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योगी सरकार का त्योहारी सीजन में उपभोक्ता सुरक्षा अभियान, 6 क्षेत्रों में घटतौली-MRP उल्लंघन की जाँच

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योगी सरकार का त्योहारी सीजन में उपभोक्ता सुरक्षा अभियान, 6 क्षेत्रों में घटतौली-MRP उल्लंघन की जाँच

सारांश

दीपावली से छठ तक के त्योहारी सीज़न में योगी सरकार ने बाज़ार में उतर कर घटतौली और MRP उल्लंघन पर सीधी कार्रवाई शुरू की है। मिठाई से लेकर सोने के तराज़ू तक — छह क्षेत्रों में प्रदेशव्यापी जाँच का संदेश साफ है: त्योहार की भीड़ का फायदा उठाने वालों पर नज़र है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर विधिक माप विज्ञान विभाग ने 26 अक्टूबर 2026 से प्रदेशव्यापी उपभोक्ता सुरक्षा अभियान शुरू किया।
पहला चरण 31 अक्टूबर तक, दूसरा चरण 2 से 5 नवंबर 2026 तक चलेगा।
मिठाई-गिफ्ट पैक, एलपीजी सिलेंडर , खाद्य तेल-घी, आटा-मैदा-सूजी, ज्वैलर्स और पेंट — 6 क्षेत्रों में जाँच।
नियंत्रक अमनदीप डुली के नेतृत्व में सभी जनपदों में विभागीय टीमें औचक निरीक्षण कर रही हैं।
अनियमितता पाए जाने पर संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की जाएगी।

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर विधिक माप विज्ञान विभाग ने 26 अक्टूबर 2026 से प्रदेशव्यापी उपभोक्ता सुरक्षा अभियान छेड़ा है, जिसका पहला चरण 31 अक्टूबर तक चलेगा। दीपावली, गोवर्धन पूजा, भैयादूज और छठ जैसे प्रमुख त्योहारों के बीच बाज़ार में घटतौली, अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) से अधिक वसूली और माप-तौल संबंधी अनियमितताओं पर लगाम लगाना इस अभियान का केंद्रीय उद्देश्य है।

अभियान का दायरा और समयसीमा

विभागीय अधिकारियों के अनुसार यह अभियान दो चरणों में चलाया जाएगा। पहला चरण 26 से 31 अक्टूबर 2026 तक सक्रिय है, जबकि दूसरा चरण 2 नवंबर से 5 नवंबर 2026 तक प्रदेश के समस्त जनपदों में संचालित किया जाएगा। नियंत्रक विधिक माप विज्ञान अमनदीप डुली के निर्देशानुसार उपनियंत्रक, सहायक नियंत्रक, वरिष्ठ निरीक्षक और निरीक्षकों की टीमें नियमित जाँच के साथ-साथ बाज़ारों में औचक निरीक्षण भी कर रही हैं। गौरतलब है कि त्योहारी सीज़न में खरीदारी की भीड़ को देखते हुए इस बार जाँच का दायरा पिछले वर्षों की तुलना में अधिक व्यापक रखा गया है।

छह प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष फोकस

अभियान के तहत त्योहारों में सर्वाधिक माँग वाले छह क्षेत्रों को प्राथमिक जाँच के दायरे में रखा गया है।

मिठाई और गिफ्ट पैक: मिठाई के साथ डिब्बे का वजन जोड़कर अधिक मूल्य वसूलने जैसी घटतौली की जाँच की जा रही है और गिफ्ट हैंपर पर अंकित घोषणाओं का सत्यापन हो रहा है।

एलपीजी सिलेंडर: घरेलू और वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों में वास्तविक गैस मात्रा की पड़ताल की जा रही है ताकि निर्धारित मात्रा से कम आपूर्ति पर रोक लगाई जा सके।

खाद्य तेल और घी: पैकेज्ड खाद्य तेल, घी के पैकेटों और टिनों पर घोषित शुद्ध मात्रा तथा अंकित मूल्य का मिलान किया जा रहा है।

