भारत-बेल्जियम-लक्जमबर्ग JEC का 19वाँ सत्र: एयरोस्पेस, रिसर्च और फिनटेक में सहयोग बढ़ाने पर सहमति
सारांश
मुख्य बातें
भारत, बेल्जियम और लक्जमबर्ग ने आर्थिक संबंधों को नई गति देते हुए एयरोस्पेस, अनुसंधान एवं नवाचार, उच्च शिक्षा और कौशल विकास जैसे उच्च-प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएँ तलाशने पर सहमति जताई है। वाणिज्य मंत्रालय द्वारा 30 अक्टूबर 2026 को जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, यह निर्णय लक्जमबर्ग में आयोजित भारत-बेल्जियम-लक्जमबर्ग आर्थिक संघ (BLEU) के संयुक्त आर्थिक आयोग (JEC) के 19वें सत्र में लिया गया।
19वाँ JEC सत्र: मुख्य घटनाक्रम
इस महत्वपूर्ण बैठक की सह-अध्यक्षता तीन वरिष्ठ अधिकारियों ने की — भारत की ओर से वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल, बेल्जियम की ओर से संघीय विदेश मामले एवं विदेश व्यापार मंत्रालय में भू-अर्थव्यवस्था एवं आर्थिक कूटनीति के महानिदेशक फिलिप वेंडेन बुल्के, और लक्जमबर्ग की ओर से विदेश एवं यूरोपीय मामलों के मंत्रालय के महासचिव हेनरी शूमाकर। तीनों देशों के प्रतिनिधियों ने द्विपक्षीय व्यापार एवं निवेश संबंधों की व्यापक समीक्षा की और आर्थिक सहयोग के नए अवसरों की पहचान की।
किन क्षेत्रों पर हुई चर्चा
बैठक में कई रणनीतिक क्षेत्रों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। इनमें लॉजिस्टिक्स (हवाई संपर्क और बंदरगाह), नवीकरणीय ऊर्जा एवं स्वच्छ प्रौद्योगिकी, वित्तीय सेवाएँ और फिनटेक, डिजिटल रूपांतरण एवं ICT, स्वास्थ्य सेवा एवं जीवन विज्ञान, आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा, तथा कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण प्रमुख रहे। यह ऐसे समय में आया है जब भारत यूरोपीय देशों के साथ प्रौद्योगिकी-आधारित साझेदारियों को तेज़ी से विस्तार दे रहा है।
एयरोस्पेस और इनोवेशन पर विशेष फोकस
गौरतलब है कि इस सत्र में एयरोस्पेस, अनुसंधान एवं नवाचार को विशेष प्राथमिकता दी गई। तीनों पक्षों ने इन क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाएँ तलाशने का स्पष्ट निर्णय लिया। साथ ही उच्च शिक्षा और कौशल विकास में साझेदारी के नए रास्ते खोलने पर भी सहमति बनी। बाज़ार पहुँच को सरल बनाने और व्यापार संबंधी चिंताओं को दूर करने के लिए भी विस्तृत चर्चा हुई।
लक्जमबर्ग CEOs के साथ वाणिज्य सचिव की बैठक
JEC सत्र के बाद वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने लक्जमबर्ग में स्थित कंपनियों के CEO से सीधे संवाद किया। उन्होंने भारत की मज़बूत आर्थिक वृद्धि और निवेश क्षमता को रेखांकित करते हुए वित्तीय सेवाओं, उन्नत विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स, स्वच्छ ऊर्जा, डिजिटल प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवा तथा अनुसंधान एवं नवाचार में सहयोग की अपार संभावनाओं पर ज़ोर दिया। वाणिज्य मंत्रालय के बयान के अनुसार, उन्होंने लक्जमबर्ग की कंपनियों को दीर्घकालिक निवेश, प्रौद्योगिकी साझेदारी और वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में भारतीय कंपनियों के साथ जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
आगे की राह
तीनों देशों ने पारस्परिक रूप से लाभकारी आर्थिक संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर संवाद और सहयोग के महत्व को दोहराया। यह 19वाँ JEC सत्र भारत और BLEU के बीच संरचित आर्थिक कूटनीति की दीर्घकालिक परंपरा का हिस्सा है, और आने वाले समय में एयरोस्पेस तथा डिजिटल क्षेत्र में ठोस परियोजनाओं की घोषणा की संभावना है।