अखिलेश यादव का केंद्र सरकार पर एलपीजी संकट को लेकर हमला, कहा- सरकार हकीकत नहीं छिपा सकती

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अखिलेश यादव का केंद्र सरकार पर एलपीजी संकट को लेकर हमला, कहा- सरकार हकीकत नहीं छिपा सकती

सारांश

लखनऊ में, समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर एलपीजी संकट को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि गैस की वास्तविक स्थिति छिपाने का प्रयास किया जा रहा है। उनके अनुसार, कई शहरों में गैस सिलेंडर के लिए लंबी लाइनों का सामना करना पड़ रहा है।

मुख्य बातें

एलपीजी संकट की वास्तविकता को छिपाना संभव नहीं है।
लंबी कतारें गैस की कमी का संकेत हैं।
सरकार को जनता की समस्याओं का ध्यान रखना चाहिए।
फारूक अब्दुल्ला की सुरक्षा पर ध्यान देना आवश्यक है।
चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।

लखनऊ, १३ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। समाजवादी पार्टी के नेता और सांसद अखिलेश यादव ने एलपीजी संकट पर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि गैस जैसे गायब हो गई है। उन्होंने कहा कि अगर कोई अफवाह फैलाने वाला है, तो वह खुद सरकार है। यदि सरकार मान ले कि गैस की कमी है, तो जनता भी मदद करने के लिए तैयार है। लेकिन सरकार का कहना है कि कहीं कोई कमी नहीं है और गैस उपलब्ध है।

लखनऊ में एक प्रेस वार्ता के दौरान, अखिलेश यादव ने बताया कि वास्तविकता यह है कि गैस अब जैसे अदृश्य हो गई है। नोएडा, गाजियाबाद, हापुड़, लखनऊ, गोरखपुर और वाराणसी जैसे शहरों में सिलेंडरों के लिए लंबी कतारें लगी हुई हैं। शायद ही कोई ऐसा जिला हो जहाँ लोग लंबी लाइनों में खड़े न हों। इस स्थिति के लिए जिम्मेदार कौन है? सरकार ने अफवाह फैलाई है कि बुकिंग में देरी हो रही है। ऑनलाइन बुकिंग में समस्याएँ आ रही हैं और लोग गैस बुक नहीं कर पा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यह सोशल मीडिया का युग है, और संकट को छिपाना संभव नहीं है। गैस संकट के कारण रेस्टोरेंट बंद हो रहे हैं और लोगों की शादियाँ रुक रही हैं। अगर समस्या और बढ़ी, तो लोग खाना कैसे बनाएंगे? रेहड़ी-पटरी वाले कैसे काम करेंगे? चाट वाले भी चाट नहीं बना पाएंगे।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के नोटिस पर, अखिलेश यादव ने कहा कि हम और हमारी पार्टी इस कदम का समर्थन करते हैं, क्योंकि चुनाव आयोग हमारी बात नहीं सुन रहा है। उत्तर प्रदेश में हमारे कैमरों ने हर घटना को रिकॉर्ड किया है। उपचुनावों में लूट हो गई। उस समय चुनाव आयोग क्या कर रहा था? हम इस मुद्दे को लोकसभा में उठाएंगे।

जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला पर हुए हमले को लेकर अखिलेश यादव ने कहा कि वह एक वरिष्ठ नेता हैं और सरकार को उनकी उचित सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। वह समाज में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं और देश को सही दिशा दिखाने में मदद कर सकते हैं। उनकी सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

जब जनता को गैस की उपलब्धिता में समस्या का सामना करना पड़ रहा है, सरकार का बयान स्थिति के प्रति संवेदनहीनता को दर्शाता है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एलपीजी संकट का मुख्य कारण क्या है?
एलपीजी संकट का मुख्य कारण गैस की कमी और बुकिंग में समस्याएं हैं, जिनके कारण लोग लंबी कतारों में खड़े हैं।
अखिलेश यादव ने सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है कि सरकार गैस संकट की वास्तविकता छिपा रही है और अफवाहें फैला रही है।
क्या गैस संकट का असर व्यापार पर पड़ रहा है?
हाँ, गैस संकट के कारण रेस्टोरेंट बंद हो रहे हैं और छोटे व्यापारियों को भी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
अखिलेश यादव का मुख्य चुनाव आयुक्त पर क्या बयान था?
उन्होंने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने का समर्थन किया है, यह कहते हुए कि चुनाव आयोग उनकी बात नहीं सुन रहा है।
फारूक अब्दुल्ला की सुरक्षा को लेकर अखिलेश यादव का क्या कहना है?
उन्होंने कहा कि फारूक अब्दुल्ला की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है, और उनकी सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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