आटा, मैदा और सूजी: पैकेटों व बोरों पर दर्ज वजन के सापेक्ष वास्तविक मात्रा की जाँच की जा रही है।

ज्वैलर्स प्रतिष्ठान: सराफा बाज़ारों में आभूषणों की तौल के लिए प्रयुक्त इलेक्ट्रॉनिक तराज़ुओं व अन्य माप-तौल उपकरणों के सत्यापन और सील की जाँच की जा रही है।

पेंट प्रतिष्ठान: घरों की पुताई में उपयोग होने वाले पेंट के डिब्बों पर घोषित मात्रा और मूल्य की पड़ताल की जा रही है।

उपभोक्ताओं पर सीधा असर

यह अभियान ऐसे समय में आया है जब त्योहारी सीज़न में उत्तर प्रदेश के करोड़ों परिवार बाज़ारों में भारी खरीदारी कर रहे हैं। घटतौली और MRP उल्लंघन की शिकायतें हर वर्ष त्योहारों के दौरान बढ़ जाती हैं। विभागीय टीमें अनियमितता पाए जाने पर संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत व्यापारिक प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कार्रवाई करेंगी।

सरकार का रुख और आगे की राह

उत्तर प्रदेश सरकार का कहना है कि प्रदेशवासी त्योहारों को विश्वास, पारदर्शिता और सुरक्षित खरीदारी के माहौल में मना सकें, यही इस अभियान की मंशा है। 5 नवंबर 2026 को दूसरे चरण की समाप्ति के बाद विभाग की ओर से कार्रवाई का ब्यौरा सार्वजनिक किए जाने की संभावना है। उपभोक्ता संगठनों ने अभियान का स्वागत करते हुए इसे वार्षिक कैलेंडर का स्थायी हिस्सा बनाने की माँग की है।

संपादकीय दृष्टिकोण

केवल त्योहारी पाखवाड़ा न हो — वह माँग अभी भी अनसुनी है।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूपी का त्योहारी उपभोक्ता सुरक्षा अभियान क्या है?
यह उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दीपावली, गोवर्धन पूजा, भैयादूज और छठ के मद्देनजर चलाया जा रहा प्रदेशव्यापी जाँच अभियान है, जिसमें विधिक माप विज्ञान विभाग की टीमें घटतौली, MRP से अधिक वसूली और माप-तौल उपकरणों की अनियमितताओं की जाँच कर रही हैं। अभियान 26 अक्टूबर 2026 से शुरू होकर दो चरणों में 5 नवंबर 2026 तक चलेगा।
इस अभियान में किन क्षेत्रों की जाँच होगी?
छह प्रमुख क्षेत्रों को जाँच के दायरे में रखा गया है: मिठाई और गिफ्ट पैक, एलपीजी सिलेंडर, खाद्य तेल व घी, आटा-मैदा-सूजी, ज्वैलर्स प्रतिष्ठान और पेंट प्रतिष्ठान। इन सभी में घोषित मात्रा, MRP और माप-तौल उपकरणों की सटीकता की पड़ताल की जाएगी।
अभियान का दूसरा चरण कब होगा?
दूसरा चरण 2 नवंबर से 5 नवंबर 2026 तक चलेगा, जिसमें प्रदेश के सभी जनपदों में व्यापक जाँच की जाएगी। पहला चरण 26 से 31 अक्टूबर 2026 तक सक्रिय है।
अनियमितता पाए जाने पर क्या कार्रवाई होगी?
घटतौली, MRP उल्लंघन या माप-तौल उपकरणों में गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत व्यापारिक प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी।
उपभोक्ता शिकायत कहाँ दर्ज कर सकते हैं?
स्रोत में इस संबंध में कोई विशेष हेल्पलाइन या पोर्टल का उल्लेख नहीं है। उपभोक्ता विधिक माप विज्ञान विभाग के स्थानीय कार्यालय या जनपद स्तरीय अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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