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सीईसी ज्ञानेश कुमार बोले: 'निष्पक्ष मतदाता सूची से ही निष्पक्ष चुनाव', अधिवक्ता सम्मेलन का उद्घाटन

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सीईसी ज्ञानेश कुमार बोले: 'निष्पक्ष मतदाता सूची से ही निष्पक्ष चुनाव', अधिवक्ता सम्मेलन का उद्घाटन

सारांश

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने नई दिल्ली में अधिवक्ताओं के दूसरे राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा कि निष्पक्ष मतदाता सूची ही निष्पक्ष चुनावों की नींव है। सम्मेलन में ईवीएम, SIR और कानूनी सुधारों पर चर्चा हुई।

मुख्य बातें

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने नई दिल्ली में अधिवक्ताओं के दूसरे राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया।
सम्मेलन की थीम: 'ए ईयर ऑफ लीगल चैलेंजेस, एक्सपीरियंस, लर्निंग एंड द वे फॉरवर्ड' ।
सीईसी ने कहा — 'निष्पक्ष मतदाता सूची से ही निष्पक्ष चुनाव होते हैं'; BLO और BLA को जमीनी योद्धा बताया।
असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के हालिया विधानसभा चुनावों में ऐतिहासिक भागीदारी की सराहना।
चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने भी सम्मेलन को कानूनी समन्वय के लिए महत्त्वपूर्ण बताया।
मतदाता सूची प्रबंधन, SIR , ईवीएम और चुनाव कानून सुधारों पर संवादात्मक सत्र आयोजित।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने 31 मई 2025 को नई दिल्ली में चुनाव आयोग का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिवक्ताओं के दूसरे राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया, जिसका उद्देश्य चुनाव आयोग के कानूनी ढाँचे और रणनीति को और सुदृढ़ करना है। इस अवसर पर उन्होंने स्पष्ट कहा कि 'निष्पक्ष मतदाता सूची से ही निष्पक्ष चुनाव होते हैं।'

सम्मेलन का विषय और उद्देश्य

इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट में आयोजित इस एक दिवसीय सम्मेलन की थीम थी — 'ए ईयर ऑफ लीगल चैलेंजेस, एक्सपीरियंस, लर्निंग एंड द वे फॉरवर्ड'। यह आयोजन चुनाव आयोग और देशभर के कानूनी पेशेवरों के बीच संवाद, अनुभव-साझेदारी और रणनीतिक समन्वय के लिए एक महत्त्वपूर्ण मंच के रूप में उभरा। सर्वोच्च न्यायालय तथा विभिन्न उच्च न्यायालयों में आयोग का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिवक्ताओं के साथ-साथ चुनाव आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों ने इसमें भाग लिया।

मुख्य चुनाव आयुक्त का संबोधन

ज्ञानेश कुमार ने मतदाता सूची की शुद्धता को स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों की बुनियाद बताते हुए कहा कि 'आज यही महत्त्वपूर्ण क्षण है, और भारत इसमें शामिल है।' उन्होंने बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) और बूथ लेवल एजेंट (BLA) को मतदाता सूची प्रबंधन में जमीनी स्तर के 'योद्धा' बताते हुए उनके योगदान की सराहना की।

उन्होंने असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में ऐतिहासिक मतदाता भागीदारी के लिए मतदाताओं को बधाई दी और इन चुनावों में उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धा को भी रेखांकित किया। देशभर की अदालतों में आयोग का प्रतिनिधित्व करने वाले वकीलों के समर्पण की भी उन्होंने प्रशंसा की।

अन्य आयुक्तों की प्रतिक्रिया

चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू ने कहा कि यह एक दिवसीय सम्मेलन चुनाव आयोग और उसके कानूनी प्रतिनिधियों के बीच समन्वय को और प्रगाढ़ करेगा। चुनाव आयुक्त विवेक जोशी ने इसे उभरती कानूनी चुनौतियों पर विचार-विमर्श और प्रभावी कानूनी रणनीतियाँ तैयार करने का अवसर बताया, ताकि गतिशील चुनावी माहौल में चुनावी निष्पक्षता को बनाए रखा जा सके।

