9 जुलाई 2026
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सीएम योगी का बड़ा फैसला: हर विकास खंड में साप्ताहिक चौपाल, मौके पर मिलेगा जन समस्याओं का समाधान

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सीएम योगी का बड़ा फैसला: हर विकास खंड में साप्ताहिक चौपाल, मौके पर मिलेगा जन समस्याओं का समाधान

सारांश

योगी सरकार ने शासन को ज़मीन तक ले जाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है — हर विकास खंड में साप्ताहिक चौपाल के ज़रिये राजस्व, पुलिस और कल्याण योजनाओं की शिकायतों का मौके पर निपटारा होगा। साथ ही बकरीद और गंगा दशहरा पर सुरक्षा के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 24 मई 2026 को प्रत्येक विकास खंड में साप्ताहिक चौपाल लगाने का निर्णय लिया।
चौपालों में राजस्व विवाद, घरेलू हिंसा, अवैध वसूली और दर्ज न होने वाली पुलिस शिकायतों का तत्काल निस्तारण होगा।
बकरीद पर सार्वजनिक स्थलों पर पशु कुर्बानी प्रतिबंधित; कुर्बानी केवल पूर्व निर्धारित स्थलों पर ही होगी।
अलीगढ़, बिजनौर, सहारनपुर, रामपुर, संभल सहित संवेदनशील जनपदों में पर्व से पूर्व फ्लैग मार्च के निर्देश।
अवैध खनन के खिलाफ टास्क फोर्स गठन और बिना नम्बर प्लेट वाले वाहनों पर अभियान चलाने के आदेश।
' ज्ञान भारतम मिशन ' के तहत प्रदेश में अब तक 12 लाख पांडुलिपियों का चिन्हांकन।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 24 मई 2026 को प्रदेश के प्रत्येक विकास खंड स्तर पर साप्ताहिक चौपाल आयोजित करने का निर्णय लिया है, जिसमें राजस्व विवाद, घरेलू हिंसा, अवैध वसूली और स्थानीय स्तर पर दर्ज न होने वाली पुलिस शिकायतों का तत्काल निपटारा किया जाएगा। इन चौपालों के ज़रिये सरकारी लाभार्थीपरक योजनाओं से वंचित पात्र नागरिकों को भी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कराया जाएगा।

चौपाल की संरचना और संचालन

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित कानून-व्यवस्था एवं प्रशासनिक समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि शासन स्तर से विस्तृत एसओपी (SOP) जारी की जाएगी और प्रत्येक आवेदन व शिकायत का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। जनपद स्तरीय अधिकारियों की उपस्थिति इन चौपालों में अनिवार्य रहेगी।

मुख्यमंत्री ने आईजीआरएस और सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों पर भी अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए — केवल औपचारिक निस्तारण नहीं, बल्कि पीड़ित को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब प्रदेश में जनशिकायत निवारण की गति को लेकर सवाल उठते रहे हैं।

बकरीद और गंगा दशहरा: विशेष सुरक्षा निर्देश

आगामी गंगा दशहरा और बकरीद पर्वों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बकरीद के अवसर पर सार्वजनिक स्थलों पर पशुओं की कुर्बानी की अनुमति नहीं होगी और प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। कुर्बानी केवल पूर्व निर्धारित स्थलों पर ही की जाएगी।

नमाज केवल परंपरागत स्थलों पर अदा की जाए और सड़क मार्ग अवरुद्ध कर नमाज की अनुमति किसी भी स्थिति में न दी जाए — यह निर्देश भी जारी किए गए। प्रत्येक जिले में कुर्बानी के बाद अपशिष्ट निस्तारण की सुनियोजित व्यवस्था, खुले में मांस विक्रय पर प्रतिबंध और अवैध स्लॉटर हाउस पर पूर्ण रोक के निर्देश भी दिए गए।

गंगा दशहरा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रयागराज, वाराणसी, अयोध्या, चित्रकूट, हापुड़, मुजफ्फरनगर और अमरोहा सहित विभिन्न जनपदों में गंगा घाटों की साफ-सफाई, बैरिकेडिंग, एम्बुलेंस तैनाती, छायादार व्यवस्था और पार्किंग प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। तेज गर्मी को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया गया।

संवेदनशील जनपदों पर विशेष नज़र

मुख्यमंत्री ने अलीगढ़, बिजनौर, सहारनपुर, रामपुर और संभल सहित संवेदनशील जनपदों के जिलाधिकारियों और पुलिस कप्तानों से सीधे संवाद किया। उन्होंने निर्देश दिया कि विगत वर्षों की घटनाओं का अध्ययन कर संभावित अराजक तत्वों की सूची तैयार की जाए और आवश्यकतानुसार निषेधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। संवेदनशील क्षेत्रों में पर्व से पूर्व फ्लैग मार्च और धार्मिक स्थलों के आसपास पुलिस की सतत पैदल गश्त के भी निर्देश दिए गए।

