22 सितंबर 2026
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नगांव उपचुनाव: असम CM हिमंत का दावा — समागुरी हिंसा कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी का नतीजा

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नगांव उपचुनाव: असम CM हिमंत का दावा — समागुरी हिंसा कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी का नतीजा

सारांश

नगांव उपचुनाव के प्रचार में समागुरी की हिंसा ने सियासत गर्मा दी है। CM हिमंत बिस्वा सरमा ने इसे कांग्रेस की अंदरूनी कलह बताया, जबकि कांग्रेस ने भाजपा पर आरोप लगाया। 6 अक्टूबर से पहले यह टकराव असम की राजनीति का अहम मोड़ बन सकता है।

मुख्य बातें

असम CM हिमंत बिस्वा सरमा ने 22 सितंबर 2026 को दावा किया कि समागुरी में हुई हिंसा कांग्रेस के अंदरूनी गुटों के बीच टकराव का नतीजा है।
APCC अध्यक्ष गौरव गोगोई और पूर्व CM भूपेश बघेल समेत कांग्रेस नेताओं का काफिला बरमा इलाके में कथित तौर पर पथराव का शिकार हुआ।
कांग्रेस ने भाजपा समर्थकों को जिम्मेदार ठहराया; पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच टकराव की पुष्टि की — जाँच जारी है।
पिछले विधानसभा चुनाव में समागुरी से कांग्रेस को 1,45,212 और भाजपा को 36,902 वोट मिले थे।
नगांव लोकसभा उपचुनाव 6 अक्टूबर 2026 को होना है; कांग्रेस उम्मीदवार सिबामनी बोरा हैं।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को दावा किया कि समागुरी इलाके में आगामी नगांव उपचुनाव के प्रचार के दौरान हुई हिंसा दरअसल कांग्रेस के ही विरोधी गुटों के बीच टकराव का परिणाम थी। उन्होंने विपक्षी दल के राज्य नेतृत्व से सार्वजनिक रूप से आग्रह किया कि वे बाहरी दलों पर दोष मढ़ने के बजाय अपनी आंतरिक कलह की जिम्मेदारी लें।

घटनाक्रम: क्या हुआ समागुरी में

यह बयान उस घटना के ठीक एक दिन बाद आया जब समागुरी के बरमा इलाके में असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (APCC) के अध्यक्ष गौरव गोगोई और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित कई वरिष्ठ नेताओं को लेकर जा रहा एक चुनावी काफिला कथित तौर पर पथराव का शिकार हुआ।

कांग्रेस का आरोप है कि काफिले पर पहले काले झंडे दिखाए गए, 'वापस जाओ' के नारे लगाए गए और फिर पथराव किया गया, तथा इसके पीछे भाजपा समर्थक थे। पार्टी ने पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है। हालाँकि, पुलिस और अन्य रिपोर्टों ने पुष्टि की है कि दोनों पक्षों के बीच टकराव हुआ था।

मुख्यमंत्री की दलील: गुटबाजी बनाम राजनीतिक विरोध

सरमा ने समागुरी विधानसभा क्षेत्र के राजनीतिक इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि इस घटना को कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, "असल में, यह कांग्रेस के ही विरोधी गुटों के बीच का टकराव था।"

उन्होंने यह भी बताया कि समागुरी से वर्तमान में धुबरी लोकसभा सांसद रकीबुल हुसैन के बेटे तंजिल हुसैन विधायक हैं। पिछले विधानसभा चुनाव के आँकड़ों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उस चुनाव में कांग्रेस को 1,45,212 वोट मिले थे, जबकि भाजपा को 36,902 वोट। सरमा के अनुसार इतने बड़े वोट आधार वाले क्षेत्र में किसी बाहरी दल का इस तरह की हरकत करना तर्कसंगत नहीं।

