गाजा में स्थायी युद्धविराम की माँग: चीनी प्रतिनिधि फू थ्सोंग ने UN सुरक्षा परिषद में इजरायल पर दबाव बनाया
सारांश
मुख्य बातें
संयुक्त राष्ट्र में चीन के स्थायी प्रतिनिधि फू थ्सोंग ने 21 मई को UN सुरक्षा परिषद की खुली बैठक में इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष पर बोलते हुए सभी पक्षों से गाजा युद्धविराम समझौते का पूर्णतः पालन करने और गाजा में वास्तविक एवं स्थायी युद्धविराम सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने विशेष रूप से इजरायल से युद्धविराम की शर्तों का सम्मान करने की अपील की।
युद्धविराम समझौते के बाद भी जारी है हिंसा
फू थ्सोंग ने कहा कि पिछले अक्टूबर में हुए गाजा युद्धविराम समझौते से स्थिति में कुछ हद तक सुधार अवश्य हुआ है, किंतु लड़ाई और पीड़ा का पूर्ण अंत अभी भी एक लंबा और कठिन सफर है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को व्यापक सहमति बनानी होगी और अधिक सक्रिय प्रयास करने होंगे।
उन्होंने बताया कि युद्धविराम समझौते के बाद से इजरायल कथित तौर पर लगभग प्रतिदिन बमबारी और हमले कर रहा है, जिसके परिणामस्वरूप 870 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। चीन ने युद्धविराम समझौते के गारंटर देशों और अन्य प्रभावशाली पक्षों से भी अपील की कि वे युद्धविराम बनाए रखने के लिए अधिक सक्रिय कदम उठाएँ।
गाजा में मानवीय संकट गहराया
फू थ्सोंग ने गाजा की मानवीय स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा कि वहाँ पीने के पानी, चिकित्सा सामग्री और ईंधन जैसी बुनियादी जरूरतों की लगातार कमी है और बड़ी संख्या में लोग बेघर हो चुके हैं। उन्होंने सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों को भी गंभीरता से लेने पर जोर दिया।
इजरायल से अंतरराष्ट्रीय दायित्व निभाने की माँग
चीनी प्रतिनिधि ने कहा कि इजरायल को कब्जा करने वाली शक्ति के रूप में अपने अंतरराष्ट्रीय मानवीय दायित्वों को पूरा करना चाहिए। उन्होंने माँग की कि मानवीय आपूर्ति पर लगे प्रतिबंध हटाए जाएँ और गाजा में तत्काल आवश्यक दवाएँ, ईंधन और आश्रय सुविधाएँ पहुँचने दी जाएँ।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब UN सुरक्षा परिषद में गाजा संघर्ष पर अंतरराष्ट्रीय दबाव लगातार बढ़ रहा है। चीन की यह अपील वैश्विक कूटनीतिक प्रयासों को नई दिशा दे सकती है, लेकिन जमीनी हालात में बदलाव युद्धविराम गारंटर देशों की सक्रियता पर निर्भर करेगा।