क्या 2026 में 35 देशों के फोरम इंटरनेशनल आईडीईए का नेतृत्व करेंगे सीईसी ज्ञानेश कुमार?
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 27 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार 2026 के लिए अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र और चुनावी सहायता संस्थान (इंटरनेशनल आईडीईए) के अध्यक्ष बनेंगे। वे 3 दिसंबर, 2025 को स्टॉकहोम, स्वीडन में होने वाली सदस्य देशों की परिषद की बैठक में इस पद का कार्यभार ग्रहण करेंगे।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार अध्यक्ष के रूप में 2026 के दौरान सभी परिषद बैठकों की अध्यक्षता भी करेंगे।
इंटरनेशनल आईडीईए एक अंतर-सरकारी संगठन है, जिसे 1995 में स्थापित किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य विश्वभर में लोकतांत्रिक संस्थाओं और प्रक्रियाओं को मजबूत करना है। वर्तमान में इसके 35 सदस्य देश हैं, जबकि संयुक्त राज्य अमेरिका और जापान जैसे देशों को पर्यवेक्षक का दर्जा प्राप्त है। यह संगठन समावेशी, लचीली और जवाबदेह लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं को बढ़ावा देने का कार्य करता है।
भारत की अध्यक्षता निर्वाचन आयोग की वैश्विक पहचान और सफलता का प्रतीक है। भारत ने प्रारंभ से ही इस संगठन के संचालन, लोकतांत्रिक संवाद और संस्थागत पहल में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में भारत का उद्देश्य इस संगठन के वैश्विक एजेंडे को आकार देना और चुनावी सुधारों को बढ़ावा देना है।
भारत का निर्वाचन आयोग, जो दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे विश्वसनीय चुनाव प्रबंधन निकाय है, अपनी सर्वश्रेष्ठ पद्धतियों को दुनिया भर के निर्वाचन निकायों के साथ साझा करेगा।
इसके अतिरिक्त, आईआईआईडीएम (भारत अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन संस्थान) और आईआईडीईए के सहयोग से चुनावी हिंसा, गलत सूचना और मतदाताओं के विश्वास में कमी जैसी समस्याओं का समाधान वैश्विक स्तर पर किया जाएगा।
अब तक, आईआईआईडीईएम ने 28 देशों के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं और लगभग 142 देशों के 3,169 चुनाव अधिकारियों को प्रशिक्षित किया है। इस सहयोग के माध्यम से भारत निर्वाचन आयोग के नवाचारी प्रौद्योगिकीय उपायों और सर्वोत्तम पद्धतियों को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा मिलेगा।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त के नेतृत्व में इंटरनेशनल आइडिया और निर्वाचन आयोग मिलकर ईसीआई की तकनीकी एवं प्रशासनिक नवाचारों तथा सर्वोत्तम प्रथाओं को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर दस्तावेजीकृत कर प्रसारित करेंगे। यह अध्यक्षता भारत की मजबूत लोकतांत्रिक परंपरा और निर्वाचन प्रबंधन में उसकी वैश्विक नेतृत्व क्षमता का प्रमाण है।