ओडिशा CM माझी का बाढ़-चक्रवात प्रभावित किसानों को आश्वासन, फसल नुकसान पर मिलेगा मुआवजा
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को भुवनेश्वर में स्पष्ट किया कि ओडिशा सरकार लगातार बारिश, बाढ़ और हाल के चक्रवात के कारण फसल नुकसान झेलने वाले किसानों का विधिवत आकलन करेगी और निर्धारित मानदंडों के अनुसार शीघ्र मुआवजा प्रदान करेगी। माझी ने कहा, 'चाहे कोई भी आपदा आए, आपकी सरकार और मुख्यमंत्री हमेशा हर मुश्किल घड़ी में आपके साथ खड़े हैं।' यह घोषणा ओडिशा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (OUAT) के कृषि शिक्षा सदन में आयोजित एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान की गई।
पीएम-किसान की 24वीं किस्त का विमोचन
यह राज्य स्तरीय कार्यक्रम प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) की 24वीं किस्त के विमोचन के अवसर पर आयोजित किया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के बनासकांठा में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम से वर्चुअल माध्यम से यह किस्त जारी की। देश भर में 9.34 करोड़ से अधिक किसानों को कुल ₹18,690 करोड़ सीधे उनके बैंक खातों में प्राप्त हुए।
ओडिशा में, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से 35.38 लाख से अधिक पात्र किसानों को कुल ₹707.60 करोड़ हस्तांतरित किए गए, जिसमें प्रत्येक लाभार्थी को ₹2,000 की राशि मिली।
बाढ़ और चक्रवात प्रभावित किसानों को राहत का भरोसा
माझी ने विशेष रूप से उन जिलों का उल्लेख किया जहाँ लगातार बारिश, बाढ़ और हाल के चक्रवात के बाद हुई बारिश के कारण खड़ी फसलें क्षतिग्रस्त हुई हैं। उन्होंने कहा कि क्षतिग्रस्त फसलों का सर्वेक्षण किया जाएगा और किसानों को नियमों के अनुसार शीघ्र उचित मुआवजा सुनिश्चित किया जाएगा। यह आश्वासन ऐसे समय में आया है जब राज्य के कई हिस्सों में बारिश से खरीफ फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।
एग्रीस्टैक पोर्टल पंजीकरण की अपील
मुख्यमंत्री ने उन किसानों से अपील की जिन्होंने अभी तक एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीकरण नहीं कराया है, कि वे निकटतम राजस्व या कृषि कार्यालय से संपर्क कर पंजीकरण प्रक्रिया शीघ्र पूरी करें। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने विशेष उपाय किए हैं ताकि कोई भी पात्र किसान किसी कल्याणकारी योजना के लाभ से वंचित न रहे।
गौरतलब है कि एग्रीस्टैक एक केंद्र सरकार की डिजिटल कृषि पहल है जिसका उद्देश्य किसानों का एकीकृत डेटाबेस तैयार करना और योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से पहुँचाना है।
राज्य सरकार की अतिरिक्त किसान-हितैषी योजनाएँ
माझी ने इस अवसर पर राज्य सरकार की सीएम-किसान योजना के लाभों की भी जानकारी दी। इसके अलावा, सीएम-किसान योजना के लाभार्थियों के बच्चों के लिए कृषि विद्या निधि छात्रवृत्ति योजना का भी उल्लेख किया, जो व्यावसायिक और तकनीकी पाठ्यक्रमों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान करती है।
कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य के जिलों, ब्लॉकों, ग्राम पंचायतों, प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (PAC) और मंडियों में भी समानांतर आयोजन किए गए। माझी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा पदभार संभालने के बाद से किसान हित में कई परिवर्तनकारी पहलें शुरू की गई हैं, जिनका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कृषक समुदाय को उनके अधिकार के अनुरूप लाभ मिले।
राज्य सरकार के इस आश्वासन के बाद अब निगाहें फसल नुकसान के आकलन की प्रक्रिया और मुआवजे के वितरण की समयसीमा पर टिकी हैं।