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उदयपुर में ब्रिक्स-सीसीआई बैठक: निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा और नवीकरणीय ऊर्जा बाजार पर संयुक्त वक्तव्य अपनाया

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उदयपुर में ब्रिक्स-सीसीआई बैठक: निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा और नवीकरणीय ऊर्जा बाजार पर संयुक्त वक्तव्य अपनाया

सारांश

उदयपुर में ब्रिक्स देशों के प्रतिस्पर्धा प्राधिकरणों की बैठक महज औपचारिकता नहीं थी — भारत की अध्यक्षता में नवीकरणीय ऊर्जा बाजार पर संयुक्त अध्ययन और वक्तव्य ने यह स्पष्ट किया कि हरित ऊर्जा क्षेत्र अब प्रतिस्पर्धा नियामकों के एजेंडे पर केंद्र में आ चुका है।

मुख्य बातें

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने 8 अगस्त 2025 को उदयपुर में ब्रिक्स देशों के प्रतिस्पर्धा प्राधिकरणों की बैठक आयोजित की।
बैठक में 'निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए सहयोग मजबूत करना, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा बाजार भी शामिल हैं' विषय पर संयुक्त वक्तव्य अपनाया गया।
सीसीआई चेयरपर्सन रवनीत कौर ने डिजिटल बाजारों में सीमा-पार सहयोग और साक्ष्य-आधारित नियामकीय हस्तक्षेप पर जोर दिया।
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता में 'ब्रिक्स में नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र का उभरता प्रतिस्पर्धी परिदृश्य' विषय पर संयुक्त अध्ययन पूरा किया गया।
ब्राजील के सीएडीई ने 2027 में होने वाले 10वें ब्रिक्स अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा सम्मेलन की तैयारियों की जानकारी दी।

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने 8 अगस्त 2025 को उदयपुर में ब्रिक्स देशों के प्रतिस्पर्धा प्राधिकरणों के प्रमुखों और वरिष्ठ प्रतिनिधियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। बैठक में सदस्य देशों ने 'निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए सहयोग मजबूत करना, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा बाजार भी शामिल हैं' विषय पर एक संयुक्त वक्तव्य अपनाया। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत आयोजित यह बैठक वैश्विक ऊर्जा बदलाव और डिजिटल बाजारों में प्रतिस्पर्धा नीति के समन्वय की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

बैठक में क्या हुआ

सीसीआई की चेयरपर्सन रवनीत कौर ने उद्घाटन संबोधन में कहा कि ब्रिक्स देशों के प्रतिस्पर्धा प्राधिकरणों की साझा जिम्मेदारी ऐसे प्रतिस्पर्धी बाजारों को बढ़ावा देना है, जो दक्षता, उपभोक्ता कल्याण, नवाचार और कारोबारियों को योग्यता के आधार पर प्रतिस्पर्धा का अवसर सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि डिजिटल बाजारों और उभरती प्रौद्योगिकियों का स्वरूप लगातार अधिक सीमा-पार होता जा रहा है, जिससे ब्रिक्स देशों के बीच निरंतर सहयोग और अनुभवों का आदान-प्रदान और भी जरूरी हो गया है।

नवीकरणीय ऊर्जा पर विशेष जोर

रवनीत कौर ने वैश्विक स्तर पर नवीकरणीय ऊर्जा और सतत विकास की ओर बढ़ते बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि ब्रिक्स प्रतिस्पर्धा प्राधिकरणों के बीच सहयोग से निष्पक्ष और प्रतिस्पर्धी नवीकरणीय ऊर्जा बाजार विकसित करने में मदद मिलेगी। उनके अनुसार, इससे सतत आर्थिक विकास और ऊर्जा सुरक्षा के साझा लक्ष्यों को भी आगे बढ़ाया जा सकेगा। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि नियामकीय हस्तक्षेप सिद्धांत-आधारित, साक्ष्य पर आधारित और प्रतिस्पर्धा कानून के मूल उद्देश्यों के अनुरूप होना चाहिए।

संयुक्त अध्ययन और वक्तव्य

भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत सीसीआई ने 'ब्रिक्स में नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र का उभरता प्रतिस्पर्धी परिदृश्य' विषय पर एक संयुक्त अध्ययन का नेतृत्व किया। इस अध्ययन का उद्देश्य ब्रिक्स देशों में तेजी से बदल रहे नवीकरणीय ऊर्जा बाजारों की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति को बेहतर ढंग से समझना और भविष्य में सहयोग के संभावित क्षेत्रों की पहचान करना था। संयुक्त वक्तव्य में प्रतिस्पर्धी, नवोन्मेषी, लचीले और टिकाऊ नवीकरणीय ऊर्जा बाजारों को बढ़ावा देने तथा वैश्विक ऊर्जा बदलाव से जुड़े उभरते प्रतिस्पर्धा संबंधी मुद्दों से निपटने के लिए ज्ञान और अनुभव साझा करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।

