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यूपी एटीएस ने पाकिस्तानी हैंडलर से जुड़े आतंकी गिरोह का भंडाफोड़ किया, चार गिरफ्तार

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यूपी एटीएस ने पाकिस्तानी हैंडलर से जुड़े आतंकी गिरोह का भंडाफोड़ किया, चार गिरफ्तार

सारांश

उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो पाकिस्तानी हैंडलर के इशारों पर दहशत फैलाने की कोशिश कर रहा था। चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें गिरोह का सरगना भी शामिल है।

मुख्य बातें

यूपी एटीएस ने एक आतंकी गिरोह का भंडाफोड़ किया।
गिरोह पाकिस्तानी हैंडलर्स के निर्देशों पर कार्यरत था।
चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें गिरोह का सरगना शामिल है।
गिरोह ने आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएँ की थीं।
एटीएस अब अन्य संभावित सदस्यों की जांच कर रही है।

लखनऊ, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) ने एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त करते हुए एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो पाकिस्तानी हैंडलर के निर्देशों पर भारत में आगजनी और तोड़फोड़ कर लोगों में दहशत फैलाने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने इस मामले में गिरोह के नेता सहित चार व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है।

यूपी डीजीपी मीडिया सेल के अनुसार, गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में मेरठ के निवासी शाकिब (गिरोह का नेता), विकास गहलावत, लोकेश उर्फ पपला पंडित उर्फ बाबू उर्फ संजू और अरबाब शामिल हैं। जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार, यह गिरोह सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म के माध्यम से पाकिस्तानी हैंडलर्स से संपर्क में था और उनके निर्देशों का पालन कर रहा था।

एटीएस की जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि गिरोह का मुख्य उद्देश्य देश के महत्वपूर्ण संस्थानों, राजनीतिक हस्तियों और अन्य महत्वपूर्ण ढांचों की रेकी करना और उनकी जानकारी पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स को भेजना था। इन स्थानों को नुकसान पहुँचाने की योजनाएँ भी बनाई जा रही थीं। आरोपियों ने गाजियाबाद, अलीगढ़ और लखनऊ जैसे कई शहरों में रेकी की और इसके वीडियो भी हैंडलर्स को भेजे थे।

जांच में यह भी सामने आया है कि मेरठ में नाई का काम करने वाला नेता शाकिब टेलीग्राम, सिग्नल और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफार्मों के जरिए पाकिस्तानी कट्टरपंथी समूहों और अफगानिस्तान के कई नंबरों से जुड़ा हुआ था। उसे QR कोड के माध्यम से पैसे भेजे जाते थे।

गिरोह पर आरोप है कि यह रेलवे सिग्नल बॉक्स को नष्ट करने, गैस सिलेंडर से भरे ट्रकों में आग लगाने और राजनीतिक व्यक्तियों को निशाना बनाने की साजिश रच रहा था। इनका उद्देश्य देश में भय

एटीएस के अनुसार, आरोपियों ने कुछ स्थानों पर छोटी-मोटी आगजनी की घटनाओं को भी अंजाम दिया था, जिनके वीडियो बनाकर पाकिस्तानी हैंडलर्स को भेजे गए। इसके बदले में उन्हें पैसे दिए गए। जांच में यह भी सामने आया है कि हैंडलर्स आरोपियों को ओसामा बिन लादेन, फतुल्लाह गोरी, कश्मीर मुजाहिदीन और गजवा-ए-हिंद जैसे कट्टरपंथी विचारों के माध्यम से भड़काते थे।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि गिरोह ने लखनऊ रेलवे स्टेशन के पास रेलवे सिग्नल और अन्य रेलवे संपत्तियों को आगजनी और विस्फोट के माध्यम से नुकसान पहुँचाने की योजना बनाई थी। हालांकि, योजना को अंजाम देने से पहले ही एटीएस ने मौके पर पहुँचकर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से एक केन ज्वलनशील पदार्थ, 7 स्मार्टफोन और 24 पंपलेट बरामद किए गए हैं। एटीएस अब इस नेटवर्क के अन्य संभावित सदस्यों और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की गहन जांच कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि हमें यह भी सोचने पर मजबूर करती है कि हमें अपनी सुरक्षा के प्रति कितना सचेत रहना चाहिए।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गिरोह का मुख्य उद्देश्य क्या था?
गिरोह का मुख्य उद्देश्य भारत में आगजनी और तोड़फोड़ कर दहशत फैलाना था।
गिरफ्तार किए गए लोगों में कौन-कौन शामिल हैं?
गिरफ्तार किए गए लोगों में शाकिब (सरगना), विकास गहलावत, लोकेश उर्फ पपला पंडित उर्फ बाबू उर्फ संजू और अरबाब शामिल हैं।
एटीएस ने किस प्रकार की सामग्री बरामद की?
एटीएस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से एक केन ज्वलनशील पदार्थ, 7 स्मार्टफोन और 24 पंपलेट बरामद किए हैं।
गिरोह ने किस प्रकार की घटनाएँ अंजाम दी थीं?
गिरोह ने कुछ स्थानों पर छोटी आगजनी की घटनाएँ अंजाम दी थीं और उनके वीडियो पाकिस्तानी हैंडलर्स को भेजे थे।
गिरोह का संपर्क कैसे था?
गिरोह के सदस्य टेलीग्राम, सिग्नल और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफार्मों के माध्यम से पाकिस्तानी हैंडलर्स से जुड़े हुए थे।
राष्ट्र प्रेस
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