31 अक्टूबर 2026
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लखनऊ में सुरक्षाकर्मियों की हत्या की साजिश नाकाम: UP ATS ने पाकिस्तानी शहजाद भट्टी नेटवर्क के 3 को दबोचा

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लखनऊ में सुरक्षाकर्मियों की हत्या की साजिश नाकाम: UP ATS ने पाकिस्तानी शहजाद भट्टी नेटवर्क के 3 को दबोचा

सारांश

UP ATS ने लखनऊ में पाकिस्तानी 'शहजाद भट्टी नेटवर्क' की एक बड़ी साजिश तोड़ी — पंजाब के युवाओं को ₹3 लाख का लालच देकर सुरक्षाकर्मियों की टारगेटेड किलिंग की योजना थी। विदेशी पिस्तौल, 20 कारतूस और मोबाइल पर रेकी के वीडियो मिले। तीन गिरफ्तार, एक नाबालिग हिरासत में।

मुख्य बातें

UP ATS ने 30 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में सुरक्षाकर्मियों की टारगेटेड किलिंग की साजिश नाकाम की।
पाकिस्तान के प्रतिबंधित शहजाद भट्टी नेटवर्क (SBN) से जुड़े तीन आरोपी गिरफ्तार; एक नाबालिग हिरासत में।
आरोपियों से एक विदेश निर्मित पिस्तौल और 20 कारतूस बरामद; हत्या के बदले ₹3 लाख का वादा किया गया था।
पाकिस्तानी हैंडलर 'राणा भाई' ने इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के जरिये आरोपियों को निर्देश दिए।
आरोपियों ने लखनऊ रेलवे स्टेशन की रेकी का वीडियो हैंडलर को भेजा; मोबाइल पर वर्चुअल नंबरों से संचार के सबूत मिले।
ADG अमिताभ यश के अनुसार, नेटवर्क पंजाब के युवाओं का इस्तेमाल भारत में आतंकी गतिविधियों के लिए कर रहा था।

उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधी दस्ते (UP ATS) ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में एक बड़ी आतंकी साजिश को विफल कर दिया, जिसके तहत पुलिस या सेना के अधिकारियों की टारगेटेड किलिंग की योजना बनाई गई थी। पाकिस्तान के प्रतिबंधित शहजाद भट्टी नेटवर्क (SBN) से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया है।

मुख्य घटनाक्रम

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमृतसर के 26 वर्षीय गगनदीप सिंह, गुरदासपुर (पंजाब) के 19 वर्षीय रजत कुमार और 21 वर्षीय कृष के रूप में की गई है। तीनों 27 अक्टूबर को अमृतसर से रवाना हुए, दिल्ली होते हुए यात्रा की और 29 अक्टूबर की मध्यरात्रि के आसपास लखनऊ पहुँचे।

एटीएस ने आरोपियों के पास से एक विदेश निर्मित पिस्तौल और 20 कारतूस बरामद किए हैं, जो कथित तौर पर एक स्थानीय संपर्क के माध्यम से उपलब्ध कराए गए थे। हैंडलर ने आरोपियों को खर्च के लिए दो बार प्रत्येक को ₹2,500 भी भेजे थे।

पाकिस्तानी हैंडलर 'राणा भाई' का कनेक्शन

प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी 'राणा भाई' नामक एक पाकिस्तानी हैंडलर के निर्देश पर लखनऊ पहुँचे थे। इन्हें किसी पुलिसकर्मी या सैन्यकर्मी की हत्या करने और घटना का वीडियो हैंडलर को भेजने का काम सौंपा गया था। इस काम के बदले उन्हें ₹3 लाख देने का वादा किया गया था और ऑपरेशन के बाद नेपाल भगाने की भी योजना थी।

गौरतलब है कि आरोपी इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के जरिये राणा भाई के संपर्क में थे। एटीएस को आरोपियों के मोबाइल फोन पर वर्चुअल नंबरों से संचालित व्हाट्सएप अकाउंट और विदेशी नंबरों से संचार के सबूत मिले हैं।

