30 अक्टूबर 2026
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यूसीसी पर अमित शाह का बड़ा ऐलान: UP में तीसरी बार BJP सरकार बनी तो लागू होगी समान नागरिक संहिता

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यूसीसी पर अमित शाह का बड़ा ऐलान: UP में तीसरी बार BJP सरकार बनी तो लागू होगी समान नागरिक संहिता

सारांश

लखनऊ में BJP की प्रदेश कार्यसमिति बैठक में अमित शाह ने UP में तीसरी बार सरकार बनने पर UCC लागू करने का वादा किया। अनुच्छेद 370 का हवाला देकर BJP के 'वादे पूरे करने' का रिकॉर्ड गिनाया और 2027 की जंग के लिए कार्यकर्ताओं को आगाज़ का संदेश दिया।

मुख्य बातें

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 30 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में घोषणा की कि UP में BJP की तीसरी बार सरकार बनने पर समान नागरिक संहिता (UCC) लागू होगी।
शाह ने UP में ₹50 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों और ₹15 लाख करोड़ के ज़मीन पर उतरे निवेश का दावा किया।
BJP के आने के बाद दंगों में 70 प्रतिशत की कमी का दावा; जेवर में देश के सबसे बड़े हवाई अड्डे के निर्माण का उल्लेख।
राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर तीखा हमला; 30 अक्टूबर 1990 की अयोध्या गोलीबारी की घटना का जिक्र कर सपा को घेरा।
2014 में UP में 73 लोकसभा सीटें और 2017 में 312 विधानसभा सीटें जीतने का हवाला देकर संगठन की ताकत रेखांकित की।
दिसंबर 2029 तक देश को नशामुक्त बनाने के लक्ष्य को दोहराया; NDA की 22 राज्यों में सरकारों का उल्लेख।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 30 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में स्पष्ट ऐलान किया कि उत्तर प्रदेश में तीसरी बार BJP की सरकार बनने पर समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की जाएगी। डॉ. राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित इस बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उपमुख्यमंत्री और पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। यह घोषणा 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच आई है, जो BJP के एजेंडे को आक्रामक रूप से सामने रखती है।

यूसीसी और अनुच्छेद 370: BJP के संकल्पों की कड़ी

शाह ने अनुच्छेद 370 हटाए जाने का हवाला देते हुए कहा कि BJP ने जो भी संकल्प लिया, उसे पूरा करके दिखाया। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के दौरान कोई बड़ी हिंसक स्थिति नहीं बनी। गौरतलब है कि यूसीसी पहले से BJP के राष्ट्रीय चुनावी घोषणापत्र का हिस्सा रही है और उत्तराखंड ने 2024 में इसे राज्य स्तर पर लागू किया था। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े और जनसंख्या-विविध राज्य में यूसीसी का वादा राजनीतिक रूप से बड़ा दांव है।

विपक्ष पर तीखा हमला, राहुल और अखिलेश निशाने पर

शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की 'निरर्थक बयानबाजी' का जवाब BJP 2027 में सरकार बनाकर देगी। अखिलेश यादव के नेतृत्व में सपा को लगातार चुनावी हार का सामना करना पड़ रहा है और कांग्रेस सत्ता हासिल करने में नाकाम रही है — यह दावा करते हुए शाह ने कहा कि इसी रफ्तार से चलते रहे तो विपक्ष को लंबे समय तक सत्ता में वापसी का अवसर नहीं मिलेगा। उन्होंने 30 अक्टूबर 1990 को अयोध्या में रामभक्तों पर गोलीबारी की घटना का जिक्र करते हुए सपा पर निशाना साधा।

योगी सरकार की उपलब्धियाँ और निवेश का आँकड़ा

शाह ने बताया कि उत्तर प्रदेश में करीब ₹50 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव आए हैं, जिनमें से ₹15 लाख करोड़ का निवेश धरातल पर उतर चुका है। उन्होंने कहा कि बेहतर कानून-व्यवस्था के कारण निवेश का अनुकूल माहौल तैयार हुआ है और रोज़गार के नए अवसर बने हैं। शाह के अनुसार, देश का सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे नेटवर्क उत्तर प्रदेश में है और जेवर में देश का सबसे बड़ा हवाई अड्डा निर्माणाधीन है। उन्होंने दावा किया कि BJP सरकार आने के बाद प्रदेश में दंगों की घटनाओं में 70 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई है।

