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नागांव उपचुनाव: CM हिमंत सरमा बोले — BJP जीती तो असम में सभी 126 सीटें जीतेंगे

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नागांव उपचुनाव: CM हिमंत सरमा बोले — BJP जीती तो असम में सभी 126 सीटें जीतेंगे

सारांश

नागांव उपचुनाव अब सिर्फ एक संसदीय सीट का सवाल नहीं — CM हिमंत सरमा ने इसे असम की 126 विधानसभा सीटों की लड़ाई का पूर्वाभ्यास बता दिया है। 6 अक्टूबर का नतीजा BJP की विस्तार रणनीति और कांग्रेस के जमीनी आधार दोनों की असली परीक्षा लेगा।

मुख्य बातें

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि नागांव उपचुनाव जीतने पर BJP अगले विधानसभा चुनाव में सभी 126 सीटें जीत सकती है।
मतदान 6 अक्टूबर 2026 को होगा; BJP ने देवाशीष शर्मा (पूर्व IAS) और कांग्रेस ने शिबमोनी बोरा (पूर्व विधायक) को उतारा है।
नागांव लोकसभा सीट पर कांग्रेस ने 2019 और 2024 दोनों चुनाव जीते थे।
सीट प्रद्युत बोरदोलोई के BJP में शामिल होकर इस्तीफा देने के बाद रिक्त हुई।
सरमा ने खुद माना कि नागांव BJP की पारंपरिक सीट नहीं है, लेकिन पिछले एक महीने में मतदाता रुझान बदला है।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 15 सितंबर 2026 को नागांव लोकसभा उपचुनाव को लेकर एक बड़ा राजनीतिक बयान दिया — उनके अनुसार, यदि भारतीय जनता पार्टी (BJP) इस सीट पर जीत दर्ज करती है, तो अगले विधानसभा चुनाव में पार्टी असम की सभी 126 विधानसभा सीटें जीत सकती है। 6 अक्टूबर 2026 को होने वाला यह उपचुनाव दोनों प्रमुख दलों के लिए 2029 से पहले की सबसे अहम राजनीतिक परीक्षा बन चुका है।

मुख्यमंत्री का बड़ा दावा

सरमा ने स्पष्ट शब्दों में कहा, "अगर BJP नागांव उपचुनाव जीतती है, तो अगले विधानसभा चुनाव में हम 126 सीटें जीतेंगे।" उन्होंने यह भी माना कि पिछले एक महीने में मतदाताओं का झुकाव BJP की ओर हुआ है, लेकिन साथ ही यह स्वीकार किया कि नागांव ऐतिहासिक रूप से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) का गढ़ रहा है।

सरमा के शब्दों में, "हमने पिछले एक महीने में देखा है कि लोग BJP की ओर झुक रहे हैं। लेकिन यह BJP की पारंपरिक सीट नहीं है; यह हमेशा से कांग्रेस की सीट रही है।" इस स्वीकारोक्ति से स्पष्ट है कि पार्टी इस मुकाबले को हल्के में नहीं ले रही।

नागांव सीट का चुनावी इतिहास

नागांव लोकसभा सीट पर कांग्रेस ने 2019 और 2024 दोनों आम चुनावों में जीत हासिल की थी। यह सीट तब रिक्त हुई जब सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने इस्तीफा देकर BJP में शामिल हो गए और बाद में दिसपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा। गौरतलब है कि लगातार दो लोकसभा चुनावों में कांग्रेस की जीत इस सीट की रणनीतिक अहमियत को और बढ़ा देती है।

यह ऐसे समय में आया है जब मध्य असम में BJP अपनी संगठनात्मक पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। नागांव की जीत पार्टी के उस दावे को बल देगी कि उसका प्रभाव पारंपरिक कांग्रेसी इलाकों में भी पहुँच चुका है।

दोनों पार्टियों के उम्मीदवार

BJP ने पूर्व IAS अधिकारी और नागांव के पूर्व डिप्टी कमिश्नर देवाशीष शर्मा को प्रत्याशी बनाया है। वहीं, कांग्रेस ने बटाद्रोबा की पूर्व विधायक शिबमोनी बोरा को मैदान में उतारा है। दोनों उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि इस मुकाबले को और दिलचस्प बनाती है — एक ओर प्रशासनिक अनुभव, दूसरी ओर जमीनी राजनीति का लंबा इतिहास।

दोनों दलों के लिए राजनीतिक दाँव

BJP के लिए नागांव जीतना महज एक संसदीय उपचुनाव की सफलता नहीं होगी — यह पार्टी की विस्तार रणनीति की प्रमाणिकता का सवाल है। यदि BJP यह सीट जीतती है, तो यह संकेत होगा कि पारंपरिक कांग्रेसी मतदाता भी धीरे धीरे BJP की ओर आ रहे हैं।

दूसरी ओर, कांग्रेस के लिए इस सीट को बचाना उतना ही ज़रूरी है। पार्टी अगर नागांव में अपनी पकड़ बनाए रखती है, तो यह मध्य असम में उसके पारंपरिक वोट बैंक की मज़बूती का प्रमाण होगा और 2029 से पहले एक ठोस जवाबी संदेश भी।

आगे की राह

6 अक्टूबर 2026 को मतदान के साथ ही असम की राजनीति का तापमान चरम पर होगा। नतीजों को राज्य के चुनावी मूड के शुरुआती संकेतक के रूप में देखा जाएगा। सरमा की इस भविष्यवाणी ने इस उपचुनाव को राज्य की सीमाओं से परे राष्ट्रीय चर्चा का विषय बना दिया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि खुद सरमा ने माना है कि यह BJP का पारंपरिक गढ़ नहीं है। असल परीक्षा यह है कि क्या पिछले एक महीने का कथित झुकाव मतपेटी तक पहुँचता है — असम में 2024 लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस ने इसी सीट पर जीत दर्ज की थी, जो BJP के संगठनात्मक दावों की सीमाएँ दर्शाता है। बोरदोलोई का BJP में जाना और सीट खाली करना एक असामान्य परिस्थिति है, जिसका लाभ कौन उठाएगा, यह 6 अक्टूबर को स्पष्ट होगा।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नागांव लोकसभा उपचुनाव कब होगा और यह क्यों हो रहा है?
नागांव लोकसभा उपचुनाव 6 अक्टूबर 2026 को होगा। यह सीट तब रिक्त हुई जब सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने BJP में शामिल होकर इस्तीफा दे दिया और दिसपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा।
CM हिमंत सरमा ने 126 सीटों की बात क्यों कही?
सरमा ने कहा कि नागांव में BJP की जीत पार्टी के लिए अगले विधानसभा चुनाव में असम की सभी 126 सीटें जीतने का मार्ग प्रशस्त कर सकती है। उनका यह बयान इस उपचुनाव को एक बड़े राजनीतिक संकेत के रूप में स्थापित करने की कोशिश है।
नागांव से BJP और कांग्रेस के उम्मीदवार कौन हैं?
BJP ने पूर्व IAS अधिकारी और नागांव के पूर्व डिप्टी कमिश्नर देवाशीष शर्मा को मैदान में उतारा है। कांग्रेस ने बटाद्रोबा की पूर्व विधायक शिबमोनी बोरा को प्रत्याशी बनाया है।
नागांव सीट पर अब तक का चुनावी इतिहास क्या रहा है?
नागांव लोकसभा सीट पर कांग्रेस ने 2019 और 2024 दोनों आम चुनावों में जीत दर्ज की थी। इसीलिए इसे कांग्रेस का पारंपरिक गढ़ माना जाता है, और खुद CM सरमा ने भी इसे BJP की पारंपरिक सीट न होने की बात स्वीकार की है।
इस उपचुनाव का 2029 के चुनाव पर क्या असर होगा?
नागांव उपचुनाव के नतीजे को 2029 के आम चुनाव और असम विधानसभा चुनाव से पहले राज्य के चुनावी मूड का शुरुआती संकेत माना जा रहा है। BJP की जीत उसकी विस्तार रणनीति को बल देगी, जबकि कांग्रेस की जीत मध्य असम में उसके मज़बूत आधार की पुष्टि करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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