जामनगर: आईटीआरए के 11वें आयुर्वेद दिवस अभियान में 2,577 लोग लाभान्वित, एक माह की स्वास्थ्य गतिविधियाँ जारी
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के जामनगर स्थित आयुर्वेद शिक्षण और अनुसंधान संस्थान (आईटीआरए) ने 11वें आयुर्वेद दिवस के अवसर पर एक माह तक चलने वाली जन-जागरूकता, स्वास्थ्य देखभाल, पोषण और वैज्ञानिक गतिविधियों की एक विस्तृत श्रृंखला आयोजित की है, जिसमें अब तक कम से कम 2,577 लोग लाभान्वित हो चुके हैं। यह अभियान आयुर्वेद को स्वास्थ्य के समग्र और निवारक दृष्टिकोण के रूप में जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है।
अभियान की रूपरेखा और नेतृत्व
ये गतिविधियाँ आयुष मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव और आयुष मंत्रालय के सचिव पद्मश्री वैद्य राजेश कोटेचा के मार्गदर्शन में आयोजित की जा रही हैं। आईटीआरए की निदेशक प्रोफेसर डॉ. तनुजा नेसरी के नेतृत्व में संस्थान ने इस बहु-आयामी अभियान को ज़मीनी स्तर पर साकार किया है।
गौरतलब है कि आईटीआरए भारत के प्रमुख आयुर्वेद शिक्षण और शोध संस्थानों में से एक है, और यह लगातार आयुर्वेद दिवस को केवल एक प्रतीकात्मक आयोजन के बजाय जन-स्वास्थ्य अभियान के रूप में मनाता आया है।
मुख्य गतिविधियाँ और охват
7 से 22 सितंबर 2026 के बीच सेना, वायुसेना, नौसेना और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के प्रतिष्ठानों, शिक्षण संस्थानों, महिला संस्थानों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनके अलावा 11 सार्वजनिक स्थानों पर आयुर्वेदिक आहार के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए नुक्कड़ नाटक भी प्रस्तुत किए गए।
अभियान के तहत स्वास्थ्य जाँच शिविर, पोषण जागरूकता कार्यक्रम, चिकित्सा शिविर, वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष स्वास्थ्य सेवाएँ, स्कूलों और आँगनबाड़ियों में कार्यक्रम, औषधीय पौधों का रोपण, वैज्ञानिक प्रशिक्षण, शोध प्रस्तुतियाँ और कार्यशालाएँ आयोजित की गईं। यह उपक्रम वृद्धाश्रमों, बालिका गृहों, शिक्षण संस्थानों, सशस्त्र बलों के प्रतिष्ठानों और औद्योगिक क्षेत्रों तक फैला रहा।
वैज्ञानिक और शैक्षणिक पहल
आईटीआरए ने शोध प्रस्तुतियों, प्रयोगशाला गुणवत्ता नियंत्रण प्रशिक्षण, क्यूआक्ससेल कनेक्ट प्रदर्शन और प्रशिक्षण, माइक्रोबायोम कार्यशाला और कायाप्रबोधिनी वेबिनार सहित अनेक वैज्ञानिक व शैक्षणिक गतिविधियाँ भी आयोजित कीं। ये पहलें संस्थान के उस दृष्टिकोण को दर्शाती हैं जो आयुर्वेद को आधुनिक वैज्ञानिक कसौटी पर खरा साबित करने पर बल देता है।
युवाओं की सहभागिता
युवाओं को अभियान से जोड़ने के लिए 'एंशिएंट स्टेपल, मॉडर्न प्लेट' रील प्रतियोगिता, युवा संसद, स्टूडेंट एंबेसडर कार्यक्रम, राष्ट्रीय निबंध और ई-पोस्टर प्रतियोगिताएँ, रन फॉर आयुर्वेद, मास्टर शेफ कुकिंग प्रतियोगिता तथा आयुर्वेद में नए मीडिया और डिजिटल संचार पर संगोष्ठी आयोजित की जा रही हैं। यह समग्र दृष्टिकोण यह सुनिश्चित करता है कि परंपरागत चिकित्सा पद्धति की पहुँच अगली पीढ़ी तक भी हो।
संस्थान प्रमुख का संदेश
आईटीआरए की निदेशक प्रोफेसर डॉ. तनुजा नेसरी ने कहा कि 'आयुर्वेद दिवस अभियान में स्वास्थ्य, पोषण, अनुसंधान, शिक्षा, पर्यावरण और युवाओं की भागीदारी को एक साथ लाया गया है।' उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य आयुर्वेद को स्वास्थ्य के समग्र और निवारक दृष्टिकोण के रूप में बढ़ावा देना है। यह ऐसे समय में महत्त्वपूर्ण है जब देश में निवारक स्वास्थ्य देखभाल को लेकर जागरूकता तेज़ी से बढ़ रही है।