यूपी एटीएस ने आजमगढ़ से आतंकी मोहम्मद शेख को किया गिरफ्तार, पाक हैंडलर से था कनेक्शन
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ते (यूपी एटीएस) ने 1 जून 2025 को आजमगढ़ से मोहम्मद शेख को गिरफ्तार किया। जाँच एजेंसी के अनुसार, आरोपी पाकिस्तान स्थित गैंगस्टर शहजाद भट्टी के आतंकी नेटवर्क और कथित तौर पर आईएसआई से जुड़े तत्वों के लिए काम कर रहा था। इस गिरफ्तारी के बाद उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर का तीखा बयान सामने आया है।
गिरफ्तारी का विवरण
एटीएस के मुताबिक, आजमगढ़ निवासी मोहम्मद शेख व्हाट्सएप और सोशल मीडिया के ज़रिए शहजाद भट्टी गैंग से जुड़ा हुआ था। वह उसकी विचारधारा से प्रभावित होकर जिहाद संबंधी बातें करता था और अन्य युवाओं को भी इस नेटवर्क से जोड़ने का प्रयास कर रहा था। जाँच एजेंसी का दावा है कि आरोपी को गैंग के हैंडलरों अजमल गुजर और रजा पाकिस्तानी द्वारा संचालित किया जा रहा था।
हथियार और साज़िश का खुलासा
एटीएस के अनुसार, आरोपी को एक राजनीतिक दल की महिला नेता की हत्या करने के लिए प्रेरित किया गया था और बाद में किसी बड़े मिशन में शामिल करने का आश्वासन दिया गया था। जाँच एजेंसी का दावा है कि उसने इस योजना को अंजाम देने की तैयारी में 9 एमएम की एक पिस्टल और 4 कारतूस की व्यवस्था कर ली थी। गिरफ्तार आरोपी के पास से 1 पिस्टल (9 एमएम), 4 कारतूस (9 एमएम) और 1 मोबाइल फोन बरामद किया गया है।
कट्टरपंथीकरण का तरीका
एटीएस के अनुसार, पाकिस्तान स्थित हैंडलर सोशल मीडिया के माध्यम से भारतीय युवाओं को जोड़कर उन्हें धन और धार्मिक उकसावे के ज़रिए कट्टरपंथी बनाने तथा स्लीपर सेल के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे थे। यह ऐसे समय में आया है जब सुरक्षा एजेंसियाँ ऑनलाइन कट्टरपंथीकरण के बढ़ते मामलों पर नज़र बनाए हुए हैं।
मंत्री ओम प्रकाश राजभर की प्रतिक्रिया
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि एटीएस ने देश और समाज के हित में कार्रवाई की है और उसकी सराहना की जानी चाहिए। उन्होंने कहा, 'दुख इस बात का है कि आतंकवादी आजमगढ़ से ही गिरफ्तार होता है; यहाँ ऐसे लोगों को पनाह मिलती है।' राजभर ने आगे सवाल उठाया कि आजमगढ़ को समाजवादी पार्टी (सपा) का गढ़ कहा जाता है — क्या इन लोगों को सपा का संरक्षण मिलता है? गौरतलब है कि यह एक राजनीतिक आरोप है जिस पर समाजवादी पार्टी की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
आगे की जाँच
एटीएस मामले की आगे जाँच कर रही है। आरोपी के संपर्क नेटवर्क और संभावित अन्य सहयोगियों की पहचान के लिए मोबाइल फोन के डेटा की जाँच की जा रही है। यह मामला उत्तर प्रदेश में सक्रिय स्लीपर सेल नेटवर्क को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की बढ़ती चिंता को उजागर करता है।