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गाजा में स्थायी युद्धविराम की माँग: चीनी प्रतिनिधि फू थ्सोंग ने UN सुरक्षा परिषद में इजरायल पर दबाव बनाया

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गाजा में स्थायी युद्धविराम की माँग: चीनी प्रतिनिधि फू थ्सोंग ने UN सुरक्षा परिषद में इजरायल पर दबाव बनाया

सारांश

चीनी प्रतिनिधि फू थ्सोंग ने UN सुरक्षा परिषद में इजरायल पर सीधा दबाव बनाया — युद्धविराम के बाद भी 870 से अधिक मौतों का हवाला देते हुए गाजा में वास्तविक और स्थायी युद्धविराम की माँग की और मानवीय आपूर्ति पर प्रतिबंध हटाने को कहा।

मुख्य बातें

संयुक्त राष्ट्र में चीन के स्थायी प्रतिनिधि फू थ्सोंग ने 21 मई को UN सुरक्षा परिषद की खुली बैठक को संबोधित किया।
युद्धविराम समझौते के बाद से कथित तौर पर 870 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
चीन ने विशेष रूप से इजरायल से युद्धविराम समझौते का पूर्णतः पालन करने की अपील की।
गाजा में पीने का पानी, दवाएँ और ईंधन जैसी बुनियादी जरूरतों की गंभीर कमी बताई गई।
चीन ने गारंटर देशों से युद्धविराम बनाए रखने के लिए अधिक सक्रिय भूमिका निभाने को कहा।

संयुक्त राष्ट्र में चीन के स्थायी प्रतिनिधि फू थ्सोंग ने 21 मई को UN सुरक्षा परिषद की खुली बैठक में इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष पर बोलते हुए सभी पक्षों से गाजा युद्धविराम समझौते का पूर्णतः पालन करने और गाजा में वास्तविक एवं स्थायी युद्धविराम सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने विशेष रूप से इजरायल से युद्धविराम की शर्तों का सम्मान करने की अपील की।

युद्धविराम समझौते के बाद भी जारी है हिंसा

फू थ्सोंग ने कहा कि पिछले अक्टूबर में हुए गाजा युद्धविराम समझौते से स्थिति में कुछ हद तक सुधार अवश्य हुआ है, किंतु लड़ाई और पीड़ा का पूर्ण अंत अभी भी एक लंबा और कठिन सफर है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को व्यापक सहमति बनानी होगी और अधिक सक्रिय प्रयास करने होंगे।

उन्होंने बताया कि युद्धविराम समझौते के बाद से इजरायल कथित तौर पर लगभग प्रतिदिन बमबारी और हमले कर रहा है, जिसके परिणामस्वरूप 870 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। चीन ने युद्धविराम समझौते के गारंटर देशों और अन्य प्रभावशाली पक्षों से भी अपील की कि वे युद्धविराम बनाए रखने के लिए अधिक सक्रिय कदम उठाएँ।

गाजा में मानवीय संकट गहराया

फू थ्सोंग ने गाजा की मानवीय स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा कि वहाँ पीने के पानी, चिकित्सा सामग्री और ईंधन जैसी बुनियादी जरूरतों की लगातार कमी है और बड़ी संख्या में लोग बेघर हो चुके हैं। उन्होंने सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों को भी गंभीरता से लेने पर जोर दिया।

इजरायल से अंतरराष्ट्रीय दायित्व निभाने की माँग

चीनी प्रतिनिधि ने कहा कि इजरायल को कब्जा करने वाली शक्ति के रूप में अपने अंतरराष्ट्रीय मानवीय दायित्वों को पूरा करना चाहिए। उन्होंने माँग की कि मानवीय आपूर्ति पर लगे प्रतिबंध हटाए जाएँ और गाजा में तत्काल आवश्यक दवाएँ, ईंधन और आश्रय सुविधाएँ पहुँचने दी जाएँ।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब UN सुरक्षा परिषद में गाजा संघर्ष पर अंतरराष्ट्रीय दबाव लगातार बढ़ रहा है। चीन की यह अपील वैश्विक कूटनीतिक प्रयासों को नई दिशा दे सकती है, लेकिन जमीनी हालात में बदलाव युद्धविराम गारंटर देशों की सक्रियता पर निर्भर करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन गौरतलब है कि सुरक्षा परिषद में बार-बार की गई अपीलें जमीनी हिंसा रोकने में कारगर नहीं रही हैं। फू थ्सोंग ने 870 मौतों का आँकड़ा दिया, परंतु स्वतंत्र सत्यापन की अनुपस्थिति में इसे संदर्भ के साथ देखना जरूरी है। असली सवाल यह है कि क्या चीन केवल बयानबाजी से आगे बढ़कर गारंटर देशों पर ठोस दबाव बनाने की भूमिका निभाएगा — अब तक ऐसे संकेत सीमित रहे हैं।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चीनी प्रतिनिधि फू थ्सोंग ने UN में गाजा पर क्या कहा?
फू थ्सोंग ने 21 मई को UN सुरक्षा परिषद की बैठक में सभी पक्षों, विशेषकर इजरायल से, गाजा युद्धविराम समझौते का पूर्णतः पालन करने और वास्तविक एवं स्थायी युद्धविराम सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने युद्धविराम के बाद भी 870 से अधिक मौतों का हवाला दिया।
गाजा में युद्धविराम समझौते के बाद कितनी मौतें हुई हैं?
चीनी प्रतिनिधि के बयान के अनुसार, युद्धविराम समझौते के बाद से इजरायल के कथित प्रतिदिन के हमलों में 870 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। यह आँकड़ा चीन की ओर से UN बैठक में प्रस्तुत किया गया।
गाजा में मानवीय स्थिति कैसी है?
चीनी प्रतिनिधि के अनुसार गाजा में मानवीय स्थिति गंभीर बनी हुई है — पीने का पानी, दवाएँ और ईंधन जैसी बुनियादी जरूरतों की लगातार कमी है और बड़ी संख्या में लोग बेघर हैं। सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट भी गहराता जा रहा है।
चीन ने इजरायल से क्या माँगें रखी हैं?
चीन ने इजरायल से कब्जा करने वाली शक्ति के रूप में अपने अंतरराष्ट्रीय मानवीय दायित्वों को पूरा करने, मानवीय आपूर्ति पर लगे प्रतिबंध हटाने और गाजा में तत्काल दवाएँ, ईंधन व आश्रय सुविधाएँ पहुँचाने की अनुमति देने की माँग की है।
गाजा युद्धविराम समझौता कब हुआ था?
चीनी प्रतिनिधि के बयान के अनुसार गाजा युद्धविराम समझौता पिछले अक्टूबर में हुआ था। हालाँकि इस समझौते से स्थिति में कुछ सुधार हुआ, लेकिन लड़ाई और पीड़ा पूरी तरह नहीं रुकी है।
राष्ट्र प्रेस
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