13 सितंबर 2026
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ब्रिक्स सम्मेलन 2026: एनडीए नेताओं ने कहा — नई दिल्ली में सफल आयोजन से वैश्विक मंच पर भारत का कद बढ़ा

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ब्रिक्स सम्मेलन 2026: एनडीए नेताओं ने कहा — नई दिल्ली में सफल आयोजन से वैश्विक मंच पर भारत का कद बढ़ा

सारांश

नई दिल्ली में ब्रिक्स 2026 का पर्दा गिरा तो एनडीए नेताओं ने एकसुर में कहा — यह सम्मेलन भारत की बढ़ती वैश्विक ताकत का प्रमाण है। आतंकवाद-रोधी सहयोग, व्यापार और AI प्रशासन पर सहमति के साथ नई दिल्ली घोषणा-पत्र जारी हुआ, जबकि राहुल गांधी-अनवर इब्राहिम मुलाकात ने राजनीतिक बहस को नई दिशा दी।

मुख्य बातें

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 का सफल आयोजन नई दिल्ली में हुआ; नई दिल्ली घोषणा-पत्र जारी।
केंद्रीय राज्य मंत्री सतीश चंद्र दूबे ने कहा — रूस, चीन, इंडोनेशिया समेत सदस्य देशों ने आतंकवाद और व्यापार सहयोग पर चर्चा की।
सम्मेलन में 37 डीप-टेक स्टार्टअप्स ने AI समाधान प्रदर्शित किए; NTA महानिदेशक अभिषेक सिंह ने न्यायसंगत AI प्रशासन पर बल दिया।
मलेशियाई PM अनवर इब्राहिम की राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा से मुलाकात हुई; बैठक का एजेंडा अभी सार्वजनिक नहीं।
भाजपा नेता आरपी सिंह ने कहा — कूटनीति में राजनीति नहीं होनी चाहिए।
बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा — सम्मेलन में भारत की संप्रभु ताकत स्पष्ट दिखी।

नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के सफल समापन पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नेताओं ने एकमत से कहा कि इस सम्मेलन ने वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति को और मज़बूत किया है। 13 सितंबर 2026 को नेताओं ने यह भी रेखांकित किया कि आतंकवाद-रोधी सहयोग और व्यापार साझेदारी जैसे अहम मुद्दों पर सदस्य देशों के बीच सार्थक चर्चा हुई।

सम्मेलन की उपलब्धियाँ और नई दिल्ली घोषणा-पत्र

केंद्रीय राज्य मंत्री सतीश चंद्र दूबे ने कहा कि भारत ने इस बार ब्रिक्स की मेज़बानी और नेतृत्व दोनों किए। उन्होंने बताया कि रूस, चीन, इंडोनेशिया समेत विभिन्न सदस्य देशों ने आतंकवाद से मुकाबले और व्यापार सहयोग बढ़ाने के मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया।

शिवसेना नेता संजय निरुपम ने कहा कि बदलती वैश्विक व्यवस्था के बीच यह सम्मेलन विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहा। उनके अनुसार, नई दिल्ली घोषणा-पत्र आने वाले समय में वैश्विक विकास की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है और विभिन्न देशों को नए आर्थिक अवसर मिल सकते हैं।

प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर विशेष ज़ोर

राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने सम्मेलन के दौरान कहा कि दिल्ली घोषणा-पत्र में अपनाए गए सिद्धांतों को, विशेषकर प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में, आगे ले जाना होगा। उन्होंने बताया कि सम्मेलन में 37 डीप-टेक स्टार्टअप्स ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विभिन्न समाधान प्रदर्शित किए।

अभिषेक सिंह ने जोड़ा कि AI के प्रशासन को अधिक न्यायसंगत, संतुलित और खुला बनाने की उम्मीदें इस समूह से जुड़ी हैं। उनके अनुसार तकनीक, विशेष रूप से AI, को आम नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए इस्तेमाल करना इस मंच का प्राथमिक लक्ष्य बनना चाहिए।

राहुल गांधी-अनवर इब्राहिम मुलाकात पर एनडीए की प्रतिक्रिया

भाजपा नेता आरपी सिंह ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के बीच हुई मुलाकात पर कहा कि विदेशी प्रतिनिधियों से मिलने में कोई आपत्ति नहीं है। हालाँकि उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी को यह ध्यान रखना चाहिए कि मलेशियाई प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की किस तरह प्रशंसा की है। उन्होंने जोड़ा, 'कूटनीति में राजनीति नहीं की जानी चाहिए।'

