मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बेनिन के राजदूत से मुलाकात, चुनाव प्रबंधन सहयोग पर बनी सहमति
सारांश
मुख्य बातें
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार, 20 जुलाई को नई दिल्ली स्थित निर्वाचन सदन में भारत में बेनिन के राजदूत एरिक जीन-मैरी जिंसौ से मुलाकात की। इस बैठक में चुनाव प्रबंधन को मज़बूत करने और चुनाव कर्मचारियों के प्रशिक्षण में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में क्या हुआ
अधिकारियों के बयान के अनुसार, दोनों पक्षों ने 2026 के द्वितीय विश्व चुनाव विकास सम्मेलन (IICDЕМ) के दौरान तय किए गए एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया। चुनाव प्रबंधन तंत्र को और अधिक सुदृढ़ करने तथा प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सहयोग के विस्तार पर भी सहमति बनी।
भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने बैठक की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं। ज्ञानेश कुमार वर्तमान में इंटरनेशनल आईडीईए (अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र और चुनावी सहायता संस्थान) के सदस्य देशों की परिषद के अध्यक्ष भी हैं।
इंटरनेशनल आईडीईए अध्यक्षता की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि दिसंबर 2025 में ज्ञानेश कुमार ने औपचारिक रूप से इंटरनेशनल आईडीईए के सदस्य देशों की परिषद की अध्यक्षता स्वीकार की थी। इस अवसर पर सदस्य देशों, पर्यवेक्षक देशों और संस्थान के अधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने अपना स्वीकृति भाषण पहले हिंदी में और फिर अंग्रेज़ी में दिया — जो भारत की भाषाई पहचान का प्रतीकात्मक प्रदर्शन था।
उस अवसर पर ज्ञानेश कुमार ने भारत की 75 वर्षों से अधिक की लोकतांत्रिक विरासत और पारदर्शी चुनाव कराने में ECI के दशकों के अनुभव को रेखांकित किया था।
भारत की चुनावी प्रणाली का वैश्विक पैमाना
बैठक के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ने भारत की चुनावी प्रणाली के विशाल स्वरूप का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों में 9 करोड़ से अधिक मतदाता पंजीकृत हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि लोकसभा चुनावों के दौरान ECI दुनिया का सबसे बड़ा संगठनात्मक ढाँचा बन जाता है, जो देशभर में 10 लाख से अधिक कर्मियों को तैनात करता है। यह तथ्य भारत की चुनावी क्षमता को वैश्विक संदर्भ में विशिष्ट बनाता है।
आगे की राह
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारत वैश्विक मंचों पर अपनी चुनावी विशेषज्ञता साझा करने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। इंटरनेशनल आईडीईए की अध्यक्षता के ज़रिए भारत का लक्ष्य विकासशील देशों को संस्थागत चुनाव प्रबंधन में सहयोग देना है। बेनिन के साथ इस सहयोग से आने वाले समय में प्रशिक्षण कार्यक्रमों और तकनीकी आदान-प्रदान की संभावनाएँ प्रबल हुई हैं।