वासन दिया कि स्थिति जल्द ही सामान्य हो जाएगी। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि बिना पुष्टि की गई जानकारी साझा न करें और याद दिलाया कि देश पहले भी कोविड-19 महामारी जैसे कठिन समय को पार कर चुका है।

अब इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच ईंधन आपूर्ति, लोगों की चिंताओं और संकट प्रबंधन को लेकर नई राजनीतिक बहस शुरू हो गई है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एलपीजी की कमी के कारण लोग किस प्रकार प्रभावित हो रहे हैं?
लोगों को सिलेंडर बुक करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है और कई स्थानों पर लंबी कतारें लग रही हैं।
रोहिणी आचार्य ने सरकार पर क्या आरोप लगाया?
उन्होंने कहा कि सरकार संकट की परिस्थितियों को सार्वजनिक तमाशा बना रही है और आम लोगों की परेशानियों का जश्न मनाने जैसी संस्कृति विकसित हो गई है।
केंद्र सरकार ने एलपीजी की कमी को लेकर क्या कहा?
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया कि घरेलू उपभोक्ताओं को एलपीजी सिलेंडर की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा और स्थिति जल्द सामान्य होगी।
क्या ऐसी स्थिति में विपक्ष ने कोई कार्रवाई की है?
जी हाँ, विपक्ष ने इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।
क्या प्रधानमंत्री मोदी ने इस पर कोई बयान दिया है?
हाँ, उन्होंने लोगों से अफवाहों से बचने और सही जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।
राष्ट्र प्रेस
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