टीकाराम जूली का एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि के खिलाफ १२ और १३ मार्च को प्रदर्शन
सारांश
Key Takeaways
- टीकाराम जूली ने एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि पर विरोध जताया।
- विरोध प्रदर्शन १२ और १३ मार्च को होगा।
- गैस सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि से पर्यटन उद्योग प्रभावित हो रहा है।
- सरकार को इस दिशा में उचित कदम उठाने की आवश्यकता है।
जयपुर, ११ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि पर कड़ी आपत्ति जताई।
उन्होंने बुधवार को समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि हम १२ और १३ मार्च को एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में इजाफा दर्ज किए जाने के खिलाफ गोविंद सिंह डोटासरा के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन करेंगे। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे। एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि ने आम जनता के सामने कई चुनौतियाँ खड़ी कर दी हैं।
टीकाराम जूली ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जबकि एक तरफ घरेलू सिलेंडर की कीमतें बढ़ रही हैं, वहीं दूसरी ओर कमर्शियल सिलेंडर काले बाजार में तीन-तीन हजार रुपये में बेचे जा रहे हैं। इससे पूरा बाजार ठप हो गया है और लोग परेशान हैं। सरकार इस स्थिति पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। अगर यही हालात बने रहे, तो आम जनता के लिए समस्याएँ बढ़ सकती हैं।
टीकाराम जूली ने आगे कहा कि हमारे प्रदेश का पूरा बाजार पर्यटन पर निर्भर है। गैस सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि ने पर्यटन उद्योग को बड़ा झटका दिया है, क्योंकि गैस सिलेंडर पर्यटन के लिए एक बुनियाद के रूप में कार्य करता है। ऐसे में गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ने से पर्यटन उद्योग को कई प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि जब भी गैस सिलेंडर की कीमत में बदलाव होता है, तो इसे अंतरराष्ट्रीय बाजार की उथल-पुथल का हवाला देकर स्पष्टीकरण दिया जाता है। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऐसा कुछ हो रहा है, तो सरकार को इस दिशा में समाधान खोजना चाहिए ताकि आम जनता को राहत मिले। लेकिन, सरकार इस मुद्दे पर कोई ध्यान नहीं दे रही है।
टीकाराम जूली ने चेतावनी दी कि एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत में वृद्धि केवल सिलेंडर तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इससे अन्य सामग्रियों की कीमतों पर भी असर पड़ेगा। जब गैस सिलेंडर की कीमतें बढ़ेंगी, तो उन चीजों की कीमतें भी बढ़ेंगी जिनमें गैस का उपयोग होता है। यदि डीजल-पेट्रोल की कीमतें बढ़ती हैं, तो परिवहन सेवाओं की कीमतें भी बढ़ेंगी, जिसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सरकार को बहुत सोच-समझकर कदम उठाने होंगे। सरकार को स्थिति सामान्य करने की दिशा में समझदारी से फैसले लेने होंगे ताकि आम जनता को राहत मिल सके। अगर सरकार ने सही समय पर सही कदम नहीं उठाए, तो आने वाले समय में आम जनता को कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।