क्या तमिलनाडु की एमके स्टालिन सरकार पोंगल गिफ्ट हैंपर के साथ 3,000 रुपए की नकद सहायता देगी?
सारांश
Key Takeaways
- पोंगल गिफ्ट हैंपर के साथ 3,000 रुपए की नकद सहायता की घोषणा हो सकती है।
- 8 जनवरी से वितरण प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
- हर आउटलेट पर 400 राशन कार्ड धारकों को लाभ मिलेगा।
- 248 करोड़ रुपए का आवंटन पोंगल गिफ्ट पैकेज के लिए किया गया है।
- चुनावी वर्ष में नकद सहायता की उम्मीद।
चेन्नई, 4 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु में पोंगल त्योहार की तैयारियां जोरों पर हैं। इस बार मुख्यमंत्री एमके स्टालिन एक महत्वपूर्ण घोषणा कर सकते हैं। जानकारी के अनुसार, पोंगल गिफ्ट हैंपर के साथ 3,000 रुपए की नकद सहायता देने का ऐलान संभव है।
मुख्यमंत्री ने जन भावनाओं को ध्यान में रखते हुए कैबिनेट और उच्च अधिकारियों के साथ नकद सहायता राशि पर चर्चा की और इस राशि को अंतिम रूप दिया। पोंगल गिफ्ट हैंपर के साथ 3,000 रुपए की वितरण प्रक्रिया 8 जनवरी से शुरू हो सकती है। वितरण से पूर्व, राशन की दुकानों पर सुचारू वितरण सुनिश्चित करने के लिए घरों में टोकन बांटे जाएंगे।
यह योजना पूरे तमिलनाडु में सभी उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से लागू की जाएगी और इसमें चावल कार्ड धारकों के साथ-साथ अन्य योग्य राशन कार्ड धारकों को भी शामिल किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि भीड़भाड़ से बचने के लिए हर आउटलेट पर रोजाना लगभग 400 राशन कार्ड धारकों को लाभ पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है।
तमिलनाडु में पिछले कई वर्षों से पोंगल गिफ्ट हैंपर के साथ नकद सहायता देने की परंपरा रही है। 2021 में एआईएडीएमके सरकार के तहत राशन कार्ड धारकों को पोंगल गिफ्ट हैंपर के साथ 2,500 रुपए नकद मिले थे। डीएमके के सत्ता में आने के बाद सरकार ने 2022, 2023 और 2024 में पोंगल गिफ्ट हैंपर के साथ एक-एक हजार रुपए नकद बांटे। हालांकि, डीएमके सरकार ने 2025 में इस परंपरा को तोड़ा।
इस साल सरकार केवल पारंपरिक पोंगल गिफ्ट हैंपर ही बांटेगी या कुछ नकद पुरस्कार भी शामिल करेंगे, यह अब भी अनिश्चित है।
तमिलनाडु सरकार ने हाल ही में अपने आदेश में बताया कि पोंगल गिफ्ट पैकेज के लिए विशेष रूप से 248 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है। सहकारिता विभाग के अनुसार, यह राशि उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से पोंगल की मुख्य आवश्यक चीजों (एक किलो कच्चा चावल, एक किलो चीनी और गन्ना) की खरीद के लिए है। प्रारंभिक आदेश में नकद का उल्लेख नहीं किया गया।
हालांकि, लोग उम्मीद कर रहे हैं कि चुनावी वर्ष होने के कारण सरकार पोंगल कल्याण उपायों के तहत नकद सहायता फिर से शुरू करेगी।