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यूपी के 60 हजार ग्राम प्रहरियों का मानदेय ₹3,500 होगा, योगी 13 अक्टूबर को बरेली में करेंगे ऐलान

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यूपी के 60 हजार ग्राम प्रहरियों का मानदेय ₹3,500 होगा, योगी 13 अक्टूबर को बरेली में करेंगे ऐलान

सारांश

योगी सरकार 13 अक्टूबर को बरेली में यूपी के 60 हजार ग्राम प्रहरियों का मानदेय एक झटके में 40% बढ़ाकर ₹3,500 प्रतिमाह करने जा रही है। रसोइयों, आंगनबाड़ी और पंचायत सहायकों के बाद यह मानदेय-राहत की उसी कड़ी का अगला चरण है — साथ में सामाजिक पेंशन वृद्धि का प्रस्ताव भी कैबिनेट के करीब है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 13 अक्टूबर 2026 को बरेली में ग्राम प्रहरियों का मानदेय ₹1,000 प्रतिमाह बढ़ाने की घोषणा करेंगे।
मासिक मानदेय ₹2,500 से बढ़कर ₹3,500 होगा — एकमुश्त 40% की वृद्धि; प्रत्येक ग्राम प्रहरी को सालाना ₹12,000 अतिरिक्त।
प्रदेश में 60 हजार ग्राम प्रहरी; सरकार पर सालाना अतिरिक्त वित्तीय भार ₹84 करोड़ अनुमानित।
हाल में रसोइयों, आंगनबाड़ी कर्मियों, पंचायत सहायकों और प्रांतीय रक्षक दल के भत्ते भी बढ़ाए गए।
वृद्धावस्था, निराश्रित महिला व दिव्यांगजन पेंशन ₹1,000 से ₹1,500 प्रतिमाह करने का प्रस्ताव नवंबर 2026 में कैबिनेट के समक्ष आने की संभावना।
67 लाख बुजुर्ग, 42 लाख निराश्रित महिलाएं और 12 लाख दिव्यांगजन पेंशन प्रस्ताव से लाभान्वित हो सकते हैं।

उत्तर प्रदेश के करीब 60 हजार ग्राम प्रहरियों को योगी सरकार एक अहम आर्थिक राहत देने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 13 अक्टूबर 2026 को बरेली पुलिस लाइन में आयोजित एक कार्यक्रम में ग्राम प्रहरियों का मासिक मानदेय ₹1,000 बढ़ाने की घोषणा करेंगे, जिससे यह ₹2,500 से बढ़कर ₹3,500 प्रतिमाह हो जाएगा। यह एकमुश्त 40 प्रतिशत की वृद्धि है, जिसके तहत प्रत्येक ग्राम प्रहरी को सालाना ₹12,000 अतिरिक्त मिलेंगे।

ग्राम प्रहरी: ग्रामीण पुलिस तंत्र की अहम कड़ी

गृह विभाग से संबद्ध ग्राम प्रहरी गांवों और स्थानीय थानों के बीच सूचना की कड़ी के रूप में कार्य करते हैं। ये प्रहरी ग्रामीण क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों, आपसी विवादों और कानून-व्यवस्था से जुड़ी सूचनाएं पुलिस तक पहुँचाते हैं। लंबे समय से ये मानदेय वृद्धि की माँग कर रहे थे और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रस्तावित घोषणा से उनकी यह माँग पूरी होने की उम्मीद है।

सरकार पर वित्तीय भार

प्रदेश में ग्राम प्रहरियों की अनुमानित संख्या 60 हजार है। इस वृद्धि से सरकारी खजाने पर प्रतिमाह करीब ₹7 करोड़ और सालाना ₹84 करोड़ का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा। इस व्यय के लिए अनुपूरक बजट में धनराशि का प्रावधान किए जाने की संभावना बताई जा रही है।

मानदेय वृद्धि की व्यापक श्रृंखला

गौरतलब है कि योगी सरकार ने हाल के महीनों में मानदेय पर कार्यरत विभिन्न वर्गों की आय बढ़ाने की दिशा में कई निर्णय लिए हैं। परिषदीय विद्यालयों में मध्याह्न भोजन तैयार करने वाली करीब 3.53 लाख रसोइयों का मानदेय ₹2,000 से बढ़ाकर ₹3,000 प्रतिमाह किया गया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में ₹4,000 और सहायिकाओं के मानदेय में ₹2,000 प्रतिमाह की वृद्धि की गई है। इसी तरह 57 हजार से अधिक पंचायत सहायकों का मानदेय ₹6,000 से बढ़ाकर ₹9,000 प्रतिमाह किया गया है। प्रांतीय रक्षक दल के स्वयंसेवकों का दैनिक भत्ता भी ₹500 से बढ़ाकर ₹600 किया जा चुका है।

