लखनऊ में सुरक्षाकर्मियों की हत्या की साजिश नाकाम: UP ATS ने पाकिस्तानी शहजाद भट्टी नेटवर्क के 3 को दबोचा
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधी दस्ते (UP ATS) ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में एक बड़ी आतंकी साजिश को विफल कर दिया, जिसके तहत पुलिस या सेना के अधिकारियों की टारगेटेड किलिंग की योजना बनाई गई थी। पाकिस्तान के प्रतिबंधित शहजाद भट्टी नेटवर्क (SBN) से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया है।
मुख्य घटनाक्रम
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमृतसर के 26 वर्षीय गगनदीप सिंह, गुरदासपुर (पंजाब) के 19 वर्षीय रजत कुमार और 21 वर्षीय कृष के रूप में की गई है। तीनों 27 अक्टूबर को अमृतसर से रवाना हुए, दिल्ली होते हुए यात्रा की और 29 अक्टूबर की मध्यरात्रि के आसपास लखनऊ पहुँचे।
एटीएस ने आरोपियों के पास से एक विदेश निर्मित पिस्तौल और 20 कारतूस बरामद किए हैं, जो कथित तौर पर एक स्थानीय संपर्क के माध्यम से उपलब्ध कराए गए थे। हैंडलर ने आरोपियों को खर्च के लिए दो बार प्रत्येक को ₹2,500 भी भेजे थे।
पाकिस्तानी हैंडलर 'राणा भाई' का कनेक्शन
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी 'राणा भाई' नामक एक पाकिस्तानी हैंडलर के निर्देश पर लखनऊ पहुँचे थे। इन्हें किसी पुलिसकर्मी या सैन्यकर्मी की हत्या करने और घटना का वीडियो हैंडलर को भेजने का काम सौंपा गया था। इस काम के बदले उन्हें ₹3 लाख देने का वादा किया गया था और ऑपरेशन के बाद नेपाल भगाने की भी योजना थी।
गौरतलब है कि आरोपी इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के जरिये राणा भाई के संपर्क में थे। एटीएस को आरोपियों के मोबाइल फोन पर वर्चुअल नंबरों से संचालित व्हाट्सएप अकाउंट और विदेशी नंबरों से संचार के सबूत मिले हैं।
खुफिया जानकारी और जाँच का विस्तार
कानून-व्यवस्था के एडीजी अमिताभ यश के अनुसार, खुफिया सूचना मिली थी कि प्रतिबंधित शहजाद भट्टी नेटवर्क के सदस्य भारत में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने और सेना तथा पुलिस प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने के लिए पंजाब के युवाओं का इस्तेमाल कर रहे थे।
जाँच में यह भी सामने आया कि गैंगस्टर गगनदीप सिंह और उसके साथी पाकिस्तानी हैंडलर 'राणा भाई' के सीधे संपर्क में थे। फोन की फोरेंसिक जाँच में संदिग्ध चैट, वीडियो और संवेदनशील प्रतिष्ठानों की रेकी से जुड़ी जानकारी मिली है, जो कथित तौर पर पाकिस्तानी संचालक के साथ साझा की गई थी।
रेलवे स्टेशन की रेकी का खुलासा
लखनऊ पहुँचने के बाद आरोपियों ने कथित तौर पर लखनऊ रेलवे स्टेशन का एक वीडियो रिकॉर्ड किया और निर्देशानुसार हैंडलर को भेज दिया। जाँचकर्ताओं के अनुसार इन स्थलों की जानकारी पाकिस्तानी संचालक के साथ साझा की गई थी, जो भविष्य में बड़े हमले की तैयारी का हिस्सा हो सकती है।
व्यापक परिप्रेक्ष्य और आगे की जाँच
यह ऐसे समय में आया है जब सीमा पार से संचालित नेटवर्क पंजाब और उत्तर भारत में गैंगस्टरों और युवाओं को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश में लगे हैं। शहजाद भट्टी नेटवर्क पहले भी जाँच एजेंसियों के रडार पर रहा है। एटीएस ने आगे की जाँच जारी रखी है और अन्य संभावित कड़ियों की तलाश की जा रही है।