क्या बिहार के मुजफ्फरपुर में एके-47 बरामदगी मामले में वांछित आरोपी गिरफ्तार हुआ?

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क्या बिहार के मुजफ्फरपुर में एके-47 बरामदगी मामले में वांछित आरोपी गिरफ्तार हुआ?

सारांश

बिहार के मुजफ्फरपुर में एनआईए ने एके-47 राइफल और गोला-बारूद की बरामदगी मामले में वांछित आरोपी मंजूर खान को गिरफ्तार किया है। क्या यह गिरफ्तारी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा कदम है?

Key Takeaways

  • एनआईए ने मुजफ्फरपुर में एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है।
  • मंजूर खान पर प्रतिबंधित हथियारों की तस्करी का आरोप है।
  • यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ है।
  • चार अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।
  • जांच जारी है और साक्ष्यों को इकट्ठा किया जा रहा है।

नई दिल्ली, 29 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के मुजफ्फरपुर में चर्चित एके-47 राइफल और गोला-बारूद बरामदगी मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। एनआईए ने एक वांछित आरोपी मंजूर खान उर्फ बाबू भाई को पकड़ लिया है।

एनआईए द्वारा जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मंजूर खान मुख्य आरोपी विकाश कुमार का करीबी साथी था। विकाश कुमार पर नागालैंड से बिहार तक अत्याधुनिक और प्रतिबंधित बोर के हथियार, विशेषकर एके-47 राइफल की तस्करी करने का आरोप है। जांच में यह पाया गया कि मंजूर खान ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर इन प्रतिबंधित हथियारों की तस्करी की योजना बनाई थी, जिसका उद्देश्य सार्वजनिक शांति और सुरक्षा को बाधित करना और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालना था।

इस मामले की शुरुआत फकुली थाना पुलिस द्वारा दर्ज की गई थी। पुलिस ने मुर्गाटिया पुल के पास से एक एके-47 राइफल, लेंस और जिंदा कारतूस बरामद किए थे। इस दौरान चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और उनके खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत चार्जशीट दाखिल की गई थी।

अगस्त 2024 में, एनआईए ने इस मामले की जांच अपने हाथ में ली। जांच के दौरान, एजेंसी ने मंजूर खान की भूमिका को उजागर किया और उसके खिलाफ साजिश में शामिल होने के सबूत इकट्ठा किए। इसके बाद एजेंसी ने चार आरोपियों – विकाश कुमार, सत्याम कुमार, देवमणि राय और अहमद अंसारी के खिलाफ पहली सप्लीमेंट्री चार्जशीट दायर की। इन सभी आरोपियों पर आईपीसी की धारा 120B (आपराधिक साजिश) और यूएपीए (गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम) की धारा 13 और 18 के तहत आरोप लगाए गए हैं।

एनआईए ने आगे बताया है कि यह मामला आरसी-11/2024/एनआईए/डीएलआई के तहत दर्ज है और इसमें आगे की जांच जारी है।

इससे पहले, एनआईए ने इस मामले में चार आरोपियों के खिलाफ अतिरिक्त आरोपों के साथ एक पूर्ण चार्जशीट दाखिल की थी। चारों पर पहले स्थानीय पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत आरोप लगाए थे। जांच एजेंसी की पूरक चार्जशीट में इन चारों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी, गैरकानूनी गतिविधियां (निवारण) अधिनियम, 1967 की धारा 13 और 18 के साथ ही पहले दाखिल चार्जशीट में आर्म्स एक्ट, 1959 की धारा 25(1-एए), 26, और 35 के तहत आरोप जोड़े गए थे।

Point of View

बल्कि यह दर्शाती है कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी देश की सुरक्षा को लेकर गंभीर है। हमें ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

मंजूर खान कौन है?
मंजूर खान उर्फ बाबू भाई एक वांछित आरोपी है, जिसे एनआईए ने एके-47 राइफल और गोला-बारूद बरामदगी मामले में गिरफ्तार किया है।
यह मामला कब शुरू हुआ?
यह मामला मूल रूप से फकुली थाना पुलिस द्वारा दर्ज किया गया था, जब पुलिस ने मुर्गाटिया पुल के पास से हथियार बरामद किए।
एनआईए ने इस मामले में क्या किया?
एनआईए ने इस मामले की जांच अपने हाथ में ली और मंजूर खान की भूमिका को उजागर किया, साथ ही चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
इस मामले में आगे की जांच कब होगी?
इस मामले में आगे की जांच एनआईए द्वारा जारी है और इसके तहत अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही की जा रही है।
क्या यह गिरफ्तारी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है?
हाँ, यह गिरफ्तारी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह प्रतिबंधित हथियारों की तस्करी को रोकने में मदद करेगी।