23 सितंबर 2026
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11वें आयुर्वेद दिवस पर आरएआरआई पटना में मिलेट्स और पारंपरिक भोजन का मिनी एक्सपो आयोजित

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11वें आयुर्वेद दिवस पर आरएआरआई पटना में मिलेट्स और पारंपरिक भोजन का मिनी एक्सपो आयोजित

सारांश

11वें आयुर्वेद दिवस पर पटना के आरएआरआई ने मिलेट्स और पारंपरिक व्यंजनों का मिनी एक्सपो आयोजित किया। 'स्वस्थ कल के लिए आयुर्वेद' विषय के तहत आम नागरिकों को पोषण, आयुर्वेदिक जीवनशैली और श्री अन्न के लाभों से परिचित कराया गया।

मुख्य बातें

आरएआरआई, पटना ने 23 सितंबर 2026 को 11वें आयुर्वेद दिवस पर मिनी एक्सपो और पारंपरिक खाद्य कार्यक्रम आयोजित किया।
इस वर्ष का विषय 'स्वस्थ कल के लिए आयुर्वेद' था; श्री अन्न (मिलेट्स) और स्थानीय व्यंजनों को प्रमुखता दी गई।
कार्यक्रम का उद्घाटन आईसीएमआर-आरएमएनआईएचआर के निदेशक डॉ.
कृष्णा पांडे ने किया।
मरीजों और आम नागरिकों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य जांच तथा आयुर्वेदिक औषधियों का वितरण किया गया।
पोषण, योग और मौसम-अनुकूल आहार पर जागरूकता सामग्री (IEC) वितरित की गई।

क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान (आरएआरआई), पटना में 23 सितंबर 2026 को 11वें आयुर्वेद दिवस के अवसर पर मिनी एक्सपो और पारंपरिक खाद्य प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। अगमकुआं, पटना स्थित इस संस्थान में आयोजित इस कार्यक्रम का केंद्रीय विषय था — 'स्वस्थ कल के लिए आयुर्वेद' — और इसका उद्देश्य मोटे अनाज (श्री अन्न), पारंपरिक खाद्य पदार्थों एवं आयुर्वेद आधारित जीवनशैली के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना था।

उद्घाटन और मुख्य वक्तव्य

कार्यक्रम का उद्घाटन आईसीएमआर-आरएमएनआईएचआर के निदेशक डॉ. कृष्णा पांडे ने किया। आरएआरआई के प्रभारी डॉ. बनमाली दास ने आयुर्वेद में वर्णित पारंपरिक एवं पौष्टिक खाद्य पदार्थों के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने संतुलित आहार में स्थानीय, मौसमी और विविधतापूर्ण खाद्यान्नों की केंद्रीय भूमिका पर विशेष बल दिया।

मिनी एक्सपो में क्या दिखा

मिनी एक्सपो में श्री अन्न (मिलेट्स), स्थानीय खाद्य सामग्री और स्वास्थ्यवर्धक घटकों से तैयार पारंपरिक व्यंजनों का जीवंत प्रदर्शन किया गया। आगंतुकों को प्रत्येक व्यंजन के पोषण मूल्य, स्वास्थ्य लाभों और दैनिक आहार में उनके समुचित उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब देशभर में मोटे अनाज को पुनः मुख्यधारा के आहार में लाने के प्रयास जारी हैं।

स्वास्थ्य जांच और आयुर्वेदिक सेवाएँ

कार्यक्रम के दौरान मरीजों, उनके परिजनों और आम नागरिकों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं चिकित्सकीय परीक्षण आयोजित किए गए। आवश्यकता के अनुसार आयुर्वेदिक औषधियाँ भी वितरित की गईं। इसके अतिरिक्त, आयुर्वेद, पोषण, रोग-निवारण और स्वस्थ जीवनशैली से संबंधित पुस्तकें तथा सूचना, शिक्षा एवं संचार सामग्री (IEC) का वितरण भी किया गया।