2027 सम्मेलन की तैयारी

ब्राजील के एडमिनिस्ट्रेटिव काउंसिल फॉर इकोनॉमिक डिफेंस (सीएडीई) ने बैठक में 2027 में ब्राजील में होने वाले 10वें ब्रिक्स अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा सम्मेलन की तैयारियों की जानकारी दी। गौरतलब है कि यह सम्मेलन ब्रिक्स देशों के बीच प्रतिस्पर्धा नीति पर बहुपक्षीय संवाद का प्रमुख मंच बन चुका है।

आगे की राह

बैठक के समापन पर ब्रिक्स देशों के प्रतिस्पर्धा प्राधिकरणों के प्रमुखों ने आपसी सहयोग, संवाद और ज्ञान साझा करने की प्रक्रिया जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई। तेजी से परस्पर जुड़े वैश्विक बाजारों में प्रभावी प्रतिस्पर्धा प्रवर्तन की चुनौतियों से मिलकर निपटने पर सहमति बनी। यह ऐसे समय में आया है जब डिजिटल एकाधिकार और हरित ऊर्जा क्षेत्र में बाजार केंद्रीकरण वैश्विक नियामकों के लिए एक साझा चुनौती बनती जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी संयुक्त वक्तव्यों से आगे जाकर बाध्यकारी सहयोग तंत्र बनाने की है — जो अभी तक नहीं हुआ। ब्रिक्स देशों में प्रतिस्पर्धा कानून की परिपक्वता और प्रवर्तन क्षमता में भारी असमानता है, जो साझा मानकों को व्यवहार में उतारने में बड़ी बाधा बन सकती है। नवीकरणीय ऊर्जा बाजार पर फोकस सामयिक है, लेकिन इस क्षेत्र में कई ब्रिक्स सदस्य खुद सरकारी एकाधिकार की ओर झुके हैं — जो निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा के लक्ष्य से सीधे टकराता है। बिना किसी समीक्षा ढाँचे या अनुपालन तंत्र के, ये वक्तव्य नीयत तो दर्शाते हैं, नतीजे नहीं।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उदयपुर में ब्रिक्स-सीसीआई बैठक क्यों आयोजित की गई?
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत सीसीआई ने 8 अगस्त 2025 को उदयपुर में ब्रिक्स देशों के प्रतिस्पर्धा प्राधिकरणों के प्रमुखों की बैठक आयोजित की, जिसका उद्देश्य नवीकरणीय ऊर्जा बाजार सहित निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए आपसी सहयोग को मजबूत करना था।
बैठक में कौन-सा संयुक्त वक्तव्य अपनाया गया?
ब्रिक्स प्रतिस्पर्धा प्राधिकरणों के प्रमुखों ने 'निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए सहयोग मजबूत करना, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा बाजार भी शामिल हैं' शीर्षक वाला संयुक्त वक्तव्य अपनाया। इसमें प्रतिस्पर्धी और टिकाऊ नवीकरणीय ऊर्जा बाजारों को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
सीसीआई चेयरपर्सन रवनीत कौर ने बैठक में क्या कहा?
रवनीत कौर ने कहा कि डिजिटल बाजारों का स्वरूप तेजी से सीमा-पार हो रहा है, इसलिए ब्रिक्स देशों के बीच निरंतर सहयोग और अनुभवों का आदान-प्रदान जरूरी है। उन्होंने यह भी जोर दिया कि नियामकीय हस्तक्षेप सिद्धांत-आधारित और साक्ष्य पर आधारित होना चाहिए।
ब्रिक्स का अगला प्रतिस्पर्धा सम्मेलन कब और कहाँ होगा?
ब्राजील के एडमिनिस्ट्रेटिव काउंसिल फॉर इकोनॉमिक डिफेंस (सीएडीई) ने जानकारी दी कि 10वाँ ब्रिक्स अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा सम्मेलन 2027 में ब्राजील में आयोजित किया जाएगा।
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता में सीसीआई ने क्या अध्ययन किया?
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत सीसीआई ने 'ब्रिक्स में नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र का उभरता प्रतिस्पर्धी परिदृश्य' विषय पर एक संयुक्त अध्ययन का नेतृत्व किया। इसका उद्देश्य ब्रिक्स देशों में तेजी से बदल रहे नवीकरणीय ऊर्जा बाजारों की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति को समझना और भविष्य में सहयोग के क्षेत्रों की पहचान करना था।
राष्ट्र प्रेस
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