30 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

अमित शाह का लखनऊ में ऐलान: यूपी में BJP अंगद के पांव की तरह, तीसरी बार प्रचंड बहुमत तय

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अमित शाह का लखनऊ में ऐलान: यूपी में BJP अंगद के पांव की तरह, तीसरी बार प्रचंड बहुमत तय

सारांश

लखनऊ में BJP की यूपी कार्यकारिणी बैठक में अमित शाह ने दो-टूक कहा — यूपी में भाजपा सरकार अंगद के पांव की तरह अटल है। तीसरी बार प्रचंड बहुमत का दावा, सपा पर 1990 के नरसंहार का आरोप, यूसीसी का वादा और 2029 तक नशामुक्त भारत का संकल्प — एक भाषण में कई बड़े संदेश।

मुख्य बातें

अमित शाह ने 30 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में BJP की उत्तर प्रदेश कार्यकारिणी बैठक को संबोधित किया।
शाह ने कहा — यूपी में भाजपा सरकार अंगद के पांव की तरह अटल है, तीसरी बार प्रचंड बहुमत से सरकार बनना तय।
30 अक्टूबर 1990 को सपा सरकार द्वारा राम भक्तों पर कथित नरसंहार का उल्लेख करते हुए अखिलेश यादव को जनता की नाराज़गी की चेतावनी।
यूपी में यूसीसी लागू करने और 31 दिसंबर 2029 तक देश को नशामुक्त करने का संकल्प।
डिफेंस कॉरिडोर में यूपी में ₹35,000 करोड़ का निवेश; इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट निर्यात में यूपी की 7% हिस्सेदारी।
राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर निशाना — संसद बाधित करने और झूठ फैलाने का आरोप।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 30 अक्टूबर 2026 को लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव आंबेडकर प्रेक्षागृह में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की उत्तर प्रदेश कार्यकारिणी बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि यूपी में भाजपा सरकार अंगद के पांव की तरह है, जिसे कोई हिला नहीं सकता। उन्होंने कार्यकर्ताओं को विश्वास दिलाया कि राज्य में तीसरी बार प्रचंड बहुमत के साथ भाजपा की सरकार बनना तय है।

बैठक का आगाज़ और उपस्थित नेतृत्व

नई प्रदेश कार्यसमिति गठन के बाद यह पहली कार्यसमिति बैठक थी, जिसका शुभारंभ शाह ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया। बैठक वंदे मातरम के सामूहिक गान से शुरू हुई। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा वर्मा, प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य एवं ब्रजेश पाठक, राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति ईरानी सहित अनेक वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।

इतिहास का संदर्भ: 30 अक्टूबर 1990 की याद

शाह ने कहा कि 30 अक्टूबर 1990 को तत्कालीन समाजवादी पार्टी (सपा) सरकार ने राम भक्तों पर अंधाधुंध गोलियां चलाकर नरसंहार किया था और कारसेवकों को सरयू में बहा दिया था। उन्होंने सपा नेता अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता इस घटना को कभी माफ नहीं करेगी। भाजपा ने इसके विपरीत अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया।

विपक्ष पर तीखा प्रहार

शाह ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी और अखिलेश यादव मैच हारने के बाद अंपायर पर ही आरोप लगाना शुरू कर देते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा संसद में एसआईआर पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन विपक्ष संसद चलने नहीं देता और बाहर मॉक पार्लियामेंट का आयोजन कर संसद की गरिमा को ठेस पहुंचाता है।

शाह ने भाजपा की चुनावी उपलब्धियाँ गिनाते हुए कहा कि हरियाणा और महाराष्ट्र में सर्वाधिक सीटें, बिहार में पहली बार भाजपा का मुख्यमंत्री, दिल्ली में तीन दशक बाद सरकार, असम में हैट्रिक और पश्चिम बंगाल में बड़ी जीत हासिल हुई है। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष अखिलेश और राहुल गांधी के नेतृत्व में यूपी में एक भी चुनाव नहीं जीत सका।

