नगांव उपचुनाव: असम CM हिमंत का दावा — समागुरी हिंसा कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी का नतीजा
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को दावा किया कि समागुरी इलाके में आगामी नगांव उपचुनाव के प्रचार के दौरान हुई हिंसा दरअसल कांग्रेस के ही विरोधी गुटों के बीच टकराव का परिणाम थी। उन्होंने विपक्षी दल के राज्य नेतृत्व से सार्वजनिक रूप से आग्रह किया कि वे बाहरी दलों पर दोष मढ़ने के बजाय अपनी आंतरिक कलह की जिम्मेदारी लें।
घटनाक्रम: क्या हुआ समागुरी में
यह बयान उस घटना के ठीक एक दिन बाद आया जब समागुरी के बरमा इलाके में असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (APCC) के अध्यक्ष गौरव गोगोई और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित कई वरिष्ठ नेताओं को लेकर जा रहा एक चुनावी काफिला कथित तौर पर पथराव का शिकार हुआ।
कांग्रेस का आरोप है कि काफिले पर पहले काले झंडे दिखाए गए, 'वापस जाओ' के नारे लगाए गए और फिर पथराव किया गया, तथा इसके पीछे भाजपा समर्थक थे। पार्टी ने पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है। हालाँकि, पुलिस और अन्य रिपोर्टों ने पुष्टि की है कि दोनों पक्षों के बीच टकराव हुआ था।
मुख्यमंत्री की दलील: गुटबाजी बनाम राजनीतिक विरोध
सरमा ने समागुरी विधानसभा क्षेत्र के राजनीतिक इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि इस घटना को कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "असल में, यह कांग्रेस के ही विरोधी गुटों के बीच का टकराव था।"
उन्होंने यह भी बताया कि समागुरी से वर्तमान में धुबरी लोकसभा सांसद रकीबुल हुसैन के बेटे तंजिल हुसैन विधायक हैं। पिछले विधानसभा चुनाव के आँकड़ों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उस चुनाव में कांग्रेस को 1,45,212 वोट मिले थे, जबकि भाजपा को 36,902 वोट। सरमा के अनुसार इतने बड़े वोट आधार वाले क्षेत्र में किसी बाहरी दल का इस तरह की हरकत करना तर्कसंगत नहीं।
सरकार का रुख और चेतावनी
मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा, "कांग्रेस के राज्य नेतृत्व को आसानी से दूसरों पर दोष मढ़ने के बजाय अपने आंतरिक मतभेदों की जिम्मेदारी लेनी चाहिए और अपने गुटों पर लगाम कसनी चाहिए।" उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि "किसी पार्टी के भीतर की राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को कभी भी सड़कों पर नहीं आने देना चाहिए और न ही इससे समाज की शांति और सद्भाव बिगड़ने देना चाहिए।"
उपचुनाव की पृष्ठभूमि
यह घटना 6 अक्टूबर 2026 को होने वाले नगांव लोकसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान हुई। कांग्रेस ने इस सीट पर सिबामनी बोरा को अपना उम्मीदवार बनाया है और वरिष्ठ नेता उनके समर्थन में सक्रिय प्रचार कर रहे हैं। गौरतलब है कि समागुरी जैसा मुस्लिम बहुल क्षेत्र उपचुनाव के नतीजों में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।
जाँच जारी, आरोप प्रत्यारोप का दौर
टकराव की वास्तविक परिस्थितियाँ और कथित पथराव की जिम्मेदारी अभी जाँच का विषय बनी हुई हैं। दोनों पक्षों के परस्पर विरोधी बयानों के बीच असम पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा चुनावी प्रचार का केंद्रीय विवाद बन सकता है।