संजय निरुपम ने जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण के मुद्दे पर कहा कि मलेशियाई प्रधानमंत्री ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लेने भारत आए थे। राहुल गांधी के साथ बैठक में किन विषयों पर चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है। उन्होंने संभावना जताई कि जाकिर नाइक का प्रत्यर्पण मुद्दा उठाया गया होगा, परंतु इसे कांग्रेस पर ही स्पष्ट करने के लिए छोड़ दिया।

भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका

शिवसेना प्रवक्ता कृष्णा हेगड़े ने बताया कि मलेशियाई प्रधानमंत्री ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा से मुलाकात की। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी और अनवर इब्राहिम के बीच द्विपक्षीय वार्ता में भारत-मलेशिया संबंध, तकनीकी सहयोग, व्यापार और बुनियादी ढाँचे के विषयों पर चर्चा हुई।

बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि इस सम्मेलन में भारत की बढ़ती ताकत स्पष्ट रूप से दिखाई दी। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक भू-राजनीतिक संतुलन तेज़ी से बदल रहा है और भारत एक महत्वपूर्ण धुरी के रूप में उभर रहा है।

ब्रिक्स मंच पर भारत की अध्यक्षता का यह कार्यकाल नई दिल्ली घोषणा-पत्र और AI प्रशासन जैसे मुद्दों पर सहमति के साथ समाप्त हुआ — आने वाले महीनों में इन प्रतिबद्धताओं के क्रियान्वयन की निगरानी ही इस सफलता की असली कसौटी होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल नई दिल्ली घोषणा-पत्र के क्रियान्वयन का है — अतीत में ब्रिक्स दस्तावेज़ अक्सर महत्वाकांक्षी इरादों के साथ जारी होकर व्यवहार में सीमित रहे हैं। राहुल गांधी-अनवर इब्राहिम मुलाकात पर एनडीए की प्रतिक्रिया में जाकिर नाइक प्रत्यर्पण का अप्रत्यक्ष उल्लेख बताता है कि कूटनीतिक सफलता का आख्यान भीतरी राजनीतिक प्रतिस्पर्धा से मुक्त नहीं है। AI प्रशासन और डीप-टेक सहयोग पर की गई चर्चा उत्साहजनक है, परंतु 'ज्ञान साझाकरण' के संकल्पों को बाध्यकारी ढाँचे में बदले बिना ये महज़ घोषणाएँ बनकर रह जाती हैं।
RashtraPress
13 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 में कौन-से प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हुई?
आतंकवाद से मुकाबला, व्यापार सहयोग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रशासन इस सम्मेलन के प्रमुख विषय रहे। सम्मेलन के अंत में नई दिल्ली घोषणा-पत्र जारी किया गया, जो सदस्य देशों के बीच भावी सहयोग की दिशा तय करेगा।
नई दिल्ली घोषणा-पत्र क्या है और इसका महत्व क्या है?
नई दिल्ली घोषणा-पत्र ब्रिक्स सम्मेलन 2026 के समापन पर जारी आधिकारिक दस्तावेज़ है, जिसमें सदस्य देशों ने व्यापार, प्रौद्योगिकी और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहित कई क्षेत्रों में सहयोग की प्रतिबद्धता जताई है। एनडीए नेताओं के अनुसार, यह घोषणा-पत्र वैश्विक विकास की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
राहुल गांधी और मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम की मुलाकात पर भाजपा ने क्या कहा?
भाजपा नेता आरपी सिंह ने कहा कि राहुल गांधी का विदेशी प्रतिनिधियों से मिलना स्वीकार्य है, लेकिन उन्हें यह ध्यान रखना चाहिए कि मलेशियाई प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी की किस तरह प्रशंसा की है। उन्होंने जोड़ा कि 'कूटनीति में राजनीति नहीं की जानी चाहिए।'
क्या राहुल गांधी और अनवर इब्राहिम की बैठक में जाकिर नाइक का प्रत्यर्पण मुद्दा उठा?
शिवसेना नेता संजय निरुपम ने कहा कि बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं हुई है। उन्होंने संभावना जताई कि जाकिर नाइक का प्रत्यर्पण मुद्दा उठाया गया होगा, परंतु इसे स्पष्ट करने की ज़िम्मेदारी कांग्रेस पर छोड़ दी।
ब्रिक्स सम्मेलन में AI और प्रौद्योगिकी को लेकर क्या पहल हुई?
NTA महानिदेशक अभिषेक सिंह के अनुसार, सम्मेलन में 37 डीप-टेक स्टार्टअप्स ने AI आधारित समाधान प्रदर्शित किए। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स समूह से उम्मीद है कि AI प्रशासन को अधिक न्यायसंगत और संतुलित बनाया जाए और तकनीक का उपयोग नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने में हो।
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