जमशेदपुर: जुगसलाई में कपड़ा कारोबारी पर फायरिंग, मनीष सिंह गिरोह के 6 बदमाश गिरफ्तार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
जमशेदपुर: जुगसलाई में कपड़ा कारोबारी पर फायरिंग, मनीष सिंह गिरोह के 6 बदमाश गिरफ्तार

सारांश

जमशेदपुर के जुगसलाई बाजार में कपड़ा कारोबारी दिनेश बेरिया पर 15 मई को दिनदहाड़े फायरिंग और रंगदारी वसूली के मामले में पुलिस ने मनीष सिंह गिरोह के 6 सदस्यों को गिरफ्तार किया। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच से हुई पहचान, 4 देशी पिस्तौल समेत भारी हथियार बरामद।

मुख्य बातें

जमशेदपुर के जुगसलाई बाजार में 15 मई को कपड़ा दुकान 'यूनिक कलेक्शन' में दिनदहाड़े फायरिंग की गई थी।
कारोबारी दिनेश बेरिया ने रंगदारी देने से इनकार किया था, जिसके बाद हमला हुआ।
पुलिस ने मनीष सिंह गिरोह के 6 सदस्यों को गिरफ्तार कर 20 मई को न्यायिक हिरासत में भेजा।
बरामदगी में 4 देशी पिस्तौल , 5 जिंदा कारतूस , 3 मैगजीन , घटना की कार और 6 मोबाइल फोन शामिल।
गिरफ्तार 6 में से 4 आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है।
सिटी एसपी ललित मीणा ने कहा — गिरोह के शेष सदस्यों और हथियार सप्लायर की तलाश जारी है।

जमशेदपुर के जुगसलाई बाजार में 15 मई को कपड़ा कारोबारी पर दिनदहाड़े की गई फायरिंग और रंगदारी वसूली के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात मनीष सिंह गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को बुधवार, 20 मई को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

मुख्य घटनाक्रम

15 मई की दोपहर हथियारबंद बदमाश एक कार से जुगसलाई नगर परिषद बाजार स्थित 'यूनिक कलेक्शन' नामक कपड़ा दुकान में घुस आए और अंदर फायरिंग कर दी। दुकान मालिक दिनेश बेरिया इस हमले में बाल-बाल बच गए। दिनदहाड़े हुई इस गोलीबारी से पूरे बाजार इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

पुलिस के अनुसार, बदमाशों ने पहले कारोबारी से रंगदारी की मांग की थी। इनकार मिलने पर इलाके में दहशत फैलाने और अपना वर्चस्व कायम करने के उद्देश्य से यह हमला किया गया।

जांच और गिरफ्तारी

घटना के बाद जुगसलाई थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी जांच के आधार पर अपराधियों की पहचान की। छापेमारी में पाँच आरोपियों को बर्मामाइंस थाना क्षेत्र के रेलवे यार्ड से और एक अन्य को जुगसलाई के पवट मोहल्ला से गिरफ्तार किया गया।

बरामदगी

गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने चार देशी पिस्तौल, पाँच जिंदा कारतूस, तीन मैगजीन, एक खोखा, घटना में इस्तेमाल की गई कार और छह मोबाइल फोन बरामद किए। पूछताछ में सभी आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है।

आपराधिक पृष्ठभूमि

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार छह आरोपियों में से चार का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है। सभी आरोपी मनीष सिंह गिरोह से जुड़े पाए गए हैं। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब झारखंड के शहरी इलाकों में संगठित आपराधिक गिरोहों द्वारा व्यापारियों को निशाना बनाने की घटनाएँ चिंता का विषय बनी हुई हैं।

पुलिस की प्रतिक्रिया और आगे की जांच

सिटी एसपी ललित मीणा ने बुधवार को प्रेस वार्ता में पूरे मामले की जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि शहर में रंगदारी, जबरन वसूली और आपराधिक गतिविधियों में शामिल किसी भी गिरोह को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस अब गिरोह के शेष सदस्यों और हथियार सप्लायर की पहचान के लिए जांच जारी रखे हुए है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि शहरी व्यापारिक इलाकों में संगठित गिरोहों की बढ़ती दुस्साहसी पैठ का संकेत है। सीसीटीवी फुटेज से त्वरित पहचान और गिरफ्तारी पुलिस की तकनीकी क्षमता को दर्शाती है, लेकिन असली सवाल यह है कि मनीष सिंह जैसे गिरोह शहर में इतने सक्रिय कैसे हो गए। हथियार सप्लायर अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है — जब तक आपूर्ति श्रृंखला नहीं टूटती, गिरफ्तारियाँ अधूरी कार्रवाई ही रहेंगी।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जमशेदपुर जुगसलाई फायरिंग मामला क्या है?
15 मई को जमशेदपुर के जुगसलाई बाजार स्थित 'यूनिक कलेक्शन' कपड़ा दुकान में हथियारबंद बदमाशों ने घुसकर फायरिंग की थी। यह हमला कारोबारी दिनेश बेरिया द्वारा रंगदारी देने से इनकार करने के बाद किया गया था।
मनीष सिंह गिरोह के कितने सदस्य गिरफ्तार हुए?
पुलिस ने मनीष सिंह गिरोह के कुल 6 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनमें से 5 को बर्मामाइंस थाना क्षेत्र के रेलवे यार्ड से और एक को जुगसलाई के पवट मोहल्ला से पकड़ा गया।
पुलिस ने आरोपियों के पास से क्या बरामद किया?
गिरफ्तार आरोपियों के पास से 4 देशी पिस्तौल, 5 जिंदा कारतूस, 3 मैगजीन, 1 खोखा, घटना में इस्तेमाल की गई कार और 6 मोबाइल फोन बरामद किए गए।
पुलिस ने अपराधियों की पहचान कैसे की?
पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों की पहचान की। सभी आरोपियों ने पूछताछ में घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है।
क्या इस मामले में अभी और गिरफ्तारियाँ होंगी?
सिटी एसपी ललित मीणा के अनुसार, पुलिस गिरोह के शेष सदस्यों और हथियार सप्लायर की तलाश में जांच जारी रखे हुए है। रंगदारी और जबरन वसूली में शामिल किसी भी गिरोह को बख्शा नहीं जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले