23 सितंबर 2026
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11वें आयुर्वेद दिवस पर देशभर के नेताओं ने दी शुभकामनाएं, रेखा गुप्ता से केशव प्रसाद मौर्य तक बोले — 'स्वस्थ भारत का आधार'

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11वें आयुर्वेद दिवस पर देशभर के नेताओं ने दी शुभकामनाएं, रेखा गुप्ता से केशव प्रसाद मौर्य तक बोले — 'स्वस्थ भारत का आधार'

सारांश

11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर दिल्ली से उत्तराखंड, राजस्थान और उत्तर प्रदेश तक — देश के प्रमुख नेताओं ने एक्स पर संदेश साझा कर आयुर्वेद को 'स्वस्थ भारत का आधार' बताया और इसे आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ने का संकल्प दोहराया।

मुख्य बातें

23 सितंबर 2026 को 11वाँ राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस मनाया गया; इस वर्ष की थीम 'स्वास्थ्यवर्धक भविष्य के लिए आयुर्वेद' रही।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर लिखा कि आयुर्वेद को PM मोदी के नेतृत्व में वैश्विक पहचान मिली है।
उत्तराखंड के CM पुष्कर सिंह धामी ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर और राष्ट्रीय आयुष मिशन जैसे केंद्रीय प्रयासों का उल्लेख किया।
राजस्थान के CM भजनलाल शर्मा , उपसीएम दीया कुमारी और डॉ.
प्रेम चंद बैरवा ने आयुर्वेद सिद्धांतों को दैनिक जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
UP उपसीएम केशव प्रसाद मौर्य ने आयुर्वेद में अनुसंधान, शिक्षा और नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

23 सितंबर 2026 को मनाए जा रहे 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर देशभर के वरिष्ठ नेताओं ने आयुर्वेद की प्राचीन ज्ञान परंपरा को नमन करते हुए शुभकामनाएं दीं। दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड तक, मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों ने एक्स पर पोस्ट साझा कर आयुर्वेद को केवल चिकित्सा प्रणाली नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली और भारतीय जीवनदृष्टि का आधार बताया। इस वर्ष के आयुर्वेद दिवस की थीम 'स्वास्थ्यवर्धक भविष्य के लिए आयुर्वेद' रही।

दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता का संदेश

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर लिखा, 'आयुर्वेद भारत की हजारों वर्ष पुरानी ज्ञान परंपरा है, जिसे आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्व में नई पहचान और नया विस्तार मिला है।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दिल्ली सरकार आयुर्वेद और आयुष सेवाओं को सुदृढ़ कर इस ज्ञान को जन-जन के स्वास्थ्य से जोड़ने के लिए संकल्पित है।

गुप्ता ने आगे कहा कि 11वें आयुर्वेद दिवस का संकल्प भारतीय विरासत को आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था का सशक्त आधार बनाने की प्रेरणा देता है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार आयुष सेवाओं के विस्तार पर विशेष ज़ोर दे रही है।

उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के नेताओं की प्रतिक्रिया

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा, 'आयुर्वेद हमारी प्राचीन चिकित्सा परंपरा ही नहीं, बल्कि निरोगी जीवन, प्रकृति के साथ संतुलन और समग्र स्वास्थ्य की भारतीय जीवनदृष्टि है।' धामी ने केंद्र सरकार के आयुष्मान आरोग्य मंदिर, राष्ट्रीय आयुष मिशन और 'देश का प्रकृति परीक्षण अभियान' जैसे प्रयासों का उल्लेख किया।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की आयुर्वेदिक ज्ञान परंपरा को वैश्विक पहचान मिल रही है। उन्होंने अनुसंधान, शिक्षा और नवाचार को बढ़ावा देते हुए 'स्वस्थ भारत' के संकल्प को साकार करने का आह्वान किया।

राजस्थान के नेताओं के संदेश

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि आयुर्वेद स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित दिनचर्या और प्रकृति के साथ सामंजस्य का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने नागरिकों से आयुर्वेद के सिद्धांतों को दैनिक जीवन में अपनाने और स्वस्थ समाज के निर्माण के संकल्प को सशक्त करने का अनुरोध किया।

राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने लिखा कि आयुर्वेद प्राचीन एवं समृद्ध चिकित्सा परंपरा के साथ-साथ स्वस्थ जीवनशैली का आधार भी है। वहीं, उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेम चंद बैरवा ने एक संस्कृत श्लोक — 'हिताहितं सुखं दुःखमायुस्तस्य हिताहितम्। मानं च तच्च यत्रोक्तमायुर्वेदः स उच्यते॥' — साझा कर आयुर्वेद के मूल दर्शन को रेखांकित किया।

आयुर्वेद दिवस का महत्व और सरकारी प्रयास

गौरतलब है कि राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस हर वर्ष धन्वंतरि जयंती पर मनाया जाता है। इस वर्ष यह 11वीं बार आयोजित हुआ। केंद्र सरकार के आयुष मंत्रालय के अंतर्गत आयुर्वेद शिक्षा एवं अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

यह आयोजन ऐसे समय में विशेष महत्व रखता है जब वैश्विक स्तर पर पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों के प्रति रुचि बढ़ रही है और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) भी पारंपरिक चिकित्सा को मान्यता देने के प्रयास कर रहा है। आगे के वर्षों में आयुर्वेद को आधुनिक स्वास्थ्य ढाँचे में एकीकृत करने की दिशा में सरकार के प्रयास जारी रहने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

ऐतिहासिक गौरव, और आधुनिकीकरण के वादे। असली सवाल यह है कि आयुष मिशन पर होने वाले सरकारी व्यय और आयुर्वेद के वास्तविक स्वास्थ्य परिणामों के बीच की खाई कब पाटी जाएगी। एक दशक से अधिक की नीतिगत प्राथमिकता के बावजूद आयुर्वेद की साक्ष्य-आधारित स्वीकार्यता अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा जगत में सीमित बनी हुई है। बिना कठोर शोध और स्वतंत्र नैदानिक परीक्षणों के, ये घोषणाएं प्रेरक तो हैं — परंतु नीतिगत परिवर्तन की दिशा में ठोस कदम साबित होने में अभी वक्त लगेगा।
RashtraPress
23 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?
राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस हर वर्ष धन्वंतरि जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। इस वर्ष 23 सितंबर 2026 को 11वाँ राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस मनाया गया, जिसका उद्देश्य आयुर्वेद की प्राचीन चिकित्सा परंपरा को बढ़ावा देना और इसे आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ना है।
दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता ने आयुर्वेद दिवस पर क्या कहा?
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर लिखा कि आयुर्वेद भारत की हजारों वर्ष पुरानी ज्ञान परंपरा है, जिसे PM मोदी के नेतृत्व में वैश्विक पहचान मिली है। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार आयुर्वेद और आयुष सेवाओं को मजबूत कर इसे जन-जन के स्वास्थ्य से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।
UP उपसीएम केशव प्रसाद मौर्य ने आयुर्वेद दिवस पर क्या संदेश दिया?
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि PM मोदी के नेतृत्व में भारत की आयुर्वेदिक ज्ञान परंपरा को वैश्विक पहचान मिल रही है। उन्होंने अनुसंधान, शिक्षा और नवाचार को बढ़ावा देने का आह्वान करते हुए 'स्वस्थ भारत' के संकल्प को साकार करने की अपील की।
11वें आयुर्वेद दिवस 2026 की थीम क्या थी?
11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस 2026 की थीम 'स्वास्थ्यवर्धक भविष्य के लिए आयुर्वेद' रही। इस थीम के तहत आयुर्वेद को आधुनिक स्वास्थ्य चुनौतियों के समाधान के रूप में प्रस्तुत करने पर जोर दिया गया।
केंद्र सरकार आयुर्वेद के प्रसार के लिए कौन-सी योजनाएं चला रही है?
केंद्र सरकार आयुष्मान आरोग्य मंदिर, राष्ट्रीय आयुष मिशन, आयुर्वेद शिक्षा एवं अनुसंधान और 'देश का प्रकृति परीक्षण अभियान' जैसी योजनाओं के माध्यम से आयुर्वेद को जन-जन तक पहुँचाने का कार्य कर रही है। उत्तराखंड के CM पुष्कर सिंह धामी ने आयुर्वेद दिवस पर इन्हीं प्रयासों का उल्लेख किया।
राष्ट्र प्रेस
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