30 अक्टूबर 2026
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लखनऊ में पुलिस-सैन्यकर्मी टारगेट किलिंग साजिश नाकाम, पाकिस्तानी हैंडलर के निर्देश पर आए तीन गिरफ्तार

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लखनऊ में पुलिस-सैन्यकर्मी टारगेट किलिंग साजिश नाकाम, पाकिस्तानी हैंडलर के निर्देश पर आए तीन गिरफ्तार

सारांश

उत्तर प्रदेश एटीएस ने 30 अक्टूबर को लखनऊ में बड़ी आतंकी साजिश नाकाम की — पाकिस्तानी हैंडलर के निर्देश पर पंजाब से आए तीन युवक पुलिस या सैन्यकर्मी की हत्या का टास्क लेकर पहुँचे थे। ₹3 लाख का लालच, विदेशी पिस्टल और नेपाल भागने का प्लान — यह सिर्फ एक अपराध नहीं, एक सुनियोजित आतंकी मॉड्यूल था।

मुख्य बातें

उत्तर प्रदेश एटीएस ने 30 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में पुलिसकर्मी या सैन्यकर्मी की टारगेट किलिंग की साजिश नाकाम की।
प्रतिबंधित शहजाद भट्टी नेटवर्क (एसबीएन) से जुड़े तीन आरोपी — गगनदीप सिंह (26) , रजत कुमार (19) और क्रिश (21) — गिरफ्तार; एक बाल अपचारी पुलिस निगरानी में।
आरोपी पाकिस्तानी हैंडलर राणा भाई के इशारे पर अमृतसर से दिल्ली होते हुए लखनऊ पहुँचे थे; टास्क पूरा करने पर ₹3 लाख देने का वादा था।
एटीएस ने आरोपियों के पास से एक विदेशी पिस्टल और 20 विदेशी कारतूस बरामद किए।
मोबाइल जाँच में वर्चुअल नंबर वाले व्हाट्सएप, संदिग्ध चैट और संवेदनशील प्रतिष्ठानों की रेकी के साक्ष्य मिले।
यूएपीए सहित कई धाराओं में मुकदमा संख्या 16/2026 दर्ज; पुलिस कस्टडी रिमांड की कार्रवाई जारी।

उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने 30 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में किसी पुलिसकर्मी या सैन्यकर्मी की टारगेट किलिंग की साजिश समय रहते नाकाम कर दी। प्रतिबंधित शहजाद भट्टी नेटवर्क (एसबीएन) से कथित तौर पर जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक बाल अपचारी को पुलिस निगरानी में लिया गया है। शुरुआती पूछताछ के अनुसार, सभी आरोपी पाकिस्तानी हैंडलर राणा भाई के निर्देश पर लखनऊ पहुँचे थे और उन्हें हत्या का वीडियो बनाकर हैंडलर को भेजने का टास्क दिया गया था।

मुख्य घटनाक्रम

एटीएस के अनुसार, आरोपी 27 अक्टूबर को अमृतसर, पंजाब से दिल्ली होते हुए 29 अक्टूबर की रात लगभग 12 बजे लखनऊ पहुँचे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमृतसर निवासी गगनदीप सिंह (26) और रजत कुमार (19) तथा गुरदासपुर निवासी क्रिश (21) के रूप में हुई है।

एटीएस ने आरोपियों के कब्जे से एक विदेशी पिस्टल और 20 विदेशी कारतूस बरामद किए हैं। लखनऊ पहुँचने पर एक स्थानीय व्यक्ति के माध्यम से उन्हें यह हथियार उपलब्ध कराए गए थे।

पाकिस्तानी हैंडलर की भूमिका

अपर महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) अमिताभ यश के अनुसार, एटीएस को पहले से इनपुट मिल रहे थे कि प्रतिबंधित शहजाद भट्टी नेटवर्क के सदस्य पंजाब के युवकों के माध्यम से भारत में आतंकी गतिविधियाँ अंजाम देने और सेना-पुलिस से जुड़े प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की साजिश रच रहे हैं। इसी आधार पर जाँच में गगनदीप सिंह और उसके साथियों के पाकिस्तानी हैंडलर राणा भाई से संपर्क की पुष्टि हुई।

आरोपी इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप के जरिए राणा भाई के संपर्क में थे। हैंडलर ने उन्हें लखनऊ पहुँचने के लिए ₹2,585 भेजे और दो दिनों में ₹2,500-₹2,500 खर्च के लिए अलग से दिए। टास्क पूरा होने पर ₹3 लाख देने का वादा किया गया था।

पूछताछ में सामने आया कि लखनऊ पहुँचने के बाद आरोपियों ने हैंडलर के निर्देश पर लखनऊ रेलवे स्टेशन का वीडियो बनाकर उसे भेजा। राणा भाई ने आरोपियों को वारदात के बाद नेपाल भागने का रास्ता भी सुझाया था।

डिजिटल साक्ष्य और रेकी

एटीएस की प्रारंभिक जाँच में आरोपियों के मोबाइल फोन से वर्चुअल नंबर के जरिए संचालित व्हाट्सएप अकाउंट और विदेशी नंबरों से हुई बातचीत के साक्ष्य बरामद हुए हैं। मोबाइल जाँच में संदिग्ध चैट, वीडियो और संवेदनशील प्रतिष्ठानों की रेकी से जुड़ी जानकारी भी मिली है। कथित तौर पर इन स्थानों की लोकेशन पाकिस्तानी हैंडलर को भेजी गई थी।

गौरतलब है कि हैंडलर ने पाकिस्तान से हथियार और कारतूस भेजने की बात भी कही थी, हालाँकि अंततः लखनऊ में स्थानीय सोर्स के जरिए हथियार उपलब्ध कराए गए।

कानूनी कार्रवाई

इस मामले में थाना एटीएस, लखनऊ में मुकदमा संख्या 16/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 152 और 61(2), आयुध अधिनियम की धारा 3/25 तथा गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धारा 18 और 38 के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों से विस्तृत पूछताछ के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड लेने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।

आगे की जाँच

एटीएस अब इस साजिश से जुड़े अन्य सदस्यों, स्थानीय सहयोगियों, हथियार आपूर्ति नेटवर्क और वित्तीय लेन-देन की गहन पड़ताल कर रही है। यह ऐसे समय में आया है जब सुरक्षा एजेंसियाँ पंजाब के युवाओं को आतंकी नेटवर्क में भर्ती करने की बढ़ती प्रवृत्ति को लेकर पहले से सतर्क हैं। जाँच के दायरे में हथियारों की आपूर्ति करने वाला स्थानीय नेटवर्क भी है, जिसकी अभी तक पूरी तरह पहचान नहीं हो पाई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

केवल निष्पादकों को पकड़ना आधी सफलता ही मानी जाएगी।
RashtraPress
30 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लखनऊ में टारगेट किलिंग की साजिश क्या थी?
उत्तर प्रदेश एटीएस के अनुसार, पाकिस्तानी हैंडलर राणा भाई ने पंजाब के तीन युवकों को लखनऊ में किसी पुलिसकर्मी या सैन्यकर्मी की हत्या करने और उसका वीडियो बनाकर भेजने का टास्क दिया था। टास्क पूरा करने पर ₹3 लाख देने का वादा किया गया था।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं और कहाँ से आए थे?
गिरफ्तार तीन आरोपी अमृतसर निवासी गगनदीप सिंह (26) और रजत कुमार (19) तथा गुरदासपुर निवासी क्रिश (21) हैं। वे 27 अक्टूबर को पंजाब से दिल्ली होते हुए 29 अक्टूबर की रात लखनऊ पहुँचे थे।
शहजाद भट्टी नेटवर्क (एसबीएन) क्या है?
शहजाद भट्टी नेटवर्क (एसबीएन) एक प्रतिबंधित आतंकी संगठन है जिसके बारे में सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि यह पाकिस्तान से संचालित होता है और पंजाब के युवाओं के जरिए भारत में आतंकी गतिविधियाँ अंजाम देने की कोशिश करता है।
आरोपियों पर कौन-कौन सी धाराएँ लगाई गई हैं?
आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 152 और 61(2), आयुध अधिनियम की धारा 3/25 तथा गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धारा 18 और 38 के तहत मुकदमा संख्या 16/2026 दर्ज किया गया है।
एटीएस आगे किस दिशा में जाँच कर रही है?
एटीएस अब इस साजिश से जुड़े अन्य सदस्यों, हथियार आपूर्ति करने वाले स्थानीय नेटवर्क, वित्तीय लेन-देन और पाकिस्तानी हैंडलर से जुड़े अन्य संपर्कों की पड़ताल कर रही है। आरोपियों की पुलिस कस्टडी रिमांड लेने की कार्रवाई भी जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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