एनआईए ने हाजीपुर में AK-47 तस्करी मामले में वकील संदीप सिंह को रात को गिरफ्तार किया
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 30 अक्टूबर 2026 की आधी रात को बिहार के वैशाली जिले के हाजीपुर में एक बड़े ऑपरेशन के तहत एक वकील को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान संदीप कुमार सिंह उर्फ छोटू लाल के रूप में हुई है, जो नगर थाना क्षेत्र के एसडीओ रोड निवासी हैं और कथित तौर पर पटना उच्च न्यायालय में वकालत करते हैं। यह गिरफ्तारी AK-47 सहित अत्याधुनिक अवैध हथियारों की तस्करी, खरीद और आपूर्ति से जुड़े एनआईए मामले में की गई है।
मध्यरात्रि का ऑपरेशन: कैसे हुई गिरफ्तारी
सूत्रों के अनुसार, एनआईए की टीम ने रात करीब एक बजे जौहरी बाजार की मुख्य सड़क पर संदीप कुमार सिंह को घेरकर हिरासत में लिया। जांचकर्ताओं का अनुमान है कि आरोपी को अपनी संभावित गिरफ्तारी की भनक थी, जिस कारण वह देर रात अपने आवास से निकलकर जौहरी बाजार पहुँचा था। सूत्रों के मुताबिक वह कथित तौर पर एक वाहन का इंतजार कर रहा था, जो उसे क्षेत्र से बाहर निकालने में मदद करने के लिए व्यवस्थित किया गया था।
एजेंसी की टीम पहले से ही मौके पर तैनात थी और उसने आरोपी को रोककर गिरफ्तार कर लिया। घटनास्थल से एक कार भी जब्त की गई, जिसे बाद में स्थानीय नगर पुलिस को सौंप दिया गया। गिरफ्तारी की पुष्टि नगर थाने के प्रभारी ने भी की है।
पहले भी रहे थे जांच के दायरे में
गौरतलब है कि संदीप कुमार सिंह इस मामले में पहले से ही एनआईए की जांच के घेरे में थे। एसडीओ रोड स्थित उनके आवास पर पहले की गई छापेमारी के दौरान एजेंसी ने कथित तौर पर एक अवैध 9 मिमी पिस्तौल बरामद की थी। उस समय से ही एनआईए उनकी गतिविधियों पर कड़ी नजर रख रही थी, और ताजा गिरफ्तारी उसी निगरानी अभियान की परिणति बताई जा रही है।
मामले की पृष्ठभूमि: हथियार तस्करी नेटवर्क की जांच
एनआईए का यह मामला AK-47 जैसे घातक स्वचालित हथियारों सहित अन्य अवैध हथियारों की संगठित तस्करी, खरीद और आपूर्ति से संबंधित है। जांचकर्ता इस नेटवर्क की आपूर्ति श्रृंखला स्थापित करने, हथियारों की सोर्सिंग और वितरण में संलिप्त अन्य व्यक्तियों की पहचान करने और उनकी भूमिकाएं निर्धारित करने में जुटे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्रीय एजेंसियाँ बिहार सहित पूर्वी भारत में हथियारों के अवैध प्रवाह को लेकर सक्रिय हैं।
स्थानीय प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई
गिरफ्तारी की खबर फैलते ही जौहरी बाजार में भीड़ जमा हो गई और स्थानीय निवासियों में हड़कंप मच गया। एनआईए ने आरोपी को हथियार तस्करी नेटवर्क से जुड़े सवालों पर विस्तृत पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। जांचकर्ता अब इस ऑपरेशन से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश में हैं और आपूर्ति की पूरी कड़ी उजागर करने की कोशिश कर रहे हैं।
इस गिरफ्तारी से यह स्पष्ट होता है कि एनआईए का जांच दायरा न केवल हथियार तस्करों तक, बल्कि कथित रूप से उन्हें सहयोग करने वाले पेशेवरों तक भी विस्तृत हो रहा है। अगले कुछ दिनों में एजेंसी की पूछताछ से इस नेटवर्क के बारे में और परतें खुलने की संभावना है।