नगांव उपचुनाव से पहले हिमंता बिस्वा सरमा का गौरव गोगोई पर तंज: 'चुनाव में जेल नहीं, सड़क-स्कूल की बात करें'
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 2 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस नेता गौरव गोगोई पर तीखा निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव प्रचार में 'जेल' जैसे मुद्दों को उठाने के बजाय सड़क, शिक्षा और कल्याणकारी योजनाओं पर बात होनी चाहिए। 6 अक्टूबर को होने वाले नगांव लोकसभा उपचुनाव से ठीक पहले दिया गया यह बयान असम की राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है।
क्या बोले मुख्यमंत्री सरमा
मुख्यमंत्री सरमा ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'जब चुनाव आते हैं तो वोट के बारे में सोचना चाहिए, जेल के बारे में नहीं।' उन्होंने जोर देते हुए कहा कि राजनीतिक नेताओं को ओरुनोदोई जैसी सरकारी कल्याणकारी योजनाओं, स्कूलों, कॉलेजों और सड़कों पर चर्चा करनी चाहिए — न कि कारागार और कानूनी विवादों पर। सरमा ने यह भी कहा कि 'जेल में बंद कैदी वोट नहीं देते, आम जनता वोट देती है।'
गौरव गोगोई के बयान की पृष्ठभूमि
यह पलटवार कांग्रेस नेता गौरव गोगोई के हालिया बयान की प्रतिक्रिया में आया, जिसमें उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान कथित तौर पर जेल से जुड़े राजनीतिक मुद्दों का उल्लेख किया था। गोगोई असम में कांग्रेस के प्रमुख चेहरों में से एक हैं और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खिलाफ उनकी आक्रामक बयानबाजी राज्य की सियासत में जानी-पहचानी है। गौरतलब है कि 2026 के असम विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान भी सरमा और गोगोई के बीच शासन, कल्याण और राजनीतिक जवाबदेही पर तीखी नोकझोंक हुई थी।
नगांव उपचुनाव का महत्व
नगांव लोकसभा सीट पर उपचुनाव के लिए मतदान 6 अक्टूबर 2026 को होना है, जबकि मतगणना 9 अक्टूबर को की जाएगी। प्रचार अब अपने अंतिम और निर्णायक दौर में है। यह उपचुनाव BJP और कांग्रेस दोनों के लिए एक अहम परीक्षा है — BJP के लिए राज्य में अपनी पकड़ बनाए रखने की और कांग्रेस के लिए खोई हुई जमीन वापस पाने की।
राजनीतिक मुकाबले का व्यापक परिदृश्य
असम में इस समय अलग-अलग दल विकास, शासन और राजनीतिक जवाबदेही के अपने-अपने एजेंडे को चुनावी बहस के केंद्र में लाने की कोशिश कर रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय स्तर पर भी विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के बीच प्रचार के मुद्दों को लेकर बहस जारी है। सीएम सरमा का यह बयान BJP की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है जो 'विकास की राजनीति' को केंद्र में रखकर विपक्ष के हमलों को निष्प्रभावी करने की कोशिश करती है।
आगे क्या होगा
मतदान की तारीख नज़दीक आने के साथ सरमा और गोगोई के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है। 9 अक्टूबर को आने वाले नतीजे यह तय करेंगे कि 'विकास बनाम विवाद' की इस राजनीतिक जंग में असम की जनता किस पक्ष के साथ खड़ी है।