ओडिशा बाढ़: CM माझी ने गंजाम-गजपति का हवाई सर्वेक्षण किया, 84,000+ प्रभावित; राहत में तेज़ी के आदेश
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को चक्रवाती तूफान 'अर्नब' से बाढ़ग्रस्त गंजाम और गजपति जिलों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का प्रत्यक्ष जायज़ा लिया। इन दो जिलों सहित कंधमाल को मिलाकर कुल 84,000 से अधिक लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। माझी ने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्यों में तत्काल तेज़ी लाने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य घटनाक्रम
चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के कारण हुई भारी वर्षा ने दक्षिण ओडिशा के कई गाँवों को जलमग्न कर दिया है। गंजाम में सबसे अधिक 42,564 लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि गजपति में 30,000 और कंधमाल में 12,000 लोग बाढ़ की चपेट में हैं। सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढाँचे को भूस्खलन और जलभराव से भारी क्षति पहुँची है।
हवाई सर्वेक्षण के दौरान राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी भी मुख्यमंत्री माझी के साथ मौजूद रहे। जोखिम वाले और निचले इलाकों के निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है और विस्थापित लोगों के लिए राहत शिविर स्थापित किए गए हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री माझी ने अपने एक्स हैंडल पर जारी बयान में कहा, 'आपदा के दौरान राज्य के लोगों की जान-माल की सुरक्षा करना मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता है।' उन्होंने आगे कहा कि 'पूरा प्रशासन दिन-रात काम कर रहा है ताकि प्रभावित लोगों तक भोजन, पीने का पानी और ज़रूरी स्वास्थ्य सेवाएँ बिना किसी रुकावट के पहुँच सकें।'
माझी ने प्रशासन को क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत, बिजली आपूर्ति बहाल करने और बाढ़ के बाद संभावित स्वास्थ्य समस्याओं को नियंत्रित करने के लिए पूरी तरह सतर्क रहने का निर्देश भी दिया।
आम जनता पर असर
दक्षिण ओडिशा में बाढ़ की यह स्थिति कृषि, आवासीय क्षेत्रों और परिवहन नेटवर्क को गहरी चोट पहुँचा रही है। गौरतलब है कि ओडिशा का यह तटीय क्षेत्र प्रतिवर्ष चक्रवाती तूफानों की चपेट में आता रहा है और हर बार बुनियादी ढाँचे की पुनर्बहाली में हफ्तों का समय लगता है। इस बार भी राहत शिविरों में रह रहे हज़ारों परिवार सामान्य जीवन बहाल होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री की अपील
माझी ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा, 'इस कठिन समय में आपकी सरकार आपके साथ मज़बूती से खड़ी है। कृपया हिम्मत रखें, सुरक्षित स्थानों पर रहें, स्थानीय प्रशासन और बचाव दलों के निर्देशों का पालन करें और एक-दूसरे की मदद करें। हम सब मिलकर बहुत जल्द इस संकट से बाहर निकल आएँगे।' राज्य सरकार ने दोहराया कि वह बाढ़ से प्रभावित प्रत्येक परिवार को हर संभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है।
क्या होगा आगे
अधिकारियों के अनुसार, प्राथमिकता के आधार पर क्षतिग्रस्त सड़कें और बिजली लाइनें बहाल की जाएँगी। बाढ़ जल के उतरने के साथ ही प्रशासन संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य दलों को तैनात करने की योजना बना रहा है। स्थिति की निगरानी राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग लगातार कर रहा है।