योगी राज में विकास और कानून-व्यवस्था

शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में डकैती, लूट, रंगदारी और दंगों में बड़ी कमी आई है। उन्होंने बताया कि एक समय अपराध के कारण उत्तर प्रदेश का इन्वेस्टमेंट समिट दिल्ली में आयोजित करना पड़ता था, जबकि अब यूपी में ही इन्वेस्टमेंट समिट होती है और लाखों करोड़ का निवेश राज्य में आ रहा है। उन्होंने बताया कि आज देश के इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट निर्यात का लगभग 7 प्रतिशत उत्तर प्रदेश से होता है और अकेले डिफेंस कॉरिडोर में यूपी में ₹35,000 करोड़ का निवेश आया है।

यूसीसी और नशामुक्ति का संकल्प

शाह ने घोषणा की कि धारा 370 समाप्त हो चुकी है, तीन तलाक खत्म हो गए और कई राज्यों में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू हो गई है। उन्होंने कहा कि यूपी में तीसरी बार सरकार बनने के बाद यहाँ भी यूसीसी लागू की जाएगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि देश अब नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है और 31 दिसंबर 2029 तक देश को पूरी तरह नशामुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है।

शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश के विकास के बगैर भारत का विकास संभव नहीं है, और अगले 30 वर्षों तक भाजपा की सरकारें देशभर में चुनकर आती रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

यूसीसी का वादा और नशामुक्ति का लक्ष्य — तीनों संदेश एक खास मतदाता वर्ग को साधने के लिए गढ़े गए हैं। हालाँकि, विपक्षी दलों का तर्क है कि भाजपा के दो कार्यकालों में रोज़गार और किसान समस्याएँ अनसुलझी रही हैं — जो मुद्दे इस भाषण में अनुपस्थित थे। 'अगले 30 साल भाजपा की सरकार' जैसे दावे जोश तो पैदा करते हैं, लेकिन लोकतांत्रिक प्रतिस्पर्धा को हल्के में लेने का भी संकेत देते हैं।
RashtraPress
30 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमित शाह ने 'अंगद के पांव' वाली बात क्यों कही?
अमित शाह ने यूपी में भाजपा सरकार की मज़बूती का वर्णन करने के लिए रामायण के पात्र अंगद का उपयोग किया, जिनका पांव रावण की सभा में कोई हिला नहीं सका था। यह बयान कार्यकर्ताओं को यह संदेश देने के लिए था कि विपक्ष की तमाम कोशिशों के बावजूद यूपी में भाजपा की स्थिति अटल है।
अमित शाह ने 30 अक्टूबर का ज़िक्र क्यों किया?
शाह ने कहा कि 30 अक्टूबर 1990 को तत्कालीन सपा सरकार ने राम भक्त कारसेवकों पर गोलियाँ चलाईं और उनके शवों को सरयू नदी में बहा दिया था। उन्होंने इस तारीख को अखिलेश यादव के विरुद्ध राजनीतिक हथियार के रूप में उपयोग करते हुए कहा कि यूपी की जनता इसे माफ नहीं करेगी।
यूपी में यूसीसी कब लागू होगी?
अमित शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में तीसरी बार भाजपा सरकार बनने के बाद समान नागरिक संहिता (यूसीसी) अवश्य लागू की जाएगी। हालाँकि उन्होंने इसके लिए कोई विशेष समयसीमा नहीं बताई।
भाजपा के यूपी कार्यकाल में निवेश के क्या आँकड़े हैं?
शाह के अनुसार, यूपी के डिफेंस कॉरिडोर में ₹35,000 करोड़ का निवेश आया है और देश के इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट निर्यात में यूपी की हिस्सेदारी लगभग 7 प्रतिशत हो गई है। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था सुधरने से निवेश, रोज़गार और पलायन रोकने में मदद मिली।
नशामुक्त भारत का लक्ष्य क्या है?
अमित शाह ने कहा कि 31 दिसंबर 2029 तक देश को पूरी तरह नशामुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने इसे नक्सलवाद उन्मूलन के बाद सरकार की अगली बड़ी प्राथमिकता बताया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 घंटे पहले
  2. 5 घंटे पहले
  3. 9 घंटे पहले
  4. 11 घंटे पहले
  5. 12 घंटे पहले
  6. 14 घंटे पहले
  7. कल
  8. कल