मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने उज्बेकिस्तान और श्रीलंका के राजनयिकों से की बैठक, चुनाव प्रबंधन सहयोग पर बनी सहमति
सारांश
मुख्य बातें
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने 28 जुलाई 2026 को नई दिल्ली स्थित निर्वाचन सदन में उज्बेकिस्तान के राजदूत सरदोर रुस्तमबायेव और श्रीलंका की उच्चायुक्त महिषिनी कोलोने से अलग-अलग मुलाकात की। दोनों बैठकों में चुनाव प्रबंधन, चुनाव कर्मियों के प्रशिक्षण और लोकतांत्रिक विकास में द्विपक्षीय सहयोग को और प्रगाढ़ करने पर विस्तृत चर्चा हुई।
उज्बेकिस्तान के राजदूत से बैठक
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने बताया कि ज्ञानेश कुमार — जो अंतरराष्ट्रीय IDEA के सदस्य देशों की परिषद के चेयरमैन भी हैं — ने उज्बेकिस्तान के राजदूत सरदोर रुस्तमबायेव के साथ IICDIEM 2026 के दौरान तय एजेंडे को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। दोनों पक्षों ने इस क्षेत्र के लोकतांत्रिक विकास में भारत की भूमिका को एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में और सुदृढ़ करने का संकल्प लिया।
बैठक में यह भी तय हुआ कि दोनों देश चुनाव प्रबंधन और चुनाव कर्मियों के प्रशिक्षण के क्षेत्र में आपसी सहयोग को नई ऊँचाई देंगे। ECI ने इस बैठक की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं।
श्रीलंका की उच्चायुक्त से भेंट
इसी दिन ज्ञानेश कुमार ने श्रीलंका की उच्चायुक्त महिषिनी कोलोने से भी निर्वाचन सदन में मुलाकात की। दोनों पक्षों ने पड़ोसी देशों के रूप में भारत और श्रीलंका के बीच साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और ऐतिहासिक संबंधों को चुनावी सहयोग की मजबूत नींव बताया।
बातचीत में IICDIEM 2026 के एजेंडे को लागू करने की दिशा में संयुक्त प्रयासों पर सहमति बनी। चुनाव प्रबंधन प्रणाली को सुदृढ़ करने और कर्मचारियों की क्षमता विकास में और गहरे सहयोग का भी निर्णय लिया गया।
ब्राजील के राजदूत से पूर्व में हुई बैठक
गौरतलब है कि इससे पहले ज्ञानेश कुमार ने भारत में ब्राजील के राजदूत केनेथ फेलिक्स हैजिंस्की दा नोब्रेगा से भी निर्वाचन सदन में भेंट की थी। उस बैठक में भी IICDIEM 2026 के एजेंडे को आगे बढ़ाने तथा चुनाव प्रबंधन और कर्मचारी प्रशिक्षण में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी थी। ECI ने उस बैठक की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर प्रकाशित की थीं।
भारत की बढ़ती चुनावी कूटनीति
यह बैठकें इस बात का संकेत हैं कि भारत अपनी चुनावी विशेषज्ञता को वैश्विक मंच पर साझा करने की दिशा में सक्रिय रूप से आगे बढ़ रहा है। IICDIEM 2026 के बाद से ECI ने कई देशों के राजनयिकों से संपर्क बनाए रखा है, जो भारत को लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रबंधन के क्षेत्र में एक वैश्विक संदर्भ बिंदु के रूप में स्थापित करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। आने वाले महीनों में इन द्विपक्षीय सहमतियों के क्रियान्वयन की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने की उम्मीद है।