सामाजिक पेंशन में भी वृद्धि की तैयारी

ग्राम प्रहरियों के मानदेय में वृद्धि के साथ-साथ सरकार सामाजिक पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों को भी राहत देने की योजना बना रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सैद्धांतिक सहमति के बाद वृद्धावस्था, निराश्रित महिला और दिव्यांगजन पेंशन की राशि ₹1,000 से बढ़ाकर ₹1,500 प्रतिमाह करने का प्रस्ताव आगे बढ़ाया जा रहा है। इसे नवंबर 2026 के दूसरे पखवाड़े में कैबिनेट के समक्ष लाए जाने की संभावना है।

प्रदेश में 67 लाख से अधिक बुजुर्ग, 42 लाख से अधिक निराश्रित महिलाएं और 12 लाख से अधिक दिव्यांगजन पेंशन योजनाओं के लाभार्थी हैं। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर प्रत्येक लाभार्थी को सालाना ₹6,000 अतिरिक्त पेंशन मिल सकेगी। इस प्रकार, यूपी सरकार का यह कदम ग्रामीण और अर्ध-संगठित कार्यबल के लिए कल्याणकारी नीतियों को व्यापक बनाने की दिशा में एक स्पष्ट संकेत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

आंगनबाड़ी, पंचायत सहायक और अब ग्राम प्रहरी — एक सुनियोजित चुनावी-पूर्व कल्याण-रणनीति की तरह दिखती है, विशेष रूप से जब सामाजिक पेंशन वृद्धि का प्रस्ताव भी कैबिनेट की दहलीज पर है। असली प्रश्न यह है कि क्या ₹84 करोड़ के सालाना अतिरिक्त भार के लिए अनुपूरक बजट में प्रावधान समय पर होगा, या ग्राम प्रहरियों को घोषणा और भुगतान के बीच की लंबी खाई का सामना करना पड़ेगा। ग्राम प्रहरी अभी भी स्थायी सरकारी कर्मचारी नहीं हैं — उनका मानदेय ₹3,500 भी न्यूनतम मजदूरी से काफी नीचे है, जो इस 'बड़ी सौगात' की वास्तविक सीमाओं को उजागर करता है।
RashtraPress
12 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूपी के ग्राम प्रहरियों का नया मानदेय कितना होगा?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की 13 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित घोषणा के बाद ग्राम प्रहरियों का मासिक मानदेय ₹2,500 से बढ़कर ₹3,500 हो जाएगा। यह 40 प्रतिशत की एकमुश्त वृद्धि है और प्रत्येक प्रहरी को सालाना ₹12,000 अतिरिक्त मिलेंगे।
ग्राम प्रहरी कौन होते हैं और उनका काम क्या है?
ग्राम प्रहरी गृह विभाग से संबद्ध ग्रामीण स्तर के स्वयंसेवी सूचनाकर्ता होते हैं जो स्थानीय थानों और गांवों के बीच संपर्क की कड़ी का काम करते हैं। ये संदिग्ध गतिविधियों, आपसी विवादों और कानून-व्यवस्था से जुड़ी सूचनाएं पुलिस तक पहुँचाते हैं।
इस मानदेय वृद्धि से यूपी सरकार पर कितना वित्तीय बोझ पड़ेगा?
प्रदेश में करीब 60 हजार ग्राम प्रहरी हैं। मानदेय वृद्धि से सरकार पर प्रतिमाह लगभग ₹7 करोड़ और सालाना ₹84 करोड़ का अतिरिक्त भार पड़ने का अनुमान है। इसके लिए अनुपूरक बजट में प्रावधान किए जाने की संभावना बताई जा रही है।
योगी सरकार ने हाल में और किन वर्गों के मानदेय बढ़ाए हैं?
हाल के महीनों में 3.53 लाख रसोइयों का मानदेय ₹2,000 से ₹3,000, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में ₹4,000 और सहायिकाओं में ₹2,000 प्रतिमाह की वृद्धि की गई। 57 हजार से अधिक पंचायत सहायकों का मानदेय ₹6,000 से ₹9,000 और प्रांतीय रक्षक दल का दैनिक भत्ता ₹500 से ₹600 किया गया है।
सामाजिक पेंशन बढ़ाने का प्रस्ताव कब तक मंजूर हो सकता है?
मुख्यमंत्री की सैद्धांतिक सहमति के बाद वृद्धावस्था, निराश्रित महिला और दिव्यांगजन पेंशन ₹1,000 से ₹1,500 प्रतिमाह करने का प्रस्ताव नवंबर 2026 के दूसरे पखवाड़े में कैबिनेट के सामने लाए जाने की संभावना है। प्रस्ताव मंजूर होने पर 67 लाख बुजुर्ग, 42 लाख निराश्रित महिलाएं और 12 लाख दिव्यांगजन लाभान्वित होंगे।
राष्ट्र प्रेस
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