18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की सफलता पर सम्राट चौधरी ने मोदी को दी बधाई, बोले — भारत अब 'ग्लोबल लीडर'
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 13 सितंबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नई दिल्ली में भारत की अध्यक्षता में संपन्न 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की सफलता पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि 'नई दिल्ली घोषणापत्र' पर सभी सदस्य देशों की सर्वसम्मति भारत की प्रभावी कूटनीति और वैश्विक प्रभाव का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
भारत की वैश्विक भूमिका और नई दिल्ली घोषणापत्र
मुख्यमंत्री चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत अब केवल अपने विचार प्रस्तुत करने वाला देश नहीं रहा, बल्कि वैश्विक मुद्दों पर साझा समाधान और दिशा देने वाली एक महत्वपूर्ण शक्ति के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच बहुपक्षवाद और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के प्रति ब्रिक्स देशों की प्रतिबद्धता अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर शांति और संवाद की माँग पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है।
आतंकवाद पर ब्रिक्स देशों का स्पष्ट रुख
चौधरी ने 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के सभी रूपों के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई जरूरी है — चाहे वह आतंकवाद की फंडिंग हो, सीमा पार घुसपैठ हो, या आतंकवादियों को सुरक्षित पनाह देना हो। ब्रिक्स देशों के इस स्पष्ट रुख का उन्होंने स्वागत किया।
संयुक्त राष्ट्र सुधार और ग्लोबल साउथ
मुख्यमंत्री ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत और ब्राजील की स्थायी सदस्यता के समर्थन को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि इससे वैश्विक शासन व्यवस्था में विकासशील देशों की आवाज़ को नई ताकत मिलेगी। गौरतलब है कि 'ग्लोबल साउथ' की चिंताओं को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रमुखता दिलाने में भारत ने लगातार सक्रिय भूमिका निभाई है।
तकनीक, व्यापार और ऊर्जा सहयोग
चौधरी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, क्वांटम तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग भविष्य की वैश्विक अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकता है। उन्होंने कहा कि नियम-आधारित, खुली और निष्पक्ष व्यापार व्यवस्था समय की माँग है, और एकतरफा प्रतिबंधों तथा आपूर्ति शृंखला के व्यवधानों पर ब्रिक्स देशों की चिंताएँ उचित हैं। सतत विकास और ऊर्जा सुरक्षा के लिए नवीकरणीय ऊर्जा, परमाणु ऊर्जा और हाइड्रोजन जैसे विविध स्रोतों के उपयोग पर सहयोग को उन्होंने अनिवार्य बताया।
बिहार के सत्तू-मखाना को अंतरराष्ट्रीय पहचान
मुख्यमंत्री ने बिहार के पारंपरिक उत्पादों — सत्तू और मखाना — को ब्रिक्स मंच पर अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए प्रधानमंत्री का विशेष आभार जताया। उन्होंने कहा कि विश्व पटल पर भारत को नेतृत्वकारी भूमिका में स्थापित करने और देश को प्रगति के पथ पर आगे ले जाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अभिनंदन है। ब्रिक्स के बाद भारत की अगली प्राथमिकता इस घोषणापत्र को ठोस द्विपक्षीय और बहुपक्षीय कार्ययोजना में बदलने की होगी।