राजद सांसद मनोज झा का केंद्र सरकार पर हमला: गैस संकट को स्वीकार करें
सारांश
Key Takeaways
- गैस संकट की गंभीरता को स्वीकार करने की जरूरत है।
- सरकार को अफवाहों से बचना चाहिए।
- जनता के सामने समस्याएँ हैं, जिनका समाधान आवश्यक है।
- बिहार में शराबबंदी का प्रभाव संदिग्ध है।
- चुनाव आयोग की कार्यशैली पर सवाल उठाए गए हैं।
नई दिल्ली, ४ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने देश में गैस की कमी पर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार को गैस संकट को मान्यता देनी चाहिए। उन्हें अफवाहों जैसी शब्दावली से बचना चाहिए, क्योंकि इससे वे खुद समस्या को बढ़ावा देती हैं।
राजद सांसद मनोज झा ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कहा, "सत्ताधारी पक्ष का यह कहना कि गैस को लेकर अफवाहें फैलाई जा रही हैं, यह पूरी तरह से गलत है। सरकार ने कोविड के दौरान भी कहा था कि देश में ऑक्सीजन की कमी नहीं है। आज तक सरकार ने मौतों के सही आंकड़े नहीं दिए हैं। भाजपा की सरकार अब नाकाम साबित हो चुकी है।"
उन्होंने आगे कहा, "जब चीजें संभाली नहीं जाती हैं, तो सरकार कहती है कि अफवाहें फैलाई जा रही हैं। लेकिन उन लोगों का सरकार क्या करेगी, जो रातभर गैस सिलेंडर के लिए कतार में खड़े होते हैं। यह मैं नहीं कह रहा, बल्कि मीडिया में इस पर तस्वीरें चल रही हैं।"
पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग के अधिकारी के टीएमसी के लिए चुनाव प्रचार पर मनोज झा ने कहा, "मुझे इस मामले की सच्चाई नहीं पता। लेकिन अगर चुनाव आयोग बिहार में सजग होता तो यहां की पूरी ब्यूरोक्रेसी निलंबित हो गई होती। अब ऐसा लगता है कि चुनाव आयोग का अस्तित्व नहीं है। पिछले कुछ वर्षों में कार्यशैली बदल गई है और ऐसा लगता है कि पूरा कार्यालय अब भाजपा के कार्यालय में स्थानांतरित हो गया है।"
बिहार के मोतिहारी में जहरीली शराब से चार लोगों की मौत पर मनोज झा ने कहा, "बिहार में शराबबंदी का कोई असर नहीं है। यहां एक पूरा शराब तस्करी का गिरोह काम कर रहा है। अब बिहार में सवाल किससे किया जाए, इसका कोई पता नहीं है। यही कारण है कि मुख्यमंत्री स्वयं बीच में लटके हुए हैं। लेकिन जहरीली शराब से हुई मौतों पर सवाल उठेंगे।"