सभी थाना, तहसील और जनपद स्तर पर पीस कमेटियों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने को भी कहा गया। गौरतलब है कि यह निर्देश उन जिलों के लिए विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण हैं जहाँ पिछले वर्षों में सांप्रदायिक तनाव की घटनाएँ दर्ज की गई हैं।

अवैध खनन, भू-माफिया और सड़क सुरक्षा

बैठक में मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा और अवैध खनन पर कड़ा रुख अपनाया। बिना नम्बर प्लेट वाले वाहनों के विरुद्ध अभियान चलाने और अवैध खनन के खिलाफ टास्क फोर्स गठित कर कठोरतम कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी दबाव या सिफारिश में आए बिना जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई की जाए, लेकिन जाँच के नाम पर आम नागरिकों का उत्पीड़न नहीं होना चाहिए।

भू-माफिया के विरुद्ध कार्रवाई को और तेज करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी व्यक्ति का वैध अधिकार प्रभावित नहीं होना चाहिए। जिन जिलों में मुख्य चिकित्सा अधिकारी की तैनाती नहीं है, वहाँ तत्काल नियुक्ति सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।

ज्ञान भारतम मिशन और बैठक में उपस्थित अधिकारी

बैठक में मुख्य सचिव ने 'ज्ञान भारतम मिशन' के अंतर्गत प्रदेश में अब तक 12 लाख पांडुलिपियों के चिन्हांकन की जानकारी दी। पुलिस महानिदेशक ने आगामी पर्वों और परीक्षाओं को लेकर पुलिस की तैयारियों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में सभी मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, पुलिस आयुक्त, अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक सहित शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। साप्ताहिक चौपाल की एसओपी जारी होने के बाद इसके क्रियान्वयन की दिशा स्पष्ट होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो अक्सर प्रारंभिक उत्साह के बाद नौकरशाही की जड़ता में दब जाते हैं। असली कसौटी यह है कि एसओपी में जवाबदेही का ढाँचा कितना बाध्यकारी होगा — क्या अधिकारियों की उपस्थिति और निस्तारण की गुणवत्ता को मापने योग्य संकेतकों से जोड़ा जाएगा। बकरीद संबंधी निर्देश प्रशासनिक स्पष्टता देते हैं, लेकिन इनके क्रियान्वयन में संवेदनशीलता और कानूनी मर्यादा दोनों की परीक्षा होगी। चौपाल की सफलता अंततः उस अंतिम पंक्ति के नागरिक के अनुभव से तय होगी जिसके लिए यह पहल बनाई गई है।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तर प्रदेश में साप्ताहिक चौपाल क्या है और इसमें कौन-सी समस्याएँ उठाई जा सकती हैं?
साप्ताहिक चौपाल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा घोषित वह व्यवस्था है जिसमें प्रत्येक विकास खंड स्तर पर नियमित रूप से जनसुनवाई होगी। इसमें राजस्व विवाद, घरेलू हिंसा, अवैध वसूली और स्थानीय स्तर पर दर्ज न होने वाली पुलिस शिकायतों का मौके पर निपटारा किया जाएगा।
चौपाल का संचालन कैसे होगा और अधिकारियों की ज़िम्मेदारी क्या होगी?
शासन स्तर से विस्तृत एसओपी जारी की जाएगी जिसके अनुसार चौपालें संचालित होंगी। जनपद स्तरीय अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य रहेगी और प्रत्येक आवेदन व शिकायत का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करना होगा।
बकरीद पर योगी सरकार के क्या निर्देश हैं?
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक स्थलों पर पशु कुर्बानी की अनुमति नहीं होगी और प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी पर पूर्ण रोक रहेगी। कुर्बानी केवल पूर्व निर्धारित स्थलों पर ही होगी, खुले में मांस विक्रय प्रतिबंधित रहेगा और अवैध स्लॉटर हाउस किसी भी दशा में संचालित नहीं होंगे।
गंगा दशहरा की तैयारियों के लिए किन जिलों पर विशेष ध्यान दिया गया है?
प्रयागराज, वाराणसी, अयोध्या, चित्रकूट, हापुड़, मुजफ्फरनगर और अमरोहा सहित विभिन्न जनपदों में गंगा घाटों की साफ-सफाई, बैरिकेडिंग, एम्बुलेंस तैनाती और पार्किंग प्रबंधन के निर्देश दिए गए हैं। तेज गर्मी को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया गया है।
अवैध खनन और भू-माफिया पर सरकार की क्या कार्रवाई होगी?
मुख्यमंत्री ने अवैध खनन के खिलाफ टास्क फोर्स गठित कर कठोरतम कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। भू-माफिया के विरुद्ध कार्रवाई तेज करने और जीरो टॉलरेंस नीति के तहत बिना किसी दबाव या सिफारिश के कदम उठाने को कहा गया है, साथ ही आम नागरिकों के उत्पीड़न से बचने की भी हिदायत दी गई है।
राष्ट्र प्रेस
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