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क्या यूपी एटीएस को मिली है बड़ी सफलता? दो आरोपी गिरफ्तार!

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क्या यूपी एटीएस को मिली है बड़ी सफलता? दो आरोपी गिरफ्तार!

सारांश

यूपी एटीएस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है जो भारत विरोधी गतिविधियों में लिप्त थे। इस महत्वपूर्ण कार्रवाई ने आतंकवाद निरोधी प्रयासों में एक नया मोड़ दिया है। जानें पूरी खबर और इसके पीछे की कहानी।

मुख्य बातें

यूपी एटीएस की कार्रवाई ने आतंकवाद के खिलाफ एक नई दिशा दी है।
दोनों आरोपी हिंसात्मक जिहाद के समर्थक थे।
सोशल मीडिया का दुरुपयोग एक बड़ा खतरा है।
संघीय एजेंसियों के बीच सहयोग की आवश्यकता है।
भारत में सांप्रदायिक सद्भाव को बनाए रखना आवश्यक है।

मुंबई/लखनऊ, 4 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधी दस्ते (यूपी एटीएस) को एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। यूपी एटीएस ने भारत विरोधी आपराधिक षड्यंत्र में लिप्त और सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने का प्रयास करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।

एक आरोपी की गिरफ्तारी मुंबई के ठाणे जिले के बदलापुर से हुई है, जिसका नाम उसामा माज शेख है, जबकि दूसरे आरोपी को उत्तर प्रदेश के अमरोहा से पकड़ा गया, जिसका नाम अजमल अली है।

इन आरोपियों के पास रिवाइविंग इस्लाम नामक एक व्हाट्सएप ग्रुप है, जिसमें 3 एडमिन सहित लगभग 400 पाकिस्तानी सदस्य हैं। इस ग्रुप में एक मोबाइल नंबर उत्तर प्रदेश का भी जुड़ा है, और यह नंबर अजमल अली का है, जो विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से राष्ट्रविरोधी और गैर-मुस्लिम धर्म के व्यक्तियों के प्रति कट्टरपंथी विचारधारा को फैलाने का कार्य कर रहा था।

एटीएस ने अजमल अली को पूछताछ के लिए बुलाया, जहां उसने अपने अपराध को स्वीकार किया और बताया कि वह व्हाट्सएप ग्रुप के अलावा अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कई पाकिस्तानी व्यक्तियों से जुड़ा था।

उसने यह भी बताया कि वह एक इंस्टाग्राम आईडी से जुड़ा था, जिसका उपयोगकर्ता उसामा माज शेख था, जिसे वह अपना सीनियर मानता था। उनकी बातचीत में भारत-विरोधी विचारों का प्रचार किया जाता था और भारत की चुनी हुई सरकार को गिराकर शरिया लागू करने की योजना बनाई जाती थी।

इस मामले में अजमल अली को गिरफ्तार करके न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इसके बाद, यूपी एटीएस ने सोमवार को उसामा माज शेख को बदलापुर से पकड़ा। दोनों आरोपियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से कई पाकिस्तानी व्यक्तियों के संपर्क में रहकर हिंसात्मक जिहाद के ज़रिए भारत में गजवा-ए-हिंद के माध्यम से शरिया कानून लागू करने की योजना बनाई थी।

ये दोनों आरोपी मुस्लिम युवाओं को गैर-मुस्लिमों के खिलाफ भड़काने और उनमें रोष पैदा करने का कार्य कर रहे थे, जिससे उन्हें भारत विरोधी आपराधिक गतिविधियों के लिए प्रेरित किया जा सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह संघीय एजेंसियों के बीच सहयोग की भी आवश्यकता को उजागर करती है। हमें एकजुट होकर इस चुनौती का सामना करने की जरूरत है।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूपी एटीएस ने किन आरोपियों को गिरफ्तार किया?
यूपी एटीएस ने उसामा माज शेख और अजमल अली को गिरफ्तार किया है।
इन आरोपियों का संबंध किस ग्रुप से है?
इन दोनों आरोपियों का संबंध रिवाइविंग इस्लाम नामक व्हाट्सएप ग्रुप से है।
क्या आरोपियों ने अपने अपराध को स्वीकार किया?
हाँ, अजमल अली ने पूछताछ के दौरान अपने अपराध को स्वीकार किया।
इनका मुख्य उद्देश्य क्या था?
हिंसात्मक जिहाद के माध्यम से भारत में शरिया कानून लागू करना।
क्या यह गिरफ्तारी सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है?
जी हाँ, यह गिरफ्तारी भारत विरोधी गतिविधियों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम है।
राष्ट्र प्रेस
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