साइक्लोन अर्नब: दक्षिण ओडिशा में 62,500 से अधिक प्रभावित, गंजाम-गजपति में बचाव तेज
सारांश
मुख्य बातें
चक्रवात अर्नब के कारण दक्षिण ओडिशा में हुई अत्यधिक भारी बारिश और भीषण बाढ़ ने गंजाम और गजपति जिलों में तबाही मचा दी है। 29 अक्टूबर 2026 तक 62,500 से अधिक लोग प्रभावित हो चुके हैं, सैकड़ों गाँव जलमग्न हैं और राहत-बचाव दल युद्धस्तर पर जुटे हैं। ओडिशा सरकार ने दोनों जिलों में एनडीआरएफ, ओडीआरएएफ और अग्निशमन सेवाओं की बड़ी टीमें तैनात कर दी हैं।
बाढ़ की स्थिति और नुकसान का दायरा
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, पिछले 24 घंटों में दक्षिण ओडिशा में रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई। गंजाम जिले के पात्रापुर में सर्वाधिक 546 मिमी वर्षा हुई, उसी जिले के सोराडा में 503 मिमी, कंधमाल के जी. उदयगिरि में 462 मिमी, गजपति के महेंद्रगढ़ में 458 मिमी, गंजाम के सनखेमुंडी में 388 मिमी और चिकिटी में 309 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुँचने से निचले इलाकों में घरों में पानी घुस गया, जिससे लोगों को छतों पर शरण लेनी पड़ी। बड़े पैमाने पर भूस्खलन, सड़कें और पुल बह जाने से कई गाँव पूरी तरह कट गए हैं। धान के खेतों और घरों को भारी नुकसान पहुँचा है।
प्रभावित गाँव और बचाव अभियान
अधिकारियों के अनुसार, गंजाम के 22 ब्लॉकों के 299 गाँव और गजपति के 7 ब्लॉकों के 711 गाँव बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं। गंजाम में करीब 42,500 और गजपति में 20,000 लोग प्रभावित हुए हैं।
एनडीआरएफ, ओडीआरएएफ और फायर सर्विस की टीमों ने गंजाम से 11,882 और गजपति से 17,441 लोगों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों में पहुँचाया है। गंजाम में अभी भी 70 गाँवों के 2,328 लोग फंसे हुए हैं। जहाँ पानी का बहाव इतना तेज है कि ज़मीनी टीमें नहीं पहुँच पा रहीं, वहाँ भारतीय तटरक्षक बल के हेलीकॉप्टरों से एयरलिफ्ट की जा रही है।
सरकार की प्रतिक्रिया
राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने गुरुवार को मीडिया को बताया कि कई नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं और निचले व संवेदनशील इलाकों में स्थिति सबसे गंभीर है। हालाँकि, उन्होंने यह भी जानकारी दी कि गुरुवार शाम करीब 4 बजे के बाद प्रभावित जिलों में बाढ़ की स्थिति में सुधार आना शुरू हो गया है।
गंजाम में ओडीआरएएफ की 27 टीमें, एनडीआरएफ की 3 टीमें और फायर सर्विस की 24 टीमें तैनात हैं, जबकि गजपति में ओडीआरएएफ की 12 टीमें, एनडीआरएफ की 1 टीम और फायर सर्विस की 12 टीमें काम कर रही हैं। मुख्य सचिव ने कलेक्टरों को फंसे हुए इलाकों की सूची तैयार करने और निकासी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा, गंजाम में 550 और गजपति में 420 गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा चुका है।
रेल सेवाएं बाधित, यात्री फंसे
गंजाम में बहुदा नदी का जलस्तर बढ़ने से इछापुरम और झाडुपुडी स्टेशनों के बीच रेलवे पुल नंबर 1052 पर जलस्तर असामान्य रूप से ऊँचा हो गया है, जिससे आंध्र प्रदेश और ओडिशा के बीच कई ट्रेन सेवाएं बाधित हो गई हैं। रेलवे अधिकारी गंजाम और श्रीकाकुलम प्रशासन के साथ समन्वय कर रहे हैं। मुख्य सचिव ने गंजाम कलेक्टर को फंसे यात्रियों की सहायता करने और उन्हें निरंतर जानकारी देते रहने का निर्देश दिया है।
आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब ओडिशा पहले से ही मानसून के अंतिम चरण में कई चक्रवाती प्रणालियों का सामना कर रहा है। IMD के पूर्वानुमान के आधार पर स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है। गाँवों की कनेक्टिविटी बहाल होने और जलस्तर घटने के बाद नुकसान का पूरा आकलन होने की उम्मीद है। फंसे हुए 2,328 लोगों को निकालना प्राथमिकता बनी हुई है।