आयुर्वेदिक जीवनशैली पर जागरूकता

प्रतिभागियों को संतुलित पोषण, नियमित दिनचर्या, उचित खान-पान और योग के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। आयुर्वेद के सिद्धांतों के अनुरूप, व्यक्ति की प्रकृति और मौसम के अनुसार आहार एवं जीवनशैली अपनाने पर विशेष जोर दिया गया। गौरतलब है कि आयुर्वेद दिवस प्रतिवर्ष धन्वंतरि जयंती पर मनाया जाता है और इस वर्ष यह अपने 11वें संस्करण में है।

आयोजन में योगदान देने वाले अधिकारी

कार्यक्रम के सफल आयोजन में नोडल अधिकारी डॉ. बालाजी पोतभारे, अनुसंधान अधिकारी डॉ. अशोक कुमार सिन्हा, डॉ. रितिका मिश्रा और डॉ. कुमारी अर्चना सहित संस्थान के समस्त अधिकारियों व कर्मचारियों का योगदान रहा। कार्यक्रम में मरीजों, उनके परिजनों और आम नागरिकों की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही, जो पारंपरिक आयुर्वेदिक पद्धतियों के प्रति बढ़ती जिज्ञासा को दर्शाती है। आने वाले समय में आरएआरआई ऐसे जागरूकता अभियानों को और व्यापक रूप देने की दिशा में कार्य करता रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस तरह के एकदिवसीय आयोजनों का दीर्घकालिक व्यवहार-परिवर्तन पर प्रभाव सीमित होता है। असली चुनौती यह है कि जागरूकता से आगे बढ़कर आयुर्वेदिक आहार पद्धतियाँ शहरी और अर्ध-शहरी रसोइयों तक कैसे पहुँचें। गौरतलब है कि भारत सरकार का 'श्री अन्न' अभियान अंतरराष्ट्रीय मिलेट वर्ष 2023 के बाद भी जारी है, पर खुदरा उपभोग के आँकड़े अभी भी गेहूँ और चावल के मुकाबले काफी पीछे हैं।
RashtraPress
23 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

11वाँ आयुर्वेद दिवस कब और कहाँ मनाया गया?
11वाँ आयुर्वेद दिवस 23 सितंबर 2026 को पटना के अगमकुआं स्थित क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान (आरएआरआई) में मनाया गया। इस वर्ष का विषय 'स्वस्थ कल के लिए आयुर्वेद' था।
आरएआरआई पटना के मिनी एक्सपो में क्या प्रदर्शित किया गया?
मिनी एक्सपो में मिलेट्स (श्री अन्न), स्थानीय खाद्य सामग्री और स्वास्थ्यवर्धक घटकों से बने पारंपरिक व्यंजन प्रदर्शित किए गए। आगंतुकों को इनके पोषण मूल्य, स्वास्थ्य लाभ और दैनिक आहार में उपयोग की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में आम नागरिकों को क्या सुविधाएँ मिलीं?
कार्यक्रम में मरीजों, परिजनों और आम नागरिकों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य जांच और चिकित्सकीय परीक्षण किए गए। आवश्यकता अनुसार आयुर्वेदिक दवाएँ भी वितरित की गईं, साथ ही पोषण और स्वस्थ जीवनशैली से संबंधित सूचना सामग्री भी दी गई।
मिलेट्स (श्री अन्न) को आयुर्वेद दिवस से क्यों जोड़ा गया?
आयुर्वेद पारंपरिक रूप से स्थानीय, मौसमी और विविधतापूर्ण अनाजों के सेवन पर बल देता है, जिनमें मोटे अनाज प्रमुख स्थान रखते हैं। सरकार के 'श्री अन्न' अभियान के तहत मिलेट्स को पुनः आहार में शामिल करने के प्रयासों के अनुरूप यह विषय चुना गया।
आयुर्वेद दिवस प्रतिवर्ष कब मनाया जाता है?
आयुर्वेद दिवस प्रतिवर्ष धन्वंतरि जयंती (धनतेरस) के अवसर पर मनाया जाता है। यह आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु केंद्र सरकार की एक राष्ट्रीय पहल है।
राष्ट्र प्रेस
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