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क्या बिहार चुनाव के पर्यवेक्षकों के साथ चुनाव आयोग की बैठक ने निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित किया?

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क्या बिहार चुनाव के पर्यवेक्षकों के साथ चुनाव आयोग की बैठक ने निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित किया?

सारांश

भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा के लिए पर्यवेक्षकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। यह बैठक चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। आयोग ने मतदाता अनुभव को बेहतर बनाने के लिए कई नए उपायों की चर्चा की।

मुख्य बातें

348 पर्यवेक्षकों की तैनाती निष्पक्ष और पारदर्शी चुनावों का लक्ष्य मतदाताओं की सुविधा के लिए नए उपाय कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर ध्यान मतदाता अनुभव को सुखद बनाना

नई दिल्ली, 31 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने शुक्रवार को बिहार विधानसभा चुनाव के दोनों चरणों के लिए तैनात कुल 348 पर्यवेक्षकों के साथ एक महत्वपूर्ण वीडियो कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य में चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करना था।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी ने इस समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के दौरान आयोग ने मतदाताओं की सुविधा से संबंधित सभी दिशा-निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की, ताकि मतदान दिवस पर मतदाताओं को एक सुगम और सुखद अनुभव प्राप्त हो सके।

आयोग ने समग्र समीक्षा के तहत आचार संहिता के पालन, बॉर्डर चेक पोस्ट की निगरानी, फर्जी खबरों और गलत सूचनाओं पर नियंत्रण, तथा मतदाताओं को समय पर और सही जानकारी देने जैसे पहलुओं की प्रगति का जायजा लिया। इसके अतिरिक्त, संवेदनशील और अति-संवेदनशील मतदान केंद्रों की पहचान और सुरक्षा व्यवस्था, 1950 टोल-फ्री नंबर पर शिकायतों का निपटारा, सी-विजिल एप के मामलों का समाधान और ईवीएम स्ट्रांग रूम की सुरक्षा व्यवस्था पर भी चर्चा की गई।

बैठक में आयोग ने पर्यवेक्षकों को निर्देश दिए कि वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने, लाइसेंसी हथियारों को जमा कराने और अवैध हथियारों की जब्ती की प्रक्रिया पर विशेष ध्यान दें। इसके अलावा, आयोग ने अपने हालिया नवाचारों की स्थिति की भी समीक्षा की, जिनमें मोबाइल फोन जमा सुविधा, नव-डिजाइन किए गए वोटर इन्फॉर्मेशन स्लिप्स (वीआईएस), ईसीआईनेट ऐप और उसकी सेवाओं का प्रसार, सभी मतदान केंद्रों पर 100 फीसदी वेबकास्टिंग, और हर दो घंटे पर अनुमानित मतदान प्रतिशत की रिपोर्टिंग जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं।

बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए 121 सामान्य पर्यवेक्षक, 18 पुलिस पर्यवेक्षक और 33 व्यय पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं, जबकि दूसरे चरण के लिए 122 सामान्य पर्यवेक्षक, 20 पुलिस पर्यवेक्षक और 34 व्यय पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं।

बैठक के अंत में आयोग ने सभी पर्यवेक्षकों से अपील की कि वे सुनिश्चित करें कि चुनाव प्रक्रिया केवल निष्पक्ष ही नहीं बल्कि जन-उत्सव जैसा माहौल भी प्रस्तुत करे, ताकि मतदाता बड़े उत्साह और जिम्मेदारी के साथ मतदान केंद्रों तक पहुंचें और अधिक से अधिक संख्या में मतदान करें। आयोग ने दोहराया कि उनका लक्ष्य 'हर मतदाता, हर वोट' की भावना के साथ लोकतंत्र के इस महापर्व को सफल बनाना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लोकतंत्र की असली पहचान है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार विधानसभा चुनाव में पर्यवेक्षकों की संख्या कितनी है?
बिहार विधानसभा चुनाव के लिए कुल 348 पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं।
चुनाव आयोग ने बैठक में किन बिंदुओं पर चर्चा की?
बैठक में आचार संहिता का पालन, मतदान केंद्रों की सुरक्षा, और मतदाता अनुभव को बेहतर बनाने के उपायों पर चर्चा की गई।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आयोग ने क्या निर्देश दिए?
आयोग ने पर्यवेक्षकों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अवैध हथियारों की जब्ती पर ध्यान देने के लिए कहा।
मतदाता अनुभव को बेहतर बनाने के लिए आयोग ने क्या उपाय किए हैं?
आयोग ने मोबाइल फोन जमा करने की सुविधा, वोटर इन्फॉर्मेशन स्लिप्स, और 100 फीसदी वेबकास्टिंग जैसी व्यवस्थाएं की हैं।
चुनाव आयोग का लक्ष्य क्या है?
चुनाव आयोग का लक्ष्य 'हर मतदाता, हर वोट' की भावना के साथ लोकतंत्र के इस महापर्व को सफल बनाना है।
राष्ट्र प्रेस
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