नगांव उपचुनाव में BJP की जीत के बाद CM हिमंत बिस्वा सरमा का कांग्रेस पर तीखा हमला
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 9 अक्टूबर 2026 को नगांव लोकसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की जीत के बाद कांग्रेस समेत समूचे विपक्ष पर जोरदार हमला बोला। गुवाहाटी में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल जनता के बीच जाने की बजाय चुनाव आयोग (ECI) को निशाना बनाने में ज़्यादा रुचि रखते हैं।
मुख्य आरोप और बयान
सरमा ने कहा कि जब भी BJP कोई चुनाव जीतती है, विपक्ष सबसे पहले चुनाव आयोग पर सवाल उठाना शुरू कर देता है। उन्होंने विपक्षी नेताओं को सलाह दी कि वे शोर-शराबे की बजाय ज़मीनी स्तर पर काम करें और लोगों की समस्याओं का समाधान ढूँढें। उनके अनुसार, चुनाव परिणाम को चुनौती देना और संस्थाओं पर दोष मढ़ना विपक्ष की 'आदत' बन चुकी है।
कथित अवैध घुसपैठ का मुद्दा
मुख्यमंत्री ने कथित अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने दावा किया कि 9 अक्टूबर को गुवाहाटी में करीब 100 बांग्लादेशियों को पकड़ा गया। उन्होंने कहा, 'यदि किसी कारण से वे पुलिस की पकड़ में नहीं आते, तो छह महीने बाद उनके नाम मतदाता सूची में शामिल हो सकते हैं।' सरमा ने यह भी दावा किया कि पिछले एक वर्ष में असम से कई कथित अवैध प्रवासियों को वापस भेजा जा चुका है, हालाँकि उन्होंने स्वीकार किया कि अधिकारी ऐसे मामलों का केवल एक हिस्सा ही पकड़ पाते हैं।
चुनाव आयोग की जवाबदेही पर सवाल
सरमा ने चुनाव आयोग की भूमिका पर एक अहम तर्क रखा। उनके अनुसार, ECI की ज़िम्मेदारी केवल योग्य मतदाताओं के नाम जोड़ने तक सीमित नहीं है — कानून के तहत अयोग्य व्यक्तियों के नाम हटाना भी उसी का दायित्व है। उन्होंने कहा, 'यदि नाम जोड़ना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है, तो नाम हटाना भी उसकी जिम्मेदारी है।' भारतीय चुनाव कानून के अनुसार, मतदाता पंजीकरण प्राधिकरणों की ज़िम्मेदारी है कि मतदाता सूची नागरिकता सहित सभी कानूनी पात्रता मानकों के अनुरूप हो।
दिल्ली प्रदर्शनों पर निशाना
मुख्यमंत्री ने विपक्षी नेताओं की उस रणनीति की भी आलोचना की, जिसके तहत वे लोगों को दिल्ली ले जाकर प्रदर्शन करा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे प्रदर्शनों का मकसद अधिकारियों पर दबाव बनाना है। सरमा ने विपक्षी नेताओं को आमंत्रित किया कि वे पहले असम आएँ और यहाँ के लोगों की 'दर्द और पीड़ा' को समझें। उन्होंने कहा, 'दिल्ली में अपनी ताकत दिखाने से पहले असम आइए और यहाँ के लोगों का दर्द देखिए। तब आपको देश की वास्तविक स्थिति समझ में आएगी।'
नगांव उपचुनाव का महत्त्व
नगांव लोकसभा सीट इसलिए चर्चा में है क्योंकि इस क्षेत्र में अल्पसंख्यक मतदाताओं की बड़ी संख्या है और पिछले दो लोकसभा चुनावों में यहाँ कांग्रेस को जीत मिली थी। ऐसे में BJP की यह जीत राजनीतिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण मानी जा रही है। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब मतदाता सूचियों, कथित अवैध घुसपैठ और ECI की भूमिका को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक विवाद गहराया हुआ है।