कार्यकर्ताओं को संदेश: नाराजगी छोड़ें, 2027 जीतें

शाह ने पार्टी कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद करते हुए कहा कि सभी अपनी 'व्यक्तिगत नाराजगी गोमती नदी में बहा दें' और संगठन की मज़बूती को प्राथमिकता दें। उन्होंने चेताया कि वे चुनाव के दौरान बार-बार कार्यकर्ताओं के बीच आएंगे और उनके कामकाज का हिसाब माँगेंगे। उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में 73 सीटें और 41 प्रतिशत वोट तथा 2017 के विधानसभा चुनाव में 312 सीटें और करीब 40 प्रतिशत वोट का हवाला देकर संगठन की शक्ति को रेखांकित किया।

30 वर्षों तक BJP का वर्चस्व और भविष्य की राह

शाह ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश ही नहीं, पूरे देश में BJP अगले 30 वर्षों तक मज़बूत राजनीतिक स्थिति में बनी रहेगी। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की 22 राज्यों में सरकारें हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार तीसरी बार पद पर हैं — इन तथ्यों का उल्लेख करते हुए उन्होंने ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, बिहार, असम और दिल्ली में पार्टी की सफलताओं को रेखांकित किया। उन्होंने दिसंबर 2029 तक देश को नशामुक्त बनाने के लक्ष्य को भी दोहराया। 2027 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव BJP के लिए केवल एक राज्य की लड़ाई नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में अपनी दीर्घकालिक प्रभुता साबित करने की कसौटी बन चुकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो 2027 के चुनावी विमर्श की दिशा तय करेगा। ध्यान देने वाली बात यह है कि शाह ने ₹50 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों में से केवल ₹15 लाख करोड़ के जमीन पर उतरने की बात खुद स्वीकार की — यह अंतर रोज़गार वादों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करता है। विपक्ष की कमज़ोरी को देखते हुए BJP का आत्मविश्वास समझ में आता है, लेकिन 30 वर्षों के वर्चस्व का दावा भारतीय राजनीति की अनिश्चितता को नज़रअंदाज़ करता है।
RashtraPress
30 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमित शाह ने UCC को लेकर UP में क्या ऐलान किया?
अमित शाह ने 30 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में कहा कि उत्तर प्रदेश में BJP की तीसरी बार सरकार बनने पर समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की जाएगी। उन्होंने अनुच्छेद 370 हटाने का उदाहरण देते हुए कहा कि BJP ने जो संकल्प लिया, उसे पूरा करके दिखाया है।
UP में BJP की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में कौन-कौन शामिल हुए?
लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय सभागार में हुई इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उपमुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी समेत पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।
UP में निवेश को लेकर अमित शाह ने क्या दावे किए?
शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में करीब ₹50 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव आए हैं, जिनमें से ₹15 लाख करोड़ का निवेश धरातल पर उतर चुका है। उन्होंने इसका श्रेय योगी सरकार की बेहतर कानून-व्यवस्था को दिया।
2027 के UP चुनाव की तैयारी के लिए BJP ने क्या रणनीति बनाई है?
अमित शाह ने कार्यकर्ताओं से व्यक्तिगत नाराजगी छोड़कर संगठन मज़बूत करने और विधानसभा चुनाव को अपना चुनाव मानकर उतरने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वे चुनाव के दौरान बार-बार कार्यकर्ताओं के बीच आएंगे और उनके कामकाज का हिसाब माँगेंगे।
अमित शाह ने विपक्ष पर क्या आरोप लगाए?
शाह ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला और कहा कि दोनों के नेतृत्व में उनकी-उनकी पार्टियाँ लगातार चुनाव हारती रही हैं। उन्होंने 30 अक्टूबर 1990 की अयोध्या गोलीबारी की घटना का ज़िक्र कर सपा पर निशाना साधा और चुनाव आयोग पर 'वोट चोरी' के विपक्षी आरोपों को नकारते हुए संसद में चर्चा की चुनौती दी।
राष्ट्र प्रेस
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