सम्मेलन में चर्चा के प्रमुख विषय

सम्मेलन के दौरान मतदाता सूची प्रबंधन, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), मतदान और मतगणना प्रक्रियाओं तथा ईवीएम के प्रदर्शन पर संवादात्मक सत्र आयोजित किए गए। इसके अलावा चुनाव कानूनों, न्यायिक प्रक्रियाओं, कानूनी सुधारों, संस्थागत समन्वय, मीडिया की भूमिका और चुनाव आयोग की प्रौद्योगिकी-आधारित पहलों पर भी विस्तृत चर्चा हुई।

पृष्ठभूमि और आगे की राह

यह सम्मेलन 2025 में आयोजित चुनाव आयोग सलाहकारों के राष्ट्रीय सम्मेलन की अगली कड़ी है। इसमें पिछले वर्ष हुई प्रगति की समीक्षा के साथ-साथ आयोग के कानूनी ढाँचे को और मज़बूत करने के लिए प्राथमिकताओं की पहचान की गई। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के नियमित संवाद से चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होती है। आने वाले वर्षों में चुनावी चुनौतियों से निपटने के लिए यह कानूनी तैयारी निर्णायक भूमिका निभाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस बहस की ओर इशारा करता है जो वर्षों से चल रही है — मतदाता सूची से नाम हटाने और जोड़ने की प्रक्रिया में पारदर्शिता कितनी है। सम्मेलन में SIR और BLO की भूमिका पर जोर देना यह संकेत देता है कि आयोग जमीनी स्तर की जवाबदेही को गंभीरता से ले रहा है। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि जब तक मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया में राजनीतिक दलों और नागरिक समाज की भागीदारी नहीं बढ़ती, तब तक ऐसे सम्मेलन केवल आंतरिक समन्वय तक सीमित रहते हैं। असली कसौटी यह है कि इन चर्चाओं के नतीजे जमीन पर कितने दिखते हैं।
RashtraPress
30 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अधिवक्ताओं का दूसरा राष्ट्रीय सम्मेलन क्या था?
यह चुनाव आयोग द्वारा आयोजित एक दिवसीय सम्मेलन था, जिसमें सर्वोच्च न्यायालय और देशभर के उच्च न्यायालयों में आयोग का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिवक्ताओं ने भाग लिया। इसका उद्देश्य चुनाव आयोग के कानूनी ढाँचे को मजबूत करना और उभरती कानूनी चुनौतियों पर विचार-विमर्श करना था।
सीईसी ज्ञानेश कुमार ने सम्मेलन में क्या कहा?
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि 'निष्पक्ष मतदाता सूची से निष्पक्ष चुनाव होते हैं।' उन्होंने BLO और BLA को जमीनी स्तर के महत्त्वपूर्ण योद्धा बताया और हाल के पाँच राज्यों के विधानसभा चुनावों में ऐतिहासिक मतदाता भागीदारी की सराहना की।
सम्मेलन में किन विषयों पर चर्चा हुई?
सम्मेलन में मतदाता सूची प्रबंधन, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), मतदान और मतगणना प्रक्रियाएँ, ईवीएम प्रदर्शन, चुनाव कानून सुधार, न्यायिक प्रक्रियाएँ और चुनाव आयोग की प्रौद्योगिकी-आधारित पहलों पर संवादात्मक सत्र आयोजित किए गए।
BLO और BLA की भूमिका क्यों महत्त्वपूर्ण है?
बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) और बूथ लेवल एजेंट (BLA) मतदाता सूची को जमीनी स्तर पर अद्यतन और सटीक बनाए रखने के लिए जिम्मेदार होते हैं। सीईसी ने इन्हें निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया की नींव बताते हुए उनके योगदान को रेखांकित किया।
यह सम्मेलन 2025 के सम्मेलन से किस तरह जुड़ा है?
यह 2025 में आयोजित चुनाव आयोग सलाहकारों के राष्ट्रीय सम्मेलन की अगली कड़ी है। इसमें पिछले वर्ष की प्रगति की समीक्षा की गई और आयोग के कानूनी ढाँचे को और मजबूत करने के लिए नई प्राथमिकताओं की पहचान की गई।
राष्ट्र प्रेस
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