खुफिया जानकारी और जाँच का विस्तार

कानून-व्यवस्था के एडीजी अमिताभ यश के अनुसार, खुफिया सूचना मिली थी कि प्रतिबंधित शहजाद भट्टी नेटवर्क के सदस्य भारत में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने और सेना तथा पुलिस प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने के लिए पंजाब के युवाओं का इस्तेमाल कर रहे थे।

जाँच में यह भी सामने आया कि गैंगस्टर गगनदीप सिंह और उसके साथी पाकिस्तानी हैंडलर 'राणा भाई' के सीधे संपर्क में थे। फोन की फोरेंसिक जाँच में संदिग्ध चैट, वीडियो और संवेदनशील प्रतिष्ठानों की रेकी से जुड़ी जानकारी मिली है, जो कथित तौर पर पाकिस्तानी संचालक के साथ साझा की गई थी।

रेलवे स्टेशन की रेकी का खुलासा

लखनऊ पहुँचने के बाद आरोपियों ने कथित तौर पर लखनऊ रेलवे स्टेशन का एक वीडियो रिकॉर्ड किया और निर्देशानुसार हैंडलर को भेज दिया। जाँचकर्ताओं के अनुसार इन स्थलों की जानकारी पाकिस्तानी संचालक के साथ साझा की गई थी, जो भविष्य में बड़े हमले की तैयारी का हिस्सा हो सकती है।

व्यापक परिप्रेक्ष्य और आगे की जाँच

यह ऐसे समय में आया है जब सीमा पार से संचालित नेटवर्क पंजाब और उत्तर भारत में गैंगस्टरों और युवाओं को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश में लगे हैं। शहजाद भट्टी नेटवर्क पहले भी जाँच एजेंसियों के रडार पर रहा है। एटीएस ने आगे की जाँच जारी रखी है और अन्य संभावित कड़ियों की तलाश की जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पंजाब में युवाओं के लिए आर्थिक विकल्पों से भी देना होगा।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लखनऊ में UP ATS ने किस साजिश को नाकाम किया?
UP ATS ने 30 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में पुलिस या सेना के अधिकारियों की टारगेटेड किलिंग की साजिश को विफल किया। पाकिस्तान के प्रतिबंधित शहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया।
शहजाद भट्टी नेटवर्क (SBN) क्या है?
शहजाद भट्टी नेटवर्क पाकिस्तान का एक प्रतिबंधित संगठन है, जो ADG अमिताभ यश के अनुसार भारत में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए पंजाब के युवाओं की भर्ती करता है। यह नेटवर्क सेना और पुलिस प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने के लिए सक्रिय रहा है।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं और उन्हें क्या काम दिया गया था?
गिरफ्तार आरोपी अमृतसर के 26 वर्षीय गगनदीप सिंह, गुरदासपुर के 19 वर्षीय रजत कुमार और 21 वर्षीय कृष हैं। इन्हें पाकिस्तानी हैंडलर 'राणा भाई' के निर्देश पर किसी पुलिसकर्मी या सैन्यकर्मी की हत्या करने और वीडियो भेजने का काम सौंपा गया था, जिसके बदले ₹3 लाख देने का वादा था।
आरोपी पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में कैसे थे?
आरोपी इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के माध्यम से 'राणा भाई' नामक पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में थे। जाँच में मोबाइल फोन पर वर्चुअल नंबरों से संचालित व्हाट्सएप अकाउंट और विदेशी नंबरों से संचार के सबूत मिले हैं।
आरोपियों के पास से क्या बरामद हुआ?
ATS ने आरोपियों के पास से एक विदेश निर्मित पिस्तौल और 20 कारतूस बरामद किए हैं। इसके अलावा मोबाइल फोन पर संदिग्ध चैट, वीडियो और संवेदनशील प्रतिष्ठानों की रेकी से संबंधित जानकारी भी मिली है।
राष्ट्र प्रेस
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