12 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

यूपी एटीएस ने अल-कायदा (AQIS) से जुड़े 19 वर्षीय संदिग्ध आतंकी को आज़मगढ़ से किया गिरफ्तार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
यूपी एटीएस ने अल-कायदा (AQIS) से जुड़े 19 वर्षीय संदिग्ध आतंकी को आज़मगढ़ से किया गिरफ्तार

सारांश

यूपी एटीएस ने आज़मगढ़ से AQIS लिंक वाले 19 वर्षीय संदिग्ध को दबोचा, जो व्हाट्सएप ग्रुप के ज़रिये बांग्लादेश, म्यांमार और सऊदी अरब के लोगों से जुड़कर कथित तौर पर 'गज़वा-ए-हिंद' की योजना बना रहा था। पिछले माह ठाणे में भी ऐसी ही गिरफ्तारी हुई — ऑनलाइन कट्टरपंथ अब सुरक्षा एजेंसियों की सबसे बड़ी चिंता है।

मुख्य बातें

यूपी एटीएस ने 12 सितंबर को AQIS से कथित तौर पर जुड़े 19 वर्षीय मोहम्मद नबील को आज़मगढ़ से गिरफ्तार किया।
आरोपी ने 'गालिब-इल्लल्लाह' नामक व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर जिहाद के लिए कोड वर्ड का इस्तेमाल किया।
ग्रुप से बांग्लादेश , म्यांमार और सऊदी अरब के लोग भी जुड़े थे।
पिछले माह ठाणे एटीएस ने भी आतंकी वीडियो शेयर करने वाले सोहेल रज्जाक शेख को गिरफ्तार किया था।
सुरक्षा एजेंसियाँ ऑनलाइन कट्टरपंथ के ख़िलाफ़ निगरानी तेज़ कर रही हैं; और गिरफ्तारियों के संकेत।

उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने शनिवार, 12 सितंबर को बड़ी कार्रवाई करते हुए आतंकवादी संगठन अल-कायदा इन द इंडियन सब-कॉन्टिनेंट (AQIS) से कथित तौर पर जुड़े एक 19 वर्षीय संदिग्ध को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी आज़मगढ़ ज़िले के दीदारगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत चितारा, महमूदपुर से हुई है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिये AQIS की विचारधारा का प्रसार कर रहा था और युवाओं को कट्टरपंथी बनाने की कोशिश कर रहा था।

गिरफ्तार आरोपी और आरोपों का ब्यौरा

गिरफ्तार संदिग्ध की पहचान मोहम्मद नबील के रूप में हुई है। एटीएस के मुताबिक, नबील ने 'गालिब-इल्लल्लाह' नाम से एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया था, जिसमें वह जिहाद, चाकू, केमिकल और हमलों की योजना के लिए कोड वर्ड का इस्तेमाल करता था। जाँच अधिकारियों के अनुसार, आरोपी की कथित योजना अन्य देशों के सदस्यों को जोड़कर पाकिस्तान के सहयोग से 'गज़वा-ए-हिंद' को अंजाम देने की थी।

जाँच में यह भी सामने आया कि इस व्हाट्सएप ग्रुप से बांग्लादेश, म्यांमार और सऊदी अरब के लोग भी जुड़े हुए थे, जो इस मामले को अंतरराष्ट्रीय आयाम देता है। एटीएस ने आरोपी के मोबाइल और डिजिटल उपकरणों को ज़ब्त कर आगे की फ़ॉरेंसिक जाँच शुरू कर दी है।

ऑनलाइन कट्टरपंथ का बढ़ता ख़तरा

यह गिरफ्तारी ऐसे समय में आई है जब सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप के ज़रिये कट्टरपंथी विचारधारा फैलाने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। गौरतलब है कि AQIS — अल-कायदा की दक्षिण एशिया शाखा — भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और म्यांमार में अपना नेटवर्क फैलाने की कोशिश करती रही है। सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, ऑनलाइन रिक्रूटमेंट अब पारंपरिक तरीकों से कहीं ज़्यादा प्रभावी साबित हो रहा है, ख़ासकर कम उम्र के युवाओं के बीच।

पिछले महीने ठाणे में भी हुई थी इसी तरह की कार्रवाई

यह यूपी एटीएस की कार्रवाई ठीक उस समय आई है जब पिछले माह महाराष्ट्र के ठाणे में एटीएस ने सोहेल रज्जाक शेख नामक एक ट्रक ड्राइवर को गिरफ्तार किया था। शेख पर आरोप था कि उसने इंस्टाग्राम पर एक ग्रुप बनाकर उसमें क़रीब 200 लोगों को जोड़ा और लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर फ़रहतुल्लाह ग़ौरी तथा जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अज़हर के वीडियो शेयर किए। पूछताछ में शेख ने कथित तौर पर बताया कि उसे इन आतंकी नेताओं के भाषण सुनना पसंद था, जिसके चलते वह उनके वीडियो डाउनलोड कर सोशल मीडिया पर पोस्ट करता था।

ठाणे और आज़मगढ़ की ये दोनों गिरफ्तारियाँ एक व्यापक पैटर्न की ओर इशारा करती हैं — जहाँ सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म को कट्टरपंथी प्रचार और भर्ती के लिए व्यवस्थित रूप से इस्तेमाल किया जा रहा है।

सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता

यूपी एटीएस की यह कार्रवाई दर्शाती है कि भारतीय सुरक्षा एजेंसियाँ ऑनलाइन कट्टरपंथ के ख़िलाफ़ अपनी निगरानी तेज़ कर रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि एन्क्रिप्टेड प्लेटफ़ॉर्म पर गतिविधियों की पहचान करना अब भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, और इसके लिए अंतरराष्ट्रीय ख़ुफ़िया सहयोग की ज़रूरत है। नबील की गिरफ्तारी के बाद एटीएस ने संकेत दिया है कि इस नेटवर्क से जुड़े और भी लोगों की तलाश जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन बड़ा सवाल यह है कि प्लेटफ़ॉर्म कंपनियों को कट्टरपंथी कंटेंट रोकने की ज़िम्मेदारी कब लेनी होगी। जब तक व्हाट्सएप जैसे प्लेटफ़ॉर्म पर ऐसे ग्रुप अंतरराष्ट्रीय सदस्यों के साथ बिना रोक-टोक चलते रहेंगे, गिरफ्तारियाँ प्रतिक्रियात्मक ही रहेंगी, निवारक नहीं।
RashtraPress
12 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूपी एटीएस ने AQIS से जुड़े किस संदिग्ध को गिरफ्तार किया?
एटीएस ने आज़मगढ़ ज़िले के दीदारगंज क्षेत्र से 19 वर्षीय मोहम्मद नबील को गिरफ्तार किया है। उस पर आरोप है कि वह अल-कायदा इन द इंडियन सब-कॉन्टिनेंट (AQIS) की विचारधारा का प्रचार कर युवाओं को कट्टरपंथी बना रहा था।
AQIS (अल-कायदा इन द इंडियन सब-कॉन्टिनेंट) क्या है?
AQIS अल-कायदा की दक्षिण एशिया शाखा है, जो भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और म्यांमार में अपना नेटवर्क फैलाने की कोशिश करती है। यह मुख्य रूप से ऑनलाइन प्रचार और भर्ती पर निर्भर करती है।
आरोपी व्हाट्सएप ग्रुप में क्या गतिविधि करता था?
आरोपी ने 'गालिब-इल्लल्लाह' नामक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया था जिसमें जिहाद, चाकू, केमिकल और हमलों की योजना के लिए कोड वर्ड इस्तेमाल होते थे। इस ग्रुप से बांग्लादेश, म्यांमार और सऊदी अरब के लोग भी जुड़े थे।
ठाणे में पिछले माह कौन-सी इसी तरह की गिरफ्तारी हुई थी?
महाराष्ट्र एटीएस ने ठाणे के पड़घा इलाके से ट्रक ड्राइवर सोहेल रज्जाक शेख को गिरफ्तार किया था, जो इंस्टाग्राम ग्रुप पर लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद नेताओं के वीडियो शेयर करता था।
इस गिरफ्तारी के बाद आगे क्या कार्रवाई होगी?
एटीएस ने संकेत दिया है कि इस नेटवर्क से जुड़े और भी लोगों की तलाश जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं। आरोपी के डिजिटल उपकरणों की फ़ॉरेंसिक जाँच चल रही है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले