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ब्रिक्स विज्ञान मंत्रिस्तरीय बैठक में 'चेन्नई घोषणा' सर्वसम्मति से पारित, AI से जलवायु तक 14 क्षेत्रों में सहयोग

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ब्रिक्स विज्ञान मंत्रिस्तरीय बैठक में 'चेन्नई घोषणा' सर्वसम्मति से पारित, AI से जलवायु तक 14 क्षेत्रों में सहयोग

सारांश

भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता में 14वीं विज्ञान मंत्रिस्तरीय बैठक में 'चेन्नई घोषणा' सर्वसम्मति से पारित हुई। AI, क्वांटम टेक्नोलॉजी और जलवायु परिवर्तन सहित 14 क्षेत्रों में सहयोग और ब्रिक्स स्टार्टअप नवाचार कोष के प्रस्ताव को समर्थन — यह संवाद से ठोस साझेदारी की ओर बड़ा कदम है।

मुख्य बातें

14वीं ब्रिक्स विज्ञान मंत्रिस्तरीय बैठक में 22 अगस्त को 'चेन्नई घोषणा' सर्वसम्मति से अपनाई गई।
घोषणा AI, क्वांटम टेक्नोलॉजी, जैव प्रौद्योगिकी, जलवायु परिवर्तन सहित 14 विषयगत कार्य समूहों में सहयोग को रेखांकित करती है।
ब्रिक्स युवा वैज्ञानिक मंच के 11 संस्करण और युवा नवोन्मेषक पुरस्कार के 9 संस्करण आयोजित हो चुके हैं।
ब्रिक्स स्टार्टअप नवाचार कोष के प्रस्ताव पर विचार का समर्थन किया गया।
जितेंद्र सिंह ने साझेदारी को संवाद से ठोस परिणामों की ओर ले जाने का आह्वान किया।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने 22 अगस्त को घोषणा की कि 14वीं ब्रिक्स विज्ञान मंत्रिस्तरीय बैठक में सभी सदस्य देशों ने सर्वसम्मति से 'चेन्नई घोषणा' को अपनाया है, जो विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार (STI) के क्षेत्र में बहुपक्षीय सहयोग को नई दिशा देगी। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान अपनाई गई यह घोषणा जन-केंद्रित और मानवता-प्रथम दृष्टिकोण पर आधारित है।

चेन्नई घोषणा में क्या है

चेन्नई सहमति विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सहयोग के केंद्र में सतत विकास, सामाजिक समावेशन और जीवनस्तर में सुधार को रखती है। इसमें नवाचार एवं प्रौद्योगिकी को समावेशी और टिकाऊ आर्थिक वृद्धि के साधन के रूप में स्थापित किया गया है। घोषणा एक प्रभावी, लचीला और भविष्योन्मुखी STI ढाँचा विकसित करने की ब्रिक्स देशों की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।

मुख्य विषय और कार्य समूह

बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग, क्वांटम टेक्नोलॉजी, उन्नत सामग्री, जैव प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य, जलवायु परिवर्तन और सतत विकास जैसे विषयों पर व्यापक विमर्श हुआ। डॉ. सिंह ने कहा कि इन चर्चाओं ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार अधिक लचीले, समावेशी और टिकाऊ भविष्य के निर्माण में केंद्रीय भूमिका निभाते हैं।

चेन्नई सहमति में 14 विषयगत कार्य समूहों में निरंतर सहयोग दर्ज किया गया है। इसके साथ ही ब्रिक्स युवा वैज्ञानिक मंच के 11 संस्करण, युवा नवोन्मेषक पुरस्कार के 9 संस्करण और ब्रिक्स STI रूपरेखा कार्यक्रम के 9 दौर सफलतापूर्वक आयोजित किए जा चुके हैं — जो इस साझेदारी की बढ़ती परिपक्वता को दर्शाते हैं।

स्टार्टअप और नवाचार कोष

घोषणा में ब्रिक्स युवा स्टार्टअप मंच का स्वागत किया गया है। शुरुआती और विकासशील चरण के स्टार्टअप्स के लिए वित्तपोषण की आवश्यकता को स्वीकार करते हुए ब्रिक्स स्टार्टअप नवाचार कोष के प्रस्ताव पर विचार का समर्थन किया गया है। यह पहल उद्योग मंत्रियों की घोषणा में भी शामिल है और आवश्यकता पड़ने पर STI ट्रैक के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा।

भारत की भूमिका और आगे की राह

चेन्नई सहमति में भारत द्वारा STI सहयोग की प्राथमिकताओं की समीक्षा और उन्हें अधिक प्रभावी बनाने के प्रयासों का विशेष रूप से स्वागत किया गया है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि ब्रिक्स की विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी साझेदारी को केवल संवाद तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि संयुक्त परियोजनाओं, साझा मंचों, समन्वित अनुसंधान कार्यक्रमों और खुली अनुसंधान अवसंरचना के माध्यम से ठोस परिणाम देने वाली साझेदारी में बदलना होगा। यह घोषणा ब्रिक्स के वैश्विक दक्षिण-नेतृत्व वाले विज्ञान सहयोग को संस्थागत रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ब्रिक्स के STI सहयोग का इतिहास बताता है कि घोषणाएँ अक्सर कार्य समूहों की बैठकों से आगे नहीं बढ़ पातीं। असली कसौटी यह होगी कि 14 विषयगत समूहों के काम का मापन-योग्य आउटपुट — संयुक्त पेटेंट, प्रकाशन, व्यावसायिक उत्पाद — कितना निकलता है। ब्रिक्स के विस्तार के बाद समूह की विविधता बढ़ी है, जिससे सर्वसम्मति आसान हो सकती है लेकिन क्रियान्वयन जटिल। स्टार्टअप नवाचार कोष का 'प्रस्ताव पर विचार' वाला भाषा संकेत देता है कि वित्तपोषण अभी भी अनिश्चित है — यह देखना होगा कि अगली बैठक तक यह ठोस प्रतिबद्धता बनती है या नहीं।
RashtraPress
22 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चेन्नई घोषणा क्या है और इसे कब अपनाया गया?
'चेन्नई घोषणा' ब्रिक्स देशों द्वारा 22 अगस्त को 14वीं विज्ञान मंत्रिस्तरीय बैठक में सर्वसम्मति से अपनाया गया एक STI सहयोग दस्तावेज़ है। यह भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान पारित हुआ और AI, क्वांटम टेक्नोलॉजी, जलवायु परिवर्तन सहित 14 क्षेत्रों में सहयोग की रूपरेखा तय करता है।
चेन्नई घोषणा में किन प्रमुख क्षेत्रों को शामिल किया गया है?
घोषणा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग, क्वांटम टेक्नोलॉजी, उन्नत सामग्री, जैव प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य, जलवायु परिवर्तन और सतत विकास जैसे विषय शामिल हैं। इन पर 14 विषयगत कार्य समूहों के माध्यम से सहयोग जारी रहेगा।
ब्रिक्स स्टार्टअप नवाचार कोष क्या है?
यह शुरुआती और विकासशील चरण के स्टार्टअप्स को वित्तपोषण देने के लिए प्रस्तावित एक ब्रिक्स-स्तरीय कोष है। चेन्नई घोषणा में इस प्रस्ताव पर विचार का समर्थन किया गया है और इसे उद्योग मंत्रियों की घोषणा में भी शामिल किया गया है, हालाँकि अंतिम वित्तपोषण व्यवस्था अभी तय नहीं हुई है।
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता में STI सहयोग की क्या उपलब्धियाँ रही हैं?
भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स युवा वैज्ञानिक मंच के 11 संस्करण, युवा नवोन्मेषक पुरस्कार के 9 संस्करण और STI रूपरेखा कार्यक्रम के 9 दौर सफलतापूर्वक आयोजित किए जा चुके हैं। चेन्नई सहमति ने STI प्राथमिकताओं की समीक्षा और आधुनिक सहयोग ढाँचे के लिए भारत के प्रयासों की सराहना की है।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने ब्रिक्स STI साझेदारी के बारे में क्या कहा?
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि ब्रिक्स की विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी साझेदारी को केवल संवाद तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि संयुक्त परियोजनाओं, साझा मंचों, समन्वित अनुसंधान कार्यक्रमों और खुली अनुसंधान अवसंरचना के माध्यम से ठोस परिणाम देने वाली साझेदारी में बदलना होगा।
राष्ट्र प्रेस
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