सरकार का रुख और चेतावनी

मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा, "कांग्रेस के राज्य नेतृत्व को आसानी से दूसरों पर दोष मढ़ने के बजाय अपने आंतरिक मतभेदों की जिम्मेदारी लेनी चाहिए और अपने गुटों पर लगाम कसनी चाहिए।" उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि "किसी पार्टी के भीतर की राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को कभी भी सड़कों पर नहीं आने देना चाहिए और न ही इससे समाज की शांति और सद्भाव बिगड़ने देना चाहिए।"

उपचुनाव की पृष्ठभूमि

यह घटना 6 अक्टूबर 2026 को होने वाले नगांव लोकसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान हुई। कांग्रेस ने इस सीट पर सिबामनी बोरा को अपना उम्मीदवार बनाया है और वरिष्ठ नेता उनके समर्थन में सक्रिय प्रचार कर रहे हैं। गौरतलब है कि समागुरी जैसा मुस्लिम बहुल क्षेत्र उपचुनाव के नतीजों में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।

जाँच जारी, आरोप प्रत्यारोप का दौर

टकराव की वास्तविक परिस्थितियाँ और कथित पथराव की जिम्मेदारी अभी जाँच का विषय बनी हुई हैं। दोनों पक्षों के परस्पर विरोधी बयानों के बीच असम पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा चुनावी प्रचार का केंद्रीय विवाद बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन तथ्यात्मक रूप से अभी अप्रमाणित है — पुलिस जाँच अभी पूरी नहीं हुई है। असली सवाल यह है कि चुनाव आयोग इस घटना का संज्ञान लेता है या नहीं, क्योंकि वरिष्ठ नेताओं के काफिले पर कथित हमला प्रचार की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाता है। समागुरी में कांग्रेस का ऐतिहासिक दबदबा — भाजपा के मुकाबले चार गुना वोट — सरमा के तर्क को कमज़ोर भी करता है। चुनाव नज़दीक होने के साथ यह आरोप प्रत्यारोप का दौर असम में राजनीतिक तापमान और बढ़ाएगा।
RashtraPress
22 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नगांव उपचुनाव के दौरान समागुरी में क्या हुआ?
समागुरी के बरमा इलाके में एक चुनावी बैठक की ओर जा रहे कांग्रेस के काफिले पर कथित तौर पर पथराव हुआ, जिसमें APCC अध्यक्ष गौरव गोगोई और पूर्व CM भूपेश बघेल भी मौजूद थे। पुलिस के अनुसार दोनों पक्षों के बीच टकराव हुआ और मामले की जाँच जारी है।
CM हिमंत बिस्वा सरमा ने इस हिंसा के बारे में क्या कहा?
सरमा ने दावा किया कि यह हिंसा कांग्रेस के ही आपस में लड़ रहे गुटों की टकराव का नतीजा है, न कि भाजपा की करतूत। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से अपने आंतरिक मतभेद सुलझाने और दूसरों पर दोषारोपण बंद करने की अपील की।
कांग्रेस का इस मामले में क्या पक्ष है?
कांग्रेस का आरोप है कि काफिले को भाजपा समर्थकों ने निशाना बनाया — पहले काले झंडे दिखाए गए, 'वापस जाओ' के नारे लगाए गए और फिर पथराव हुआ। पार्टी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
नगांव उपचुनाव कब है और कौन कौन उम्मीदवार हैं?
नगांव लोकसभा उपचुनाव 6 अक्टूबर 2026 को होना निर्धारित है। कांग्रेस ने सिबामनी बोरा को अपना उम्मीदवार बनाया है और वरिष्ठ नेता उनके समर्थन में प्रचार कर रहे हैं।
समागुरी सीट का राजनीतिक इतिहास क्या है?
पिछले विधानसभा चुनाव में समागुरी से कांग्रेस को 1,45,212 वोट मिले थे, जबकि भाजपा को सिर्फ 36,902 वोट। यह सीट धुबरी सांसद रकीबुल हुसैन के बेटे तंजिल हुसैन का गढ़ मानी जाती है।
राष्ट्र प्रेस
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