यूपी एटीएस ने जैश-ए-मोहम्मद के कथित आतंकी को दबोचा, मदरसे की आड़ में क्रिप्टो से भेजता था पाकिस्तान फंड
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से कथित तौर पर जुड़े 24 वर्षीय मोहम्मद जफर उर्फ मोहम्मद जहीर को 16 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया। बिहार के पूर्णिया जिले के ग्राम मीरगंज निवासी इस युवक पर आरोप है कि वह मदरसे की आड़ में चंदा जुटाकर क्रिप्टोकरेंसी के ज़रिए पाकिस्तानी आतंकी हैंडलरों को धन भेजता था।
मुख्य घटनाक्रम
एटीएस के अनुसार, आरोपी जफर ने मेरठ के एक मदरसे में पढ़ाई के दौरान जैश-ए-मोहम्मद की विचारधारा से प्रभावित होकर मसूद अजहर की कथित भड़काऊ और जिहादी सामग्री को सोशल मीडिया पर साझा करना शुरू किया। जांच एजेंसी का दावा है कि उसने फेसबुक पर चेहरा ढककर जिहाद और खिलाफत से जुड़े बयान दिए तथा लोगों को हिंसक जिहाद के लिए प्रेरित किया।
एटीएस को आरोपी के मोबाइल फोन से पाकिस्तान के कई जिहादी व्हाट्सऐप समूह मिले, जिनमें जिहाद और चंदे से संबंधित बातचीत दर्ज थी। पूछताछ में जफर ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने पाकिस्तानी हैंडलर से बाइनेंस खाते की मांग की और यूएसडीटी (क्रिप्टोकरेंसी) के रूप में कई बार धनराशि भेजी।
फंडिंग का तरीका
जांच के अनुसार, आरोपी ने शुरुआत में पारंपरिक बैंकिंग माध्यम से पैसे भेजने का प्रयास किया, जो असफल रहा। इसके बाद उसने पाकिस्तानी संदिग्धों के संपर्क में आकर क्रिप्टो एक्सचेंज प्लेटफॉर्म बाइनेंस के ज़रिए यूएसडीटी के रूप में धन हस्तांतरित किया। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय सुरक्षा एजेंसियाँ आतंकी वित्तपोषण में क्रिप्टोकरेंसी के बढ़ते उपयोग पर नज़र रख रही हैं।
कानूनी कार्रवाई
यूपी एटीएस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 13/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 152 और 61(2) तथा गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम-1967 की धाराओं 18 और 38 के तहत मामला दर्ज किया है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश कर आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
गौरतलब है कि जैश-ए-मोहम्मद भारत में प्रतिबंधित संगठन है और इसके प्रमुख मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र ने वैश्विक आतंकवादी घोषित किया हुआ है। यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब भारत-पाकिस्तान के बीच सीमापार आतंकवाद को लेकर तनाव का माहौल है। यूपी एटीएस ने हाल के महीनों में कई संदिग्ध आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है।
आगे की जांच
एटीएस सूत्रों के अनुसार, आरोपी के पाकिस्तानी हैंडलरों की पहचान और उनसे जुड़े नेटवर्क की जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि क्रिप्टो ट्रांजेक्शन के डिजिटल ट्रेल की गहन जांच की जा रही है, जिससे अन्य संदिग्धों तक पहुंचा जा सके।