हिमंत बिस्वा सरमा का कांग्रेस पर हमला: 'भाजपा बैलेट पेपर और ईवीएम दोनों पर जीतती है'
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 29 अक्टूबर 2026 को गुवाहाटी में पत्रकारों से बातचीत में स्पष्ट रूप से कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) और मतपत्र (बैलेट पेपर), दोनों ही मतदान प्रणालियों में अपनी चुनावी श्रेष्ठता सिद्ध की है। उन्होंने विपक्षी दलों द्वारा ईवीएम की विश्वसनीयता पर उठाए जा रहे सवालों को सिरे से खारिज करते हुए ताज़ा चुनावी नतीजों को अपने तर्क का आधार बनाया।
मुख्य बयान और तर्क
सरमा ने नागांव लोकसभा क्षेत्र में ईवीएम के माध्यम से हुए चुनाव में BJP की जीत और हाल ही में सिलचर नगरपालिका चुनावों में बैलेट पेपर से हुए मतदान में पार्टी की विजय का उल्लेख किया। उन्होंने इन दोनों परिणामों को एक साथ रखते हुए दावा किया कि जनता का समर्थन BJP के साथ है, चाहे वोटिंग का माध्यम कोई भी हो।
मुख्यमंत्री ने कहा, 'चाहे बैलेट पेपर हो या ईवीएम, भाजपा जीत रही है। पूरा नागांव चुनाव ईवीएम के जरिए हुआ था, और वहाँ भाजपा जीती। दो दिन पहले सिलचर में बैलेट पेपर से चुनाव हुए, और वहाँ भी हम जीते।'
एमएलसी चुनावों का हवाला
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सरमा ने देशभर में हाल ही में हुए विधान परिषद (एमएलसी) चुनावों का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि ये सभी चुनाव बैलेट पेपर के माध्यम से कराए गए थे, और इनमें कांग्रेस केवल एक सीट जीत पाई।
उन्होंने कहा, 'देश भर में एमएलसी चुनाव हुए, और कांग्रेस सिर्फ एक सीट जीत पाई। इस बार, सभी चुनाव बैलेट पेपर के जरिए कराए गए थे।' सरमा के अनुसार, यह परिणाम उन लोगों के तर्क को कमज़ोर करता है जो ईवीएम पर भरोसा नहीं करते।
नागांव नगरपालिका चुनावों पर भरोसा
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि अगले महीने नागांव में होने वाले नगरपालिका चुनाव भी बैलेट पेपर से कराए जाएंगे, और उन्होंने विश्वास जताया कि BJP वहाँ भी विजयी होगी। उन्होंने कहा, 'हम बैलेट पेपर और ईवीएम, दोनों ही तरीकों से जीत रहे हैं।'
ईवीएम विवाद की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि कांग्रेस सहित कई विपक्षी दल लंबे समय से ईवीएम की पारदर्शिता पर सवाल उठाते रहे हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईवीएम बनाम बैलेट पेपर की बहस राष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श में एक संवेदनशील मुद्दा बनी हुई है। BJP ने हमेशा ईवीएम का बचाव किया है और इसे पारदर्शी एवं विश्वसनीय बताया है।
आगे की राजनीतिक परीक्षा
असम में आने वाले नगरपालिका चुनाव राज्य में सत्ताधारी BJP और विपक्षी दलों की जनाधार शक्ति की एक और महत्वपूर्ण कसौटी साबित होंगे। सरमा के इस आक्रामक बयान को पार्टी की चुनावी आत्मविश्वास की अभिव्यक्ति के रूप में